जीतू पटवारी ने नीट पेपर लीक और केन-बेतवा परियोजना को लेकर सरकार को घेरा, बीजेपी पर लगाए युवाओं-आदिवासियों के शोषण के आरोप
मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर युवाओं, किसानों तथा आदिवासियों के साथ विश्वासघात का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने नीट परीक्षा घोटाले को युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ और केन-बेतवा परियोजना को आदिवासियों के शोषण का मुद्दा बताते हुए भाजपा पर हमला बोला। कांग्रेस
मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर युवाओं, किसानों तथा आदिवासियों के साथ विश्वासघात का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने नीट परीक्षा घोटाले को युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ और केन-बेतवा परियोजना को आदिवासियों के शोषण का मुद्दा बताते हुए भाजपा पर हमला बोला।
कांग्रेस नेता ने कहा कि देश वर्तमान में दो बड़े संकटों से गुजर रहा है। पहला युवाओं के भविष्य से जुड़ा नीट परीक्षा घोटाला और दूसरा केन-बेतवा परियोजना के नाम पर आदिवासियों का शोषण। उन्होंने कहा कि ये सिर्फ राजनीतिक मुद्दे नहीं बल्कि देश की आत्मा और भविष्य से जुड़े गंभीर प्रश्न हैं।
जीतू पटवारी ने केंद्र और राज्य सरकार पर लगाए आरोप
जीतू पटवारी ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर युवाओं, किसानों और आदिवासियों के हितों के साथ “विश्वासघात” का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि देश इस समय दो बड़े संकटोंनीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और केन-बेतवा परियोजना के नाम पर आदिवासी विस्थापन से गुजर रहा है, जो सीधे तौर पर भविष्य और सामाजिक न्याय से जुड़े प्रश्न हैं।
पत्रकार वार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 24 लाख छात्रों द्वारा दी गई नीट परीक्षा में बार-बार पेपर लीक और धांधली की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे मेहनतकश छात्रों के सपने प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कोई नई घटना नहीं है, बल्कि 2017 और 2021 सहित कई परीक्षाओं में भी इसी तरह की अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की कार्यप्रणाली में राजनीतिक जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति है। हर बार दोष कर्मचारियों और अधिकारियों पर डाल दिया जाता है, जबकि भाजपा से जुड़े लोगों को संरक्षण मिलता है। कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा शासित राज्यों उत्तरप्रदेश, गुजरात, हरियाणा, उत्तराखंड और मध्यप्रदेश में बार-बार पेपर लीक की घटनाओं का उल्लेख किया और व्यापम घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा शासन में युवाओं के भविष्य को व्यवस्थित तरीके से बर्बाद किया गया।
“सड़क से सदन तक जारी रहेगा संघर्ष”
इसके साथ उन्होंने केन-बेतवा परियोजना को लेकर बुंदेलखंड में चल रहे आदिवासी आंदोलन का भी उल्लेख किया। जीतू पटवारी ने बताया कि उन्होंने हाल ही में पन्ना और छतरपुर के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया, जहां विस्थापित परिवारों से मुलाकात के दौरान गंभीर समस्याएं सामने आईं। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना के कारण हजारों आदिवासी परिवारों को विस्थापित किया जा रहा है, लेकिन उन्हें न तो उचित मुआवजा मिल रहा है और न ही पुनर्वास की पर्याप्त व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में पुराने मुआवजा निर्धारण आज की महंगाई के हिसाब से पूरी तरह अप्रासंगिक हो चुके हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी युवाओं, किसानों, आदिवासियों और गरीबों के अधिकारों की लड़ाई सड़क से सदन तक जारी रखेगी और अन्याय, भ्रष्टाचार व दमन के खिलाफ संघर्ष तेज करेगी।