आज नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे PM मोदी, ये है एशिया का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करने वाले हैं। आज लोगों का 24 साल का इंतजार खत्म होने जा रहा है और अब एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद यहां से फ्लाइट्स का आवागमन शुरू हो जाएगा। सुबह लगभग 11:30 बजे प्रधानमंत्री उद्घाटन समारोह संपन्न करने वाले हैं। एयरपोर्ट के उद्घाटन

Mar 28, 2026 - 08:30
आज नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे PM मोदी, ये है एशिया का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करने वाले हैं। आज लोगों का 24 साल का इंतजार खत्म होने जा रहा है और अब एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद यहां से फ्लाइट्स का आवागमन शुरू हो जाएगा। सुबह लगभग 11:30 बजे प्रधानमंत्री उद्घाटन समारोह संपन्न करने वाले हैं।

एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद वह जनसभा को संबोधित करेंगे। लगाया जा रहा है कि जनसभा में लगभग 2 लाख लोग शामिल हो सकते हैं। इसी को देखते हुए SPG के हाथों सुरक्षा व्यवस्था सौंपी गई है। चप्पे चप्पे पर नजर रखी जा रही है।

जवानों को किया गया तैनात

प्रधानमंत्री की सुरक्षा को देखते हुए CISF, PAC, RAF और ATS के जवानों को तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रहे इसके लिए 5000 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी भी लगाई जाने वाली है। पूरे क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरा से की जाएगी इसके लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है। पुलिस हेल्प डेस्क भी उपलब्ध रहेगी।

पूरा इलाका रेड जोन

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पूरे इलाके को रेड जोन घोषित कर दिया गया है। एक ड्रोन सिस्टम एक्टिव है जो हर जगह नजर रखेगा। वाहनों को खड़ा करने के लिए 15 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए शुक्रवार को तैयारी की मॉकड्रिल भी की गई।

कैसा है एयरपोर्ट

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट एशिया का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट है। 11,200 करोड़ के निवेश से विकसित किया गया यह हवाई अड्डा पीपीपी मॉडल पर तैयार किया गया है। इसकी यात्री क्षमता 12 मिलियन प्रति वर्ष है, जो आगे चलकर 70 मिलियन प्रति वर्ष हो जाएगी। इसका रनवे 3900 मीटर लंबा है जहां से बड़े विमान का संचालन आसानी से हो सकता है। इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम और उन्नत और फील्ड लाइटिंग होने की वजह से यहां 24 घंटे उड़ान का संचालन संभव है। शुरुआत में माल ढुलाई क्षमता 2.5 लाख मैट्रिक टन रहने वाली है, जिसे 18 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचाया जाएगा। यह सड़क, रेल और मेट्रो से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।