MP में जल जीवन मिशन को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी सरकार को घेरा, उमंग सिंघार बोले “करोड़ों खर्च फिर भी कई गांव प्यासे”
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने ग्वालियर-चंबल अंचल में जल जीवन मिशन की स्थिति को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का “हर घर जल” अभियान जमीनी स्तर पर पूरी तरह विफल साबित हो रहा है और करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद ग्रामीण इलाकों में लोगों को आज
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने ग्वालियर-चंबल अंचल में जल जीवन मिशन की स्थिति को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का “हर घर जल” अभियान जमीनी स्तर पर पूरी तरह विफल साबित हो रहा है और करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद ग्रामीण इलाकों में लोगों को आज भी पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि कई गांवों में पानी की टंकियां तो बना दी गईं, लेकिन पाइपलाइन नहीं बिछी। कहीं पाइपलाइन डाल दी गई तो नलों तक पानी नहीं पहुंच रहा। सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ उद्घाटन और प्रचार में व्यस्त है जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं अधूरी पड़ी हैं।
उमंग सिंघार ने जल जीवन मिशन को लेकर सरकार को घेरा
भाजपा सरकार के जल जीवन मिशन पर कांग्रेस सवाल उठा रही है। उमंग सिंघार ने कहा कि ग्वालियर-चंबल संभाग में करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हैं, फिर भी सैकड़ों गांवों में आज भी नल से पानी नहीं पहुंच रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से उन्होंने कहा कि ग्वालियर जिले में जल जीवन मिशन के तहत 469 गांवों तक नल से जल पहुंचाने के लिए करीब 355 करोड़ रुपए खर्च किए गए, लेकिन बड़ी संख्या में गांव अब भी पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने इसे ग्रामीण जनता के साथ विश्वासघात बताते हुए कहा कि योजना में भ्रष्टाचार और लापरवाही दोनों साफ दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार सिर्फ उद्घाटन और विज्ञापन में व्यस्त है, जबकि ज़मीन पर जनता मूल सुविधाओं के लिए भटक रही है।
ग्वालियर-चंबल संभाग में मिशन पर उठे सवाल
रिपोर्ट्स के अनुसार, ग्वालियर-चंबल संभाग के कई जिलों में मिशन की प्रगति अपेक्षा से काफी पीछे बताई जा रही है। आंकड़ों के अनुसार श्योपुर, गुना, शिवपुरी और अशोकनगर जैसे जिलों में बड़ी संख्या में परिवार अब भी नल कनेक्शन से वंचित हैं। कई स्थानों पर निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है, जबकि कुछ जगह तकनीकी और बिजली संबंधी समस्याओं के कारण सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। इस मामले में ठेकेदारों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि तय समय सीमा में काम पूरा नहीं होने के बावजूद कई परियोजनाओं में पेनल्टी नहीं लगाई गई। जानकारी के अनुसार ग्वालियर जिले में करोड़ों रुपए की दंड राशि अब भी वसूली के दायरे में है।