किसानों को मिला तोहफा, 14 खरीफ फसलों के लिए MSP में वृद्धि, जानें मोदी कैबिनेट के 4 बड़े फैसले

बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल बैठक (Union Cabinet Meeting) का आयोजन हुआ। इस दौरान कई अहम फैसले लिए गए हैं। जिसकी घोषणा केंद्रीय मंत्री केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की है। कैबिनेट ने वर्ष 2026 से 27 के मार्केटिंग सीजन के लिए खरीफ फसलों के समर्थन मूल्य यानी एनसीपी में वृद्धि

May 13, 2026 - 20:30
किसानों को मिला तोहफा, 14 खरीफ फसलों के लिए MSP में वृद्धि, जानें मोदी कैबिनेट के 4 बड़े फैसले

बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल बैठक (Union Cabinet Meeting) का आयोजन हुआ। इस दौरान कई अहम फैसले लिए गए हैं। जिसकी घोषणा केंद्रीय मंत्री  केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की है। कैबिनेट ने वर्ष 2026 से 27 के मार्केटिंग सीजन के लिए खरीफ फसलों के समर्थन मूल्य यानी एनसीपी में वृद्धि को मंजूरी  दी है। जिसमें तिल, सूर्यमुखी के बीज, मूंग, धान, ज्वार, बाजरा, कॉटन, उरद, मूंगफली, रागी मकई, अरहर इत्यादि शामिल हैं।

केंद्र सरकार के इस फैसले से लाखों किसानों को राहत मिलेगी। इस निर्णय को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, “देशभर के किसान भाई-बहनों के हितों की रक्षा और उनकी आय में वृद्धि के लिए हम लगातार महत्वपूर्ण फैसला ले रहे हैं। इस दिशा में हमारी सरकार ने खरीफ फसलों की एमएसपी बढ़ोत्तरी को मंजूरी दी है। इस फैसले से देश के करोड़ों अन्नदाताओं को उनकी उपज का उचित और लाभकारी मूल्य मिलेगा।”

 गुजरात के लिए इस रेलवे परियोजना को मंजूरी

कैबिनेट ने अहमदाबाद (सरखेज)- धोलेरा सेमी हाई स्पीड लाइन को भी मंजूरी दी है। इसके लिए इसके लिए 20,666 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसका निर्माण कार्य 2030- 31 तक समाप्त होगा। इंडियन रेलवे नेटवर्क में 134 किलोमीटर की वृद्धि भी होगी। इस रेलवे लाइन से करीब 284 गांव में कनेक्टिविटी बढ़ेगी। जिससे करीब 5 लाख लोगों को लाभ होगा। इस परियोजनाओं के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पीएम मोदी आभार व्यक्त किया है।

कैबिनेट के अन्य फैसले जानें

नागपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए भारतीय विमान प्राधिकरण (AAI) द्वारा MIL को लीज पर दी गई भूमि के लीज टेन्योर को  बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। यह नागपुर हवाई अड्डे के लिए बहू-मॉडल अंतरराष्ट्रीय कार्गो हब और हवाई अड्डे के अंतर्गत एक क्षेत्रीय विमानन केंद्र बनाने लिए एक महत्वपूर्ण फैसला साबित हो सकता है।

37,500 करोड़ रुपये ने फाइनेंशियल आउटलेट के साथ “सतही कोयला गैसीकारण परियोजना को प्रोत्साहन देने की योजना” को मंजूरी दी है। यह फैसला भारत के कोयला या लिग्नाइट गैसीकरण कार्यक्रम को गति देगा। 2030 तक 10 करोड़ टन कोयले के गैसीकारण के राष्ट्रीय लक्ष्य को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और आयात पर निर्भरता को कम करने के लिए भी यह एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।