इंदौर के महूनाका चौराहे पर भाजपा नेता और पुलिस में हुआ विवाद, दो पुलिसकर्मी सस्पेंड, टीआई को भी हटाया गया

शुक्रवार दोपहर इंदौर के महूनाका चौराहे पर उस वक्त स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब हेलमेट चेकिंग के दौरान भाजपा के विधानसभा-4 प्रभारी वीरेंद्र शेडगे और ट्रैफिक पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई। दरअसल इस घटना के बाद बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और जमकर हंगामा किया, जिससे चौराहे पर चक्काजाम की

May 8, 2026 - 20:30
इंदौर के महूनाका चौराहे पर भाजपा नेता और पुलिस में हुआ विवाद, दो पुलिसकर्मी सस्पेंड, टीआई को भी हटाया गया

शुक्रवार दोपहर इंदौर के महूनाका चौराहे पर उस वक्त स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब हेलमेट चेकिंग के दौरान भाजपा के विधानसभा-4 प्रभारी वीरेंद्र शेडगे और ट्रैफिक पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई। दरअसल इस घटना के बाद बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और जमकर हंगामा किया, जिससे चौराहे पर चक्काजाम की स्थिति बन गई। विवाद बढ़ने पर दो ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया और ट्रैफिक टीआई को फील्ड ड्यूटी से हटाकर कार्यालय में अटैच कर दिया गया।

दरअसल वीरेंद्र शेडगे ने पुलिसकर्मियों पर अभद्रता और मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि उन्हें सिग्नल के पास रोका गया और चांटा मार दिया गया। शेडगे ने इस घटना का कड़ा विरोध करते हुए वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही भाजपा कार्यकर्ता तुरंत महूनाका चौराहे पर जमा हो गए और संबंधित महिला टीआई सहित अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे।

वहीं यातायात पुलिस ने स्थिति को बिगड़ते देख त्वरित कार्रवाई की। दरअसल एसीपी शिवेंदु जोशी ने बताया कि ट्रैफिक पुलिसकर्मियों कॉन्स्टेबल शेखर और सूबेदार लक्ष्मी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही ट्रैफिक टीआई राधा यादव को कार्यालय में अटैच कर दिया गया है। एसीपी शिवेंदु जोशी ने यह भी बताया कि घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और फुटेज सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कैसे हुआ विवाद?

जानकारी के अनुसार, वीरेंद्र शेडगे तरण पुष्कर का काम देखते हैं और विधानसभा-4 के प्रभारी के तौर पर भी कार्यरत हैं। शुक्रवार दोपहर वे अपने दोपहिया वाहन से कहीं जा रहे थे। इसी दौरान महूनाका चौराहे पर टीआई राधा यादव, श्रद्धा और लक्ष्मी धुर्वे हेलमेट चेकिंग अभियान चला रही थीं। बताया जा रहा है कि चेकिंग के दौरान एक पुलिसकर्मी अचानक वीरेंद्र शेडगे के सामने आ गया और हाथ देकर उनकी बाइक रोकने का प्रयास किया। शेडगे का आरोप है कि जब बाइक नहीं रुकी, तो पुलिसकर्मी ने चलती गाड़ी पर हाथ उठा दिया, जिसके बाद विवाद ने गंभीर रूप ले लिया।

सीसीटीवी और अन्य वीडियो फुटेज की जांच की

वहीं, ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने वीरेंद्र शेडगे पर मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इसी कारण उन्हें रोका गया था। मामला बढ़ने पर ट्रैफिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर लगे सीसीटीवी और अन्य वीडियो फुटेज की जांच की। शुरुआती जांच में वीरेंद्र शेडगे मोबाइल पर बात करते हुए नजर नहीं आए। इस स्थिति के बाद भाजपा कार्यकर्ता महिला टीआई और अन्य पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की अपनी मांग पर और अधिक अड़ गए।

महूनाका चौराहे पर चक्काजाम किया

दरअसल विरोध प्रदर्शन इतना बढ़ गया कि कार्यकर्ताओं ने महूनाका चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने से इलाके में यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात करना पड़ा। पुलिस अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन देर तक तनाव का माहौल बना रहा।

टीआई राधा यादव ने क्या कहा?

वहीं इस पूरे घटनाक्रम पर टीआई राधा यादव ने अपनी सफाई दी है। उन्होंने बताया कि विवाद की शुरुआत के समय वह महूनाका पर मौजूद नहीं थीं। यादव के अनुसार, वह उस वक्त पलासिया डीसीपी कार्यालय में एक बैठक में शामिल थीं। वहां से कार्यालय लौटते समय उन्हें महूनाका क्षेत्र में सूबेदार लक्ष्मी धुर्वे के साथ विवाद की सूचना मिली। जब वे मौके पर पहुंचीं, तब वहां पहले से ही बहस चल रही थी। इसी दौरान एसीपी सुप्रिया चौधरी ने उन्हें उषानगर में यातायात डायवर्जन व्यवस्था संभालने के लिए भेज दिया। टीआई यादव ने सवाल उठाया कि जब वे विवाद की शुरुआत में मौजूद नहीं थीं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों की गई, इसकी जानकारी उन्हें भी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से भी यह बात स्पष्ट हो जाएगी कि विवाद के दौरान वह वहां नहीं थीं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा कार्यकर्ता मोबाइल पर बात करते हुए जा रहे थे, इसी बात पर उन्हें रोका गया था, जिसके बाद विवाद की स्थिति बनी।