हिमंत बिस्वा सरमा लगातार दूसरी बार बनें असम के मुख्यमंत्री, गुवाहाटी में 4 विधायकों सहित ली शपथ

हिमंत बिस्वा सरमा दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री बन गए हैं। आज उन्होंने इस पद की शपथ ली और उनके साथ चार विधायकों को भी मंत्री बनाया गया। बता दें कि वह राज्य के पहले गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्री हैं। इसी के साथ असम में राजग सरकार का तीसरा कार्यकाल शुरू हो चुका है। बता दें

May 12, 2026 - 13:30
हिमंत बिस्वा सरमा लगातार दूसरी बार बनें असम के मुख्यमंत्री, गुवाहाटी में 4 विधायकों सहित ली शपथ

हिमंत बिस्वा सरमा दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री बन गए हैं। आज उन्होंने इस पद की शपथ ली और उनके साथ चार विधायकों को भी मंत्री बनाया गया। बता दें कि वह राज्य के पहले गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्री हैं। इसी के साथ असम में राजग सरकार का तीसरा कार्यकाल शुरू हो चुका है।

बता दें कि राजग भाजपा नेतृत्व वाला गंठबंधन है जो साल 2016 में पहली बार मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के नेतृत्व में सत्ता पर काबिज हुआ था। वहीं 2021 में सरमा को सीएम बनाया गया था और अब वो दूसरी बार मुख्यमंत्री बने हैं।

हिमंत सहित चार विधायकों ने ली शपथ

आज हिमंत बिस्वा सरमा ने खानापारा के वेटरनरी कॉलेज मैदान में दूसरी बात असम के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उनके साथ चार विधायकों अरुण बोरा, चरण बोरो, रामेश्वर तेली और अजंता नियोग को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई।

 

Video Credit: ANI

ये राजनेता हुए शामिल

सरमा के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित 40 से अधिक मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री शामिल हुए। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी यहां पहुंचे। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी शपथ ग्रहण समारोह का हिस्सा बने।

कैसा रहा सियासी सफर

हिमंत के सफर की बात करें तो 2015 में उन्होंने कांग्रेस का साथ छोड़कर बीजेपी ज्वाइन की थी। उस समय असम में कांग्रेस का काफी दबदबा था और भाजपा के केवल पांच ही विधायक थे। सरमा ने पूर्वोत्तर में भाजपा को मजबूत करने के लिए रणनीति के साथ काम किया। 2016 में उन्हें भाजपा के नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक एलायंस का संयोजक बनाया गया। धीरे-धीरे पूर्वोत्तर में भाजपा और हिमंत का प्रभाव तेजी से बढ़ता चला गया।

सरमा की शिक्षा की बात करें तो उन्होंने स्कूली पढ़ाई कामरूप अकादमी से पूरी की। इसके बाद कॉटन कॉलेज से राजनीति विज्ञान में बीए और एमए की डिग्री ली। इसके बाद उन्होंने गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से एलएलबी की पढ़ाई की और गुवाहाटी हाई कोर्ट में वकालत भी की। साल 2006 में उन्होंने गुवाहाटी विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि भी प्राप्त की।

हिमंत का राजनीतिक सफर कॉलेज के दिनों से ही शुरू हो गया था वह कॉटन कॉलेज छात्र संघ के महासचिव रहे और ऑल असम स्टूडेंट यूनियन से जुड़े। 1990 में उन्होंने कांग्रेस में प्रवेश किया और 2001 में पहली बार विधायक बने। इस सीट से वो अब तक लगातार जीतते आ रहे हैं।