इंदौर में जल संकट गहराया! टैंकर के दाम 1000 रुपये तक पहुंचे, पॉश कॉलोनियां भी प्यास से बेहाल
भीषण गर्मी के इस दौर में शहर की सबसे बड़ी जरूरत पानी अब सबसे बड़ी परेशानी बनती जा रही है। तापमान जैसे-जैसे 45 डिग्री के करीब पहुंच रहा है, वैसे-वैसे पानी की कमी लोगों के लिए रोज की लड़ाई बन गई है। जो शहर साफ-सफाई और बेहतर व्यवस्थाओं के लिए जाना जाता था, वही अब
भीषण गर्मी के इस दौर में शहर की सबसे बड़ी जरूरत पानी अब सबसे बड़ी परेशानी बनती जा रही है। तापमान जैसे-जैसे 45 डिग्री के करीब पहुंच रहा है, वैसे-वैसे पानी की कमी लोगों के लिए रोज की लड़ाई बन गई है। जो शहर साफ-सफाई और बेहतर व्यवस्थाओं के लिए जाना जाता था, वही अब पानी के संकट से जूझ रहा है।
हर सुबह लोगों की शुरुआत पानी के इंतजार से हो रही है। कहीं लोग टैंकर के पीछे भाग रहे हैं, तो कहीं घंटों लाइन में खड़े होकर पानी भर रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि अब सिर्फ गरीब बस्तियां ही नहीं, बल्कि पॉश कॉलोनियां भी इस संकट की चपेट में आ चुकी हैं।
टैंकर के दाम 1000 रुपये तक, जल संकट बना ‘महंगा सौदा’
शहर में जल संकट का सबसे बड़ा असर पानी के दामों पर देखने को मिल रहा है। कुछ समय पहले तक जो पानी का टैंकर 500 रुपये में मिल जाता था, अब वही 700 से 1000 रुपये तक पहुंच चुका है। इस बढ़ती कीमत ने आम लोगों का बजट बिगाड़ दिया है।
निजी टैंकर संचालकों की मनमानी भी खुलकर सामने आ रही है। मांग ज्यादा और सप्लाई कम होने का फायदा उठाकर कई लोग पानी के दाम बढ़ा रहे हैं। ऐसे में जल संकट सिर्फ परेशानी नहीं, बल्कि एक महंगा सौदा बन गया है।
यह स्थिति खासतौर पर उन इलाकों में ज्यादा खराब है, जहां पाइपलाइन की सुविधा नहीं है। वहां रहने वाले लोग पूरी तरह टैंकर पर निर्भर हो गए हैं और हर दिन महंगे पानी के लिए पैसे खर्च कर रहे हैं।
नल की सप्लाई घटी, 1 घंटे से 15 मिनट पर आ गया पानी
जल संकट का असर नल की सप्लाई पर भी साफ दिखाई दे रहा है। पहले जहां एक घंटे तक पानी आता था, अब वह घटकर सिर्फ 15 मिनट रह गया है। इतने कम समय में पूरे परिवार के लिए पानी भरना किसी चुनौती से कम नहीं है।
नर्मदा लाइन से आने वाले पानी की सप्लाई भी कम हो गई है। इसका सीधा असर शहर के कई इलाकों में देखने को मिल रहा है। कई जगहों पर पानी बिल्कुल नहीं पहुंच रहा, जिससे लोग पूरी तरह वैकल्पिक साधनों पर निर्भर हो गए हैं। जल संकट की वजह से सुबह का समय सबसे ज्यादा तनाव भरा हो गया है। लोग अलार्म लगाकर उठते हैं, ताकि थोड़ी देर के लिए आने वाले पानी को भर सकें।
पॉश कॉलोनियों में भी हाहाकार, हर कोई परेशान
जल संकट अब सिर्फ एक वर्ग की समस्या नहीं रह गया है। शहर के पॉश इलाके भी अब इससे अछूते नहीं हैं। जहां पहले पानी की कोई कमी नहीं होती थी, वहां अब लोग टैंकर का इंतजार कर रहे हैं।
विजय नगर, सुखलिया और नंदा नगर जैसे क्षेत्रों में भी पानी की कमी साफ नजर आ रही है। यहां के लोग बताते हैं कि बोरिंग सूख चुके हैं और नल की सप्लाई बेहद कम हो गई है।
कुछ इलाकों में तो हालात ऐसे हैं कि लोग सुबह 4 बजे उठकर पानी के लिए निकल जाते हैं। साइकिल, ठेला या बाइक पर डिब्बे रखकर पानी ढूंढना अब रोज का काम बन गया है।