NEET परीक्षा रद्द होने पर राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को घेरा, कहा- यह सिर्फ एक नाकामी नहीं बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ जुर्म

देशभर में नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों में गहरा असंतोष व्याप्त है, और इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर जमकर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने स्पष्ट रूप से

May 12, 2026 - 16:30
NEET परीक्षा रद्द होने पर राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को घेरा, कहा- यह सिर्फ एक नाकामी नहीं बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ जुर्म

देशभर में नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों में गहरा असंतोष व्याप्त है, और इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर जमकर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने स्पष्ट रूप से कहा कि देशभर के 22 लाख से अधिक परीक्षार्थियों की कड़ी मेहनत, उनके त्याग और भविष्य के सपनों को ‘भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था’ ने निर्ममता से कुचल दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह केवल एक परीक्षा का रद्द होना नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भरोसे का टूटना है, जिन्हें एक बार फिर अनिश्चितता के भंवर में धकेल दिया गया है।

युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ अस्वीकार्य

कांग्रेस नेता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था में पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और व्यापक भ्रष्टाचार ने छात्रों का भविष्य पूरी तरह से दांव पर लगा दिया है। उन्होंने मौजूदा हालात को केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ किया गया एक अक्षम्य ‘अपराध’ करार दिया। राहुल गांधी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि यह एक ऐसा मुद्दा है जो सीधे तौर पर देश के युवाओं के भविष्य और उनके सपनों से जुड़ा है, और इसके साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ अस्वीकार्य है।

राहुल गांधी ने छात्रों की मेहनत पर सवाल उठाने वाली स्थिति पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने भावुक होकर कहा कि किसी पिता ने अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए कर्ज लिया होगा, किसी मां ने अपने गहने बेचे होंगे ताकि उनके बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सकें। वहीं, लाखों छात्रों ने रात-रात भर जागकर, अपनी नींद और आराम का त्याग कर इस परीक्षा की तैयारी की। लेकिन बदले में उन्हें क्या मिला? उन्हें केवल पेपर लीक की खबरें और एक अव्यवस्थित परीक्षा प्रणाली मिली, जिसने उनके सारे प्रयासों पर पानी फेर दिया। यह स्थिति छात्रों के मनोबल को तोड़ने वाली है और उनके अंदर व्यवस्था के प्रति अविश्वास पैदा करती है।

राहुल गांधी का ‘पेपर माफिया’ पर हमला

कांग्रेस नेता ने इस दौरान ‘पेपर माफिया’ पर भी तीखा निशाना साधा। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि हर बार पेपर लीक करने वाले माफिया बच निकलते हैं और इसके बजाय ईमानदार व मेहनती छात्रों को ही इसकी सजा भुगतनी पड़ती है। उनके मुताबिक, शिक्षा व्यवस्था में लगातार हो रही ये गड़बड़ियां न केवल छात्रों का भरोसा तोड़ रही हैं, बल्कि उन्हें यह सोचने पर मजबूर कर रही हैं कि क्या उनकी मेहनत का कोई मोल है भी या नहीं। यह स्थिति शिक्षा के बुनियादी सिद्धांतों को ही कमजोर करती है।

राहुल गांधी ने चिंता व्यक्त की कि इस रद्द हुई परीक्षा के कारण अब लाखों छात्रों को एक बार फिर से मानसिक तनाव, अत्यधिक आर्थिक बोझ और अपने भविष्य को लेकर गहरी अनिश्चितता का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर मेहनत और लगन की जगह पैसे और पहुंच से ही भविष्य तय होगा, तो फिर शिक्षा का वास्तविक मतलब ही क्या रह जाएगा? यह एक ऐसा गंभीर प्रश्न है जो देश की पूरी शिक्षा प्रणाली और सामाजिक न्याय पर सवालिया निशान लगाता है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी सीधा हमला बोला और कहा कि सरकार का तथाकथित ‘अमृतकाल’ देश के युवाओं के लिए ‘विषकाल’ बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने में पूरी तरह विफल रही है, जिससे देश के युवा एक निराशाजनक भविष्य की ओर धकेले जा रहे हैं।