प्रधानमंत्री मोदी ने नीदरलैंड के पीएम रॉब जेटेन से फोन पर की बात, खाड़ी युद्ध समेत कई मुद्दों पर हुई चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार, 30 मार्च को नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन से फोन पर बात की। यह बातचीत ऐसे नाजुक समय में हुई है जब खाड़ी देशों में ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच चल रहे युद्ध को एक महीना पूरा हो चुका है और पूरे क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर है। दोनों
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार, 30 मार्च को नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन से फोन पर बात की। यह बातचीत ऐसे नाजुक समय में हुई है जब खाड़ी देशों में ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच चल रहे युद्ध को एक महीना पूरा हो चुका है और पूरे क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर है। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर विस्तार से चर्चा की और इस क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति और स्थिरता बहाल करने की जरूरत पर खास जोर दिया।
खाड़ी में 28 फरवरी से शुरू हुआ यह संघर्ष अभी भी थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंताएँ बढ़ रही हैं। इस युद्ध ने न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरे में डाला है, बल्कि कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक व्यापार मार्गों पर भी गहरा असर डाला है। भारत के लिए, पश्चिम एशिया एक महत्वपूर्ण ऊर्जा आपूर्तिकर्ता और प्रवासी भारतीयों का घर है, इसलिए इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता भारत के हित में है। पीएम मोदी और रॉब जेटेन ने इस गंभीर स्थिति पर अपनी चिंता जताई और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सभी पक्षों को संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान खोजने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने पोस्ट शेयर कर दी जानकरी
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में इस बातचीत पर खुशी जाहिर की। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने भारत-नीदरलैंड संबंधों को और मजबूत बनाने के तरीकों पर भी विस्तृत चर्चा की। बातचीत में सेमीकंडक्टर, मेगा जल परियोजनाएं, हरित हाइड्रोजन और प्रतिभाओं के आवागमन जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाओं को खास तौर पर रेखांकित किया गया। भारत इन सभी क्षेत्रों में नीदरलैंड के साथ सहयोग बढ़ाना चाहता है, क्योंकि नीदरलैंड इन क्षेत्रों में वैश्विक नेता है। सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में नीदरलैंड की एएसएमएल जैसी कंपनियों की विशेषज्ञता भारत के लिए अहम है, जो अपनी चिप निर्माण क्षमताओं को बढ़ाना चाहता है। इसी तरह, नीदरलैंड जल प्रबंधन और ड्रेजिंग तकनीकों में अग्रणी है, जिससे भारत की विशाल जल परियोजनाओं, खासकर नदियों को जोड़ने और बाढ़ नियंत्रण जैसे प्रयासों को लाभ मिल सकता है। हरित हाइड्रोजन और प्रतिभाओं का आदान-प्रदान भी भविष्य की ऊर्जा जरूरतों और कौशल विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं, जो दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को नई गति दे सकते हैं।
Het was mij een genoegen om vandaag te spreken met de Nederlandse premier, Rob Jetten. We hebben gesproken over manieren om de betrekkingen tussen India en Nederland verder te versterken.
We hebben het potentieel van onze samenwerking benadrukt op gebieden zoals halfgeleiders,…
— Narendra Modi (@narendramodi) March 30, 2026
नीदरलैंड प्रधानमंत्री ने भी पोस्ट शेयर कर बातचीत की जानकारी दी
नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन ने भी अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में इस बातचीत की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत के साथ नीदरलैंड के संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं, जो दोनों देशों के साझा मूल्यों और हितों को दर्शाते हैं। जेटेन ने इस साल की शुरुआत में यूरोपीय संघ और भारत के बीच हुए महत्वपूर्ण व्यापार समझौते का जिक्र किया, जिससे दोनों के बीच आर्थिक रिश्ते और गहरे हुए हैं। उन्होंने बताया कि नीदरलैंड और भारत रक्षा, जल प्रबंधन, नवाचार और व्यापार सहित कई क्षेत्रों में अपनी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ा रहे हैं। यह दिखाता है कि दोनों देशों के रिश्ते सिर्फ आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामरिक महत्व भी रखते हैं, खासकर बदलते वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य में।
रॉब जेटेन ने अपनी पोस्ट में आगे कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए, अब हमारे सहयोग को मजबूत करने का समय आ गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ फोन पर हुई अपनी शुरुआती बातचीत का हवाला दिया और भविष्य के सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया। जेटेन ने उम्मीद जताई कि वे जल्द ही प्रधानमंत्री मोदी का नीदरलैंड में स्वागत कर पाएंगे, ताकि इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर और प्रगति की जा सके। यह संभावित मुलाकात दोनों देशों के बीच भविष्य के सहयोग के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर सकती है और द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जा सकती है।
रॉब जेटेन ने पिछले महीने ही नीदरलैंड के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। वह यूरोपीय देश में शीर्ष पद संभालने वाले सबसे युवा नेताओं में से एक हैं, जो अपनी प्रगतिशील नीतियों के लिए जाने जाते हैं। प्रधानमंत्री बनने पर नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी थी, जो दोनों देशों के बीच मजबूत कूटनीतिक संबंधों को दर्शाता है। उनकी युवा नेतृत्व क्षमता और भारत जैसे बड़े और उभरते देश के साथ गहरे संबंध बनाने की इच्छा, दोनों देशों के लिए एक नई दिशा खोल सकती है। यह बातचीत वैश्विक चुनौतियों से निपटने और साझा समृद्धि को बढ़ावा देने की दोनों देशों की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
Our ties with India are growing stronger and stronger. Earlier this year, the EU and India concluded a major trade agreement, and the Netherlands and India are developing a strategic partnership that includes defence, water management, innovation and trade. With everything going… pic.twitter.com/65FQvOLujW
— Rob Jetten (@MinPres) March 30, 2026