महंगाई पर ट्रंप का बड़ा फैसला, पेट्रोल-डीजल टैक्स खत्म करने की तैयारी
अमेरिका में ईंधन की बढ़ती कीमतों ने आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इसी बीच एक बड़ा राजनीतिक फैसला चर्चा में है, जो लोगों को राहत देने का दावा कर रहा है। क्या यह कदम वाकई जनता की जेब हल्की करेगा या नई बहस को जन्म देगा?
Washington: अमेरिका में ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही तेज बढ़ोतरी ने आम जनता की परेशानी बढ़ा दी है। ईरान के साथ जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय तेल संकट के बीच पेट्रोल और डीजल के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। इसी स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बड़ा और चौंकाने वाला प्रस्ताव सामने रखा है।
संघीय गैस टैक्स हटाने की तैयारी
ट्रंप ने घोषणा की है कि वे अमेरिका में संघीय गैस टैक्स को अस्थायी रूप से समाप्त करने की दिशा में कदम उठाएंगे। उनका कहना है कि बढ़ती कीमतों के कारण आम नागरिकों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है और राहत देना अब जरूरी हो गया है। हालांकि, यह फैसला सीधे लागू नहीं हो सकता क्योंकि इसके लिए अमेरिकी संसद की मंजूरी अनिवार्य है।
कीमतों में भारी उछाल से जनता परेशान
युद्ध से पहले जहां पेट्रोल की औसत कीमत लगभग 3 डॉलर प्रति गैलन थी, वहीं अब यह बढ़कर 4.52 डॉलर तक पहुंच चुकी है। यह लगभग 50% की वृद्धि है। डीजल और अन्य ईंधन की कीमतों में भी इसी तरह की बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे परिवहन, खेती और रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा असर पड़ा है।
Iran-Israel War: ईरान की किसने की चोरी चुपके मदद, सामने आई चौंकाने वाली जानकारी
संसद में मिल सकता है समर्थन
इस प्रस्ताव पर अमेरिकी संसद में दोनों प्रमुख दलों के सांसदों के बीच सहमति की संभावना जताई जा रही है। कई सांसदों का मानना है कि यह कदम मध्यम वर्ग और छोटे व्यवसायों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है, खासकर उन परिवारों के लिए जो रोजाना निजी वाहनों पर निर्भर हैं।
सरकार के खजाने पर असर
फिलहाल अमेरिका में संघीय सरकार पेट्रोल पर 18.4 सेंट और डीजल पर 24.4 सेंट टैक्स वसूलती है। इस टैक्स से हर साल लगभग 23 बिलियन डॉलर का राजस्व मिलता है, जो सड़क और परिवहन परियोजनाओं में उपयोग होता है। टैक्स हटाने से सरकारी बजट पर भी बड़ा असर पड़ सकता है।
Us-iran Conflict: ट्रंप ने ईरान का जवाब किया खारिज, युद्धविराम वार्ता टूटी
तेल संकट से निपटने की रणनीति
ट्रंप प्रशासन ने पहले ही रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार से लाखों बैरल तेल जारी किया है ताकि बाजार में स्थिरता लाई जा सके। इसके अलावा, कुछ अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति पर लगे प्रतिबंधों में अस्थायी ढील देने पर भी विचार किया गया है। साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर वैश्विक साझेदारी की चर्चा भी तेज हो गई है।