NCRB रिपोर्ट: आदिवासी अत्याचार में MP नंबर-1, कमलनाथ बोले “आदिवासियों के न्याय के लिए भाजपा को सत्ता से उखाड़ना ज़रूरी”

कमलनाथ ने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ताजा रिपोर्ट का हवाला देते हुए मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासियों पर अत्याचार के मामलों में मध्यप्रदेश लगातार देश में पहले स्थान पर बना हुआ है और यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ आंकड़ों का

May 11, 2026 - 14:30
NCRB रिपोर्ट: आदिवासी अत्याचार में MP नंबर-1, कमलनाथ बोले “आदिवासियों के न्याय के लिए भाजपा को सत्ता से उखाड़ना ज़रूरी”

कमलनाथ ने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ताजा रिपोर्ट का हवाला देते हुए मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासियों पर अत्याचार के मामलों में मध्यप्रदेश लगातार देश में पहले स्थान पर बना हुआ है और यह स्थिति बेहद चिंताजनक है।

उन्होंने कहा कि यह सिर्फ आंकड़ों का मामला नहीं है बल्कि इसके पीछे आदिवासी समाज की पीड़ा, असुरक्षा और सामाजिक उत्पीड़न की बड़ी तस्वीर छिपी हुई है। कांग्रेस नेता ने कहा कि कई मामलों में आदिवासियों के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया, उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया और सामाजिक रूप से दबाने की कोशिश की गई।

आदिवासी अत्याचार को लेकर कमलनाथ ने सरकार को घेरा

कमलनाथ ने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की नई रिपोर्ट को भाजपा सरकार पर करारा तमाचा बताया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, आदिवासियों के खिलाफ अत्याचार के मामलों में मध्यप्रदेश पूरे देश में सबसे ऊपर है। पूर्व सीएम ने कहा कि वर्ष 2024 में मध्यप्रदेश में आदिवासियों के खिलाफ 3,165 अपराध दर्ज किए गए, जो देशभर के कुल मामलों का लगभग 32 प्रतिशत है। NCRB के आंकड़ों के मुताबिक देशभर में इस तरह के कुल 9,966 मामले दर्ज हुए।

उन्होंने आरोप लगाया कि ये अपराध सिर्फ अपराधियों की करतूत नहीं हैं, बल्कि उन्हें सत्ता का संरक्षण प्राप्त है। कमलनाथ ने कहा कि कई घटनाओं में भाजपा नेताओं पर आरोप लगे हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासियों के साथ अमानवीय व्यवहार, जानबूझकर अपमान और प्रताड़ना की घटनाएं बढ़ रही हैं।

“बीजेपी को हटाना जरूरी”

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि प्रदेश में आदिवासियों पर अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने में विफल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में आदिवासी आबादी अधिक है, वहां विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी के साथ-साथ सामाजिक अन्याय की घटनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के बजाय उन्हें राजनीतिक संरक्षण दिया जाता है, जिससे पीड़ित परिवारों का न्याय व्यवस्था से भरोसा कमजोर हो रहा है। कमलनाथ ने कहा कि ये रिपोर्ट प्रदेश में आदिवासी समाज की वास्तविक स्थिति को उजागर करती है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों को न्याय, सुरक्षा और सम्मान दिलाने के लिए प्रदेश में राजनीतिक बदलाव जरूरी है और भाजपा सरकार को सत्ता से हटाना समय की मांग बन चुका है।

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।