आज इंदौर दौरे पर सीएम मोहन यादव, 1356 करोड़ की नर्मदा पेयजल परियोजना के चौथे चरण का भूमिपूजन करेंगे

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज इंदौर के दौरे पर रहेंगे। दरअसल आज सीएम शहर को 1356 करोड़ रुपये से ज्यादा के विकास कार्यों की सौगात देंगे। वहीं इस दौरान नर्मदा पेयजल परियोजना के चौथे चरण का भूमिपूजन भी करेंगे , जो इंदौर शहर को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से अतिरिक्त 400 एमएलडी पानी देगा।

Mar 29, 2026 - 10:30
आज इंदौर दौरे पर सीएम मोहन यादव, 1356 करोड़ की नर्मदा पेयजल परियोजना के चौथे चरण का भूमिपूजन करेंगे

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज इंदौर के दौरे पर रहेंगे। दरअसल आज सीएम शहर को 1356 करोड़ रुपये से ज्यादा के विकास कार्यों की सौगात देंगे। वहीं इस दौरान नर्मदा पेयजल परियोजना के चौथे चरण का भूमिपूजन भी करेंगे , जो इंदौर शहर को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से अतिरिक्त 400 एमएलडी पानी देगा। दरअसल मुख्यमंत्री दशहरा मैदान में ‘संकल्प से समाधान’ अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे, जहां वे विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ देंगे।

दरअसल सीएम डॉ. यादव दशहरा मैदान में ‘संकल्प से समाधान’ अभियान के तहत विभिन्न योजनाओं के लाभांवित हितग्राहियों को हितलाभ वितरित करेंगे। बता दें कि इस अभियान के तहत इंदौर जिले में 1 लाख 44 हजार से ज्यादा हितग्राहियों को सीधे फायदा मिलेगा। वहीं कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा विकासात्मक गतिविधियों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें शासन की उपलब्धियों को दर्शाया गया।

दरअसल ‘संकल्प से समाधान’ अभियान 12 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक संचालित किया जा रहा है। इसका मकसद शासन की सभी योजनाओं और सेवाओं का पूरा लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना है, चाहे वे ग्राम पंचायत, नगरीय निकाय या तहसील व जिला स्तर पर हों। यह अभियान चार चरणों में चलाया गया, जिसमें कुल 106 सेवाओं को शामिल किया गया है। पहले चरण में ग्राम पंचायत, नगर परिषद और नगर पालिक निगम क्षेत्रों में 539 कैंप लगाकर व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया और आवेदन लिए गए हैं।’

कुल 1 लाख 44 हजार 912 आवेदन प्राप्त हुए

वहीं इसके बाद, ब्लॉक एवं क्लस्टर स्तर पर 106 शिविरों का आयोजन कर आवेदनों के निराकरण की कार्रवाई की गई। इंदौर जिले में इस अभियान के तहत कुल 1 लाख 44 हजार 912 आवेदन प्राप्त हुए थे, और इन सभी आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है। अभियान के तहत निशुल्क उपचार और गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान के लिए स्वास्थ्य शिविर भी लगाए गए। इंदौर के प्रमुख अस्पतालों जैसे बॉम्बे अस्पताल, अरविंदो अस्पताल, चोईथराम हॉस्पिटल, इण्डेक्स हॉस्पिटल और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में इन शिविरों का आयोजन किया गया।

विभिन्न जल आपूर्ति योजनाओं का भी भूमि पूजन करेंगे

दअरसल मुख्यमंत्री अमृत 2.0 योजना के तहत विभिन्न जल आपूर्ति योजनाओं का भी भूमि पूजन करेंगे। यह योजना इंदौर की जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़, आधुनिक और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। वहीं इसका मुख्य उद्देश्य इंदौर शहर की भविष्य की आवश्यकता को देखते हुए अतिरिक्त 400 एमएलडी जलापूर्ति सुनिश्चित करना है। यह सिर्फ बुनियादी ढांचे का विकास नहीं है, बल्कि यह लोगों के स्वास्थ्य, सुविधा और बेहतर जीवन स्तर से जुड़ा एक व्यापक प्रयास है।

इंदौर शहर की पानी की आपूर्ति मुख्य रूप से नर्मदा नदी पर आधारित है, जहां से लगभग 70 किलोमीटर दूर से पानी पंप कर शहर तक पहुंचाया जाता है। नर्मदा पर आधारित जल प्रदाय योजना का पहला चरण वर्ष 1978 में और दूसरा चरण वर्ष 1992 में लागू किया गया था, जिसमें क्रमशः 90-90 एमएलडी, यानी कुल 180 एमएलडी पानी इंदौर को मिला। बढ़ती जनसंख्या और पानी की जरूरत को देखते हुए, वर्ष 2006-2010 के दौरान प्रोजेक्ट उदय के तहत 360 एमएलडी क्षमता के नर्मदा तीसरे चरण की योजना का क्रियान्वयन किया गया था। यह योजना वर्ष 2024 तक की जरूरतों के लिए थी।

वर्तमान में, नर्मदा प्रथम, द्वितीय और तृतीय चरण से कुल 540 एमएलडी पानी पंप कर शहर को सप्लाई किया जा रहा है, जो वर्ष 2024 तक की जनसंख्या के लिए पर्याप्त है। हालांकि, शहर की साल 2040 में अनुमानित जनसंख्या 58.70 लाख के लिए 1209 एमएलडी पानी की जरूरत होगी। अमृत 2.0 योजना के तहत होने वाले इन कार्यों के बाद, शहर की जलापूर्ति वर्तमान 580 एमएलडी से बढ़कर 885 एमएलडी हो जाएगी, जो भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

जिन कामों का भूमिपूजन किया जाएगा, उनमें ‘पैकेज-2’ के अंतर्गत वांचू पाइंट से राऊ सर्कल तक 2235 मि.मी. व्यास की लगभग 39 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने का काम शामिल है। यह पाइपलाइन शहर के विभिन्न हिस्सों तक पानी को सुचारू रूप से पहुंचाने का काम करेगी। इसके साथ ही, तीन प्रमुख स्थानों पर लगभग 2870 मीटर लंबाई में आधुनिक तकनीक से टनल का निर्माण किया जाएगा। राऊ सर्कल पर क्लोरिनेशन सिस्टम की स्थापना कर पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी। इस पैकेज की लागत 448.23 करोड़ रुपये है और यह काम 30 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है।

‘पैकेज-3’ के तहत 20 नए ओवरहेड टैंकों का निर्माण किया जाएगा, जिनकी क्षमता 15 से 35 लाख लीटर तक होगी। साथ ही, 29 मौजूदा टैंकों का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इन टैंकों को जोड़ने के लिए लगभग 27.4 किलोमीटर लंबी फीडर पाइप लाइन और 4.7 किलोमीटर ग्रेविटी मेन लाइन बिछाई जाएगी। इसके अतिरिक्त, लगभग 685 किलोमीटर की डिस्ट्रीब्यूशन लाइन बिछाने का काम किया जाएगा। इस पैकेज के अंतर्गत लगभग 1 लाख 26 हजार घरेलू जल संयोजन दिए जाएंगे और 1 लाख 8 हजार से अधिक वाटर मीटर स्थापित किए जाएंगे, जिससे 24×7 दबावयुक्त जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। इस पैकेज की लागत 410.50 करोड़ रुपये है और कार्य 36 माह में पूरा होगा।