MP कांग्रेस का गुरुवार को मुंबई-आगरा हाईवे पर चक्का जाम: जीतू पटवारी ने की गेंहू के लिए भावांतर योजना की मांग, कहा “जेल जाने को तैयार”
मध्यप्रदेश में किसानों के मुद्दों को लेकर कांग्रेस 7 मई को मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम करने जा रही है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा है कि यह आंदोलन किसानों के अधिकारों और उनकी समस्याओं को लेकर किया जा रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार से गेंहूं के लिए भावांतर योजना शुरु करने
मध्यप्रदेश में किसानों के मुद्दों को लेकर कांग्रेस 7 मई को मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम करने जा रही है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा है कि यह आंदोलन किसानों के अधिकारों और उनकी समस्याओं को लेकर किया जा रहा है।
उन्होंने प्रदेश सरकार से गेंहूं के लिए भावांतर योजना शुरु करने की मांग की है। कांग्रेस नेता ने कहा कि जिस दिन गेंहू और धान के लिए भावांतर योजना की घोषणा होगी, वे स्वयं मुख्यमंत्री का नागरिक अभिनंदन करेंगे। लेकिन ऐसा न होने की स्थिति में भविष्य में उनका आंदोलन प्रदेशभर में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चक्काजाम के कारण आम लोगों को परेशानी न हो इसलिए सिर्फ एक हाईवे पर आंदोलन हो रहा है और कांग्रेस का ये आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा।
कांग्रेस करेगी चक्का जाम
मध्यप्रदेश कांग्रेस ने किसानों के विभिन्न मुद्दों को लेकर 7 मई को बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। कांग्रेस नेता इस दौरान किसानों के साथ मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम करेंगे। इसे लेकर जीतू पटवारी ने कहा कि उन्होंने 15 दिन पहले सीएम मोहन यादव से गेहूं खरीदी शुरू करने का आग्रह किया था, लेकिन सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
उन्होंने कहा कि सरकार 2,625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से सिर्फ 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने की बात कर रही है, जबकि प्रदेश में उत्पादन 245 लाख मीट्रिक टन हुआ है। ऐसे में शेष गेहूं का क्या होगा, यह बड़ा सवाल है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केवल गेहूं ही नहीं, बल्कि धान खरीदी और खाद की उपलब्धता को लेकर भी किसान परेशान हैं। पटवारी ने कहा कि बीजेपी सरकार किसानों की अनदेखी कर रही है और इसी के खिलाफ यह आंदोलन किया जा रहा है।
जीतू पटवारी ने की गेंहू के लिए भावांतर योजना की मांग
जीतू पटवारी पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग की है कि गेहूं और धान के लिए भावांतर योजना लागू की जाए। उन्होंने कहा कि “सरकार को तुरंत भावांतर योजना लागू करनी चाहिए और जिन किसानों ने कम दाम पर निजी मंडियों में गेंहू बेचा है, उन्हें अंतर की राशि दी जानी चाहिए।” उन्होंने कहा कि यदि सरकार यह निर्णय लेती है, तो वे स्वयं मुख्यमंत्री का सार्वजनिक अभिनंदन करेंगे।
“जेल जाने को भी तैयार”
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि आम जनता को कम से कम परेशानी हो, इसलिए अभी सिर्फ एक राष्ट्रीय राजमार्ग का चयन किया गया है ताकि आंदोलन की आवाज सीधे दिल्ली तक पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण होगा और इसे “किसान सत्याग्रह” के रूप में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार भावांतय योजना शुरु नहीं करती है तो कांग्रेस पूरे प्रदेश में आंदोलन को और तेज करेगी। जीतू पटवारी ने कहा कि किसानों के अधिकारों की हर स्तर पर लड़ी जाएगी और इसके लिए उन्हें जेल भी जाना पड़े तो वे पीछे नहीं हटेंगे।