अवध एक्सप्रेस 19038: रूट, टाइम टेबल, रेक, लोको और सभी स्टॉपेज की पूरी जानकारी

अवध एक्सप्रेस 19038 ट्रेन की पूरी जानकारी हिंदी में – रूट, टाइम टेबल, स्टॉपेज, रेक, लोकोमोटिव, रेलवे डिविजन और प्रमुख शहरों की जानकारी पढ़ें।

Mar 11, 2026 - 18:44
Mar 11, 2026 - 20:49
अवध एक्सप्रेस 19038: रूट, टाइम टेबल, रेक, लोको और सभी स्टॉपेज की पूरी जानकारी


अवध एक्सप्रेस 19038: बरौनी से बांद्रा तक का सफर, जानिए रूट, समय सारणी और इतिहास


1. प्रस्तावना: भारतीय रेल की जीवनरेखा - अवध एक्सप्रेस 19038

भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्कों में से एक है, और इस नेटवर्क की कुछ ट्रेनें ऐसी हैं जिन्हें 'जनता की ट्रेन' कहा जाता है। अवध एक्सप्रेस (19038) भी इन्हीं में से एक है। बिहार के बरौनी जंक्शन (BJU) से शुरू होकर महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के बांद्रा टर्मिनस (BDTS) तक जाने वाली यह ट्रेन उत्तर भारत, मध्य भारत और पश्चिम भारत को एक सूत्र में पिरोती है।

यह ट्रेन न केवल एक जिला या राज्य को जोड़ती है, बल्कि यह लाखों प्रवासियों, व्यापारियों और पर्यटकों के लिए एक भरोसेमंद साथी है। लगभग 1900 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करने वाली यह ट्रेन पांच बड़े राज्यों—बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान (धौलपुर क्षेत्र), गुजरात और महाराष्ट्र से होकर गुजरती है।


2. अवध एक्सप्रेस का इतिहास और भारतीय रेलवे में इसका महत्व

अवध एक्सप्रेस का नाम 'अवध' क्षेत्र (मध्य उत्तर प्रदेश) के नाम पर रखा गया है। ऐतिहासिक रूप से, यह ट्रेन लखनऊ और कानपुर जैसे शहरों के लिए एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग रही है। शुरुआत में, यह ट्रेन लखनऊ और मुंबई के बीच चला करती थी, लेकिन इसकी बढ़ती लोकप्रियता और मांग को देखते हुए इसके मार्ग का विस्तार किया गया।

ऐतिहासिक महत्व:

  • यह ट्रेन उन शुरुआती लंबी दूरी की ट्रेनों में से एक है जिसने उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों को सीधे मुंबई से जोड़ा।

  • इसका परिचालन पश्चिम रेलवे (Western Railway) द्वारा किया जाता है।

  • यह ट्रेन अपनी पंक्चुअलिटी (समयबद्धता) के लिए उतनी प्रसिद्ध नहीं है जितनी अपनी कनेक्टिविटी के लिए है, क्योंकि यह रास्ते में सैकड़ों छोटे-बड़े स्टेशनों को सेवा प्रदान करती है।


3. बरौनी जंक्शन से बांद्रा टर्मिनस: पूरा रूट मैप

अवध एक्सप्रेस का मार्ग काफी लंबा और घुमावदार है। यह ट्रेन पूर्व मध्य रेलवे (ECR), पूर्वोत्तर रेलवे (NER), उत्तर मध्य रेलवे (NCR), पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) और पश्चिम रेलवे (WR) के क्षेत्रों से होकर गुजरती है।

मुख्य रूट हाइलाइट्स:

  1. बिहार: बरौनी, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, बापूधाम मोतीहारी, बेतिया।

  2. उत्तर प्रदेश: गोरखपुर, बस्ती, गोंडा, बाराबंकी, लखनऊ (ऐशबाग), कानपुर सेंट्रल, इटावा, टूंडला, आगरा फोर्ट।

  3. राजस्थान: धौलपुर।

  4. मध्य प्रदेश: मुरैना (सीमावर्ती क्षेत्र), हालांकि मुख्य भाग राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बॉर्डर से निकलता है।

  5. गुजरात: सूरत, वापी, वलसाड।

  6. महाराष्ट्र: बोरीवली, बांद्रा टर्मिनस।


4. समय सारणी और कुल दूरी (Detailed Timetable)

ट्रेन संख्या 19038 बरौनी से प्रतिदिन चलती है। इसकी यात्रा लगभग 44 से 46 घंटे के बीच पूरी होती है।

स्टेशन आगमन समय प्रस्थान समय दूरी (किमी)
बरौनी जंक्शन (BJU) -- 07:20 (दिन 1) 0
मुजफ्फरपुर जंक्शन 09:35 09:40 103
गोरखपुर जंक्शन 17:05 17:15 413
लखनऊ ऐशबाग 00:05 00:15 (दिन 2) 684
कानपुर सेंट्रल 01:45 01:50 756
आगरा फोर्ट 06:15 06:20 1008
सवाई माधोपुर 12:15 12:20 1238
कोटा जंक्शन 13:45 13:55 1346
रतलाम जंक्शन 18:35 18:45 1612
सूरत 23:22 23:27 1923
बांद्रा टर्मिनस (BDTS) 04:05 (दिन 3) -- 2175

5. प्रमुख स्टेशनों की सूची (Major Stoppages)

अवध एक्सप्रेस अपने पूरे सफर में लगभग 80 से अधिक स्टेशनों पर रुकती है। यहाँ कुछ प्रमुख स्टेशनों की सूची दी गई है:

  • बिहार: समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, नरकटियागंज।

  • उत्तर प्रदेश: गोरखपुर, खलीलाबाद, बस्ती, मनकापुर, गोंडा, बाराबंकी, लखनऊ ऐशबाग, कानपुर सेंट्रल, इटावा, फिरोजाबाद, आगरा फोर्ट।

  • राजस्थान/गुजरात/महाराष्ट्र: बयाना, गंगापुर सिटी, सवाई माधोपुर, कोटा, रामगंज मंडी, नागदा, रतलाम, वडोदरा, भरूच, सूरत, वलसाड, वापी, बोरीवली।


6. लोकप्रिय शहर और उनका महत्व

इस ट्रेन के मार्ग में आने वाले कई शहर न केवल रेलवे स्टेशन हैं बल्कि सांस्कृतिक और आर्थिक केंद्र भी हैं:

  1. गोरखपुर: यह पूर्वोत्तर रेलवे का मुख्यालय है और बाबा गोरखनाथ की नगरी के रूप में प्रसिद्ध है।

  2. लखनऊ: नवाबों का शहर और उत्तर प्रदेश की राजधानी। यहाँ से भारी संख्या में यात्री मुंबई के लिए सवार होते हैं।

  3. कानपुर: इसे 'पूर्व का मैनचेस्टर' कहा जाता है। यह एक प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र है।

  4. आगरा: ताजमहल की नगरी। यहाँ बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक इस ट्रेन का उपयोग मथुरा या कोटा जाने के लिए करते हैं।

  5. कोटा: भारत की कोचिंग राजधानी। बिहार और यूपी के हजारों छात्र जो यहाँ पढ़ते हैं, उनके लिए अवध एक्सप्रेस घर आने-जाने का प्रमुख साधन है।

  6. सूरत: भारत का हीरा और टेक्सटाइल हब। प्रवासियों के लिए यह एक अनिवार्य स्टॉपेज है।


7. रेक कंपोजिशन (Rake Composition)

अवध एक्सप्रेस आधुनिक LHB (Linke Hofmann Busch) कोच के साथ चलती है, जो यात्रियों को बेहतर सुरक्षा और आराम प्रदान करते हैं।

  • LHB कोच की कुल संख्या: सामान्यतः 22 कोच।

  • कोच के प्रकार:

    • AC 2-Tier: 1 या 2 कोच।

    • AC 3-Tier: 4 से 6 कोच।

    • Sleeper Class (SL): 8 से 10 कोच (सबसे अधिक मांग वाला)।

    • General/Unreserved (GS): 2 से 3 कोच।

    • Pantry Car: उपलब्ध (लंबी दूरी के कारण)।

    • EOG/Power Car: 2 कोच।


8. लोकोमोटिव (Locomotive) और लोको शेड्स

अवध एक्सप्रेस एक इलेक्ट्रिक ट्रेन है जो पूरे रास्ते बिजली के इंजन से चलती है।

  • मुख्य इंजन: आमतौर पर इसे WAP-7 या WAP-4 इंजन खींचता है।

  • लोको शेड: वडोदरा (BRC) या गाजियाबाद (GZB) के हाई-हॉर्सपावर इंजन अक्सर इसमें देखे जाते हैं।

  • WAP-7 इंजन 6000 HP से अधिक की शक्ति प्रदान करता है, जिससे ट्रेन को ढलान वाले और भारी ट्रैफिक वाले क्षेत्रों में गति बनाए रखने में मदद मिलती है।


9. रेलवे जोन और डिवीजन

यह ट्रेन भारतीय रेल के जटिल नेटवर्क को पार करती है:

  1. पूर्व मध्य रेलवे (ECR): समस्तीपुर और सोनपुर डिवीजन।

  2. पूर्वोत्तर रेलवे (NER): वाराणसी और लखनऊ NER डिवीजन।

  3. उत्तर मध्य रेलवे (NCR): प्रयागराज और आगरा डिवीजन।

  4. पश्चिम मध्य रेलवे (WCR): कोटा डिवीजन।

  5. पश्चिम रेलवे (WR): रतलाम, वडोदरा, मुंबई सेंट्रल डिवीजन।


10. DRM (Divisional Railway Manager) की भूमिका

किसी भी ट्रेन के सुचारू संचालन में DRM (मंडल रेल प्रबंधक) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

  • सुरक्षा और रखरखाव: ट्रेन जब किसी विशेष डिवीजन (जैसे कोटा या मुजफ्फरपुर) से गुजरती है, तो उस क्षेत्र के ट्रैक का रखरखाव DRM की जिम्मेदारी होती है।

  • समय सारणी: ट्रेन की लेटलतीफी को नियंत्रित करना।

  • यात्री सुविधा: स्टेशनों पर सफाई, पानी की व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित करना।

  • आपातकालीन स्थिति: किसी भी तकनीकी खराबी या दुर्घटना की स्थिति में राहत कार्यों का नेतृत्व करना।


11. यात्री सुविधाएं

अवध एक्सप्रेस में लंबी दूरी के यात्रियों की जरूरतों का ध्यान रखा जाता है:

  • कैटरिंग (खान-पान): पेंट्री कार के माध्यम से नाश्ता, दोपहर और रात का भोजन उपलब्ध कराया जाता है। ई-कैटरिंग की सुविधा भी उपलब्ध है।

  • बिस्तर (Bedding): AC कोच में कंबल, चादर और तकिया प्रदान किया जाता है।

  • चार्जिंग पॉइंट: लगभग सभी कोचों में मोबाइल चार्जिंग की सुविधा है।

  • साफ-सफाई: 'On Board Housekeeping Service' (OBHS) के माध्यम से चलती ट्रेन में सफाई की सुविधा दी जाती है।


12. यात्रियों के लिए यात्रा टिप्स

यदि आप 19038 अवध एक्सप्रेस से यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:

  1. अग्रिम बुकिंग: यह ट्रेन सालों भर भरी रहती है, इसलिए कम से कम 2-3 महीने पहले टिकट बुक करें।

  2. सुरक्षा: भीड़भाड़ वाले स्टेशनों (जैसे कानपुर, लखनऊ) पर अपने सामान का विशेष ध्यान रखें।

  3. भोजन: हालांकि पेंट्री उपलब्ध है, लेकिन घर से कुछ सूखा नाश्ता ले जाना हमेशा बेहतर होता है।

  4. ऐप का उपयोग: 'Where is my train' या 'NTES' ऐप के जरिए ट्रेन की लाइव लोकेशन ट्रैक करते रहें।

  5. पानी: आगरा और कोटा जैसे बड़े स्टेशनों पर रेल नीर की उपलब्धता सुनिश्चित करें।


13. अवध एक्सप्रेस के बारे में रोचक तथ्य

  • दोहरी दिशा: यह ट्रेन 19037 (बांद्रा से बरौनी) और 19038 (बरौनी से बांद्रा) के रूप में चलती है।

  • लंबा स्टॉपेज: मुजफ्फरपुर, गोरखपुर, लखनऊ और कोटा जैसे स्टेशनों पर यह ट्रेन 10 से 15 मिनट तक रुकती है, जहाँ यात्री इंजन बदलने या सफाई का काम देख सकते हैं।

  • संस्कृति का मिलन: इस ट्रेन में आपको भोजपुरी, अवधी, ब्रज, राजस्थानी, गुजराती और मराठी भाषा बोलने वाले यात्री एक साथ मिल जाएंगे।


14. राज्यों के लिए महत्व

यह ट्रेन आर्थिक और सामाजिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है:

  • बिहार और यूपी: इन राज्यों के मजदूरों और कारीगरों के लिए यह मुंबई पहुंचने का सबसे सस्ता और सीधा साधन है।

  • गुजरात: सूरत के कपड़ा व्यापारियों के लिए उत्तर भारत के बाजारों तक पहुंचने का माध्यम है।

  • महाराष्ट्र: मुंबई के लिए यह ट्रेन उत्तर भारतीय कार्यबल की आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा है।


15. FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

Q1. क्या 19038 अवध एक्सप्रेस प्रतिदिन चलती है?

हाँ, यह सप्ताह के सातों दिन बरौनी जंक्शन से चलती है।

Q2. क्या इसमें जनरल कोच होते हैं?

हाँ, इसमें 2 से 3 जनरल कोच होते हैं, लेकिन इनमें बहुत भीड़ रहती है।

Q3. क्या मैं इस ट्रेन में ऑनलाइन खाना ऑर्डर कर सकता हूँ?

हाँ, आप IRCTC e-Catering के जरिए प्रमुख स्टेशनों पर खाना मंगवा सकते हैं।

Q4. बरौनी से बांद्रा तक कुल कितना समय लगता है?

इसमें लगभग 44 घंटे और 45 मिनट का समय लगता है।

Q5. इस ट्रेन की अधिकतम गति क्या है?

LHB कोच के साथ इसकी अधिकतम गति 110-130 किमी/घंटा हो सकती है, लेकिन औसत गति 45-50 किमी/घंटा रहती है।

Q6. क्या यह ट्रेन आगरा कैंट रुकती है?

नहीं, यह आगरा फोर्ट (AF) स्टेशन पर रुकती है।

Q7. क्या इसमें फर्स्ट क्लास एसी (1st AC) है?

आमतौर पर इसमें 1st AC कोच नहीं होता, केवल 2AC और 3AC कोच उपलब्ध होते हैं।

Q8. सबसे अच्छा भोजन कहाँ मिलता है?

यात्रियों के अनुसार कोटा और सूरत स्टेशन पर स्थानीय भोजन के विकल्प बहुत अच्छे हैं।

Q9. क्या यह ट्रेन अक्सर लेट होती है?

कोहरे के मौसम में (दिसंबर-जनवरी) यह काफी लेट हो सकती है, अन्यथा यह औसत समय पर चलती है।

Q10. क्या बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था मिलती है?

पेंट्री कार में गर्म दूध उपलब्ध रहता है, आप अनुरोध कर सकते हैं।


16. निष्कर्ष

अवध एक्सप्रेस 19038 केवल लोहे और पहियों का एक ढांचा नहीं है, बल्कि यह करोड़ों लोगों की उम्मीदों और सपनों की सवारी है। यह भारत की विविधता को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है। चाहे आप काम के सिलसिले में मुंबई जा रहे हों या तीर्थयात्रा के लिए उत्तर प्रदेश, यह ट्रेन आपको एक यादगार अनुभव देती है। लंबी यात्रा के बावजूद, इसके बदलते परिदृश्य और विभिन्न संस्कृतियों का अनुभव इसे खास बनाता है।


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