हिमंता बिस्वा सरमा ने CM पद से दिया इस्तीफा, 11 मई के बाद नई सरकार का शपथ ग्रहण, मुख्यमंत्री के सवाल पर कही बड़ी बात
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने आज बुधवार 6 मई को अपने पद से इस्तीफा (CM Himanta Biswa Sarma resignation) दे दिया है, उन्होंने राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य को अपना इस्तीफा सौंपा। राज्यपाल ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और निर्देश दिया है कि नई सरकार के गठन तक वे कार्यवाहक मुख्यमंत्री के
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने आज बुधवार 6 मई को अपने पद से इस्तीफा (CM Himanta Biswa Sarma resignation) दे दिया है, उन्होंने राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य को अपना इस्तीफा सौंपा। राज्यपाल ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और निर्देश दिया है कि नई सरकार के गठन तक वे कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में काम करते रहें।
मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद मीडिया से बात करते हुए हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव के नतीजे आधिकारिक तौर पर घोषित कर दिए हैं और परिणाम की अधिसूचना असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य को सौंप दी है, मैंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप कर वर्तमान विधानसभा को भंग करने का अनुरोध किया है जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है, उनके निर्देश पर कार्यवाहक मुख्यमंत्री के तौर पर मैं अभी काम करता रहूँगा।
नए मुख्यमंत्री के सवाल पर ये बोले हिमंता बिस्वा सरमा
असम का नया मुख्यमंत्री कौन होगा इस सवाल का जवाब देते हुए हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने जेपी नड्डा और नायब सिंह सोनी को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है, असम का मुख्य्मंत्री कौन होगा ये विधायक दल तय करेगा, विधायक दल की बैठक के बाद नेता का नाम तय होने केबाद सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।
11 मई के बाद होगा शपथ ग्रहण समारोह
शपथ ग्रहण समारोह के सवाल पर हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 11 मई के बाद हो सकता है , क्योंकि हमने शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया है , हमने इस बार हैट्रिक के साथ शतक भी लगाया है ये बड़ी बात है।
ऐसा रहा है चुनाव परिणाम
उल्लेखनीय है कि असम विधानसभा चुनाव के नतीजों में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 82 सीटें जीती हैं जबकि कांग्रेस को 19 सीटें मिली हैं, इसके अलावा असम गण परिषद् (एजीपी, AGP) ने 10, बीओपीएफ (BOPF) ने 10 सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि एआईयूडीएफ (AIUDF) को सिर्फ 2 सीटों पर जीत हासिल हुई है।