पीसी शर्मा ने भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधानसभा चुनाव में ईवीएम गड़बड़ी का आरोप लगाया, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
वरिष्ठ कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने आज एक पत्रकार वार्ता कर 152-भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के 2023 विधानसभा चुनाव में कथित अनियमितताओं पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है और अदालत ने उस पर संज्ञान लेकर नोटिस जारी किए हैं। इस मौके पर पूर्व
वरिष्ठ कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने आज एक पत्रकार वार्ता कर 152-भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के 2023 विधानसभा चुनाव में कथित अनियमितताओं पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है और अदालत ने उस पर संज्ञान लेकर नोटिस जारी किए हैं।
इस मौके पर पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, वरिष्ठ नेता जेपी धनोपिया, अरुण श्रीवास्तव, जबलपुर हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता शेखर शर्मा सहित कई नेता उपस्थित रहे।
बैलेट पेपर और ईवीएम में 25 प्रतिशत मतों का अंतर
पीसी शर्मा ने आरोप लगाया कि नवंबर 2023 के विधानसभा चुनाव में 17 नवंबर को मतदान हुआ जिसमें वे कांग्रेस की तरफ से उम्मीदवार थे। 3 दिसंबर को मतगणना में भाजपा प्रत्याशी भगवान दास सबनानी को विजयी घोषित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बैलेट पेपर से उन्हें लगभग 25 प्रतिशत अधिक समर्थन मिला, लेकिन ईवीएम गणना परिणाम इसके उलट आए। कांग्रेस नेता ने कहा कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एसएलपी सिविल (डायरी नं. 45048/2025) में 23 मार्च को नोटिस जारी किए हैं ।
ईवीएम के साथ छेड़छाड़ के आरोप
पूर्व मंत्री ने कहा कि जिन ईवीएम मशीनों की बैटरी 99 प्रतिशत थी, वहां भाजपा प्रत्याशी की जीत हुई, जबकि 60–70 प्रतिशत बैटरी वाली मशीनों में कांग्रेस बढ़त में थी। उन्होंने कहा कि उनके पास स्ट्रांग रूम की सीसीटीवी फुटेज भी मौजूद है, जिसमें मशीनों के साथ कथित छेड़छाड़ के संकेत दिखाई दे रहे हैं। पीसी शर्मा ने कहा आरटीआई के तहत उन्होंने काउंटिंग सेंटर की सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य तकनीकी जानकारी मांगी, लेकिन चुनाव आयोग द्वारा इसे न्यायालय के आदेशों के अधीन बताते हुए उपलब्ध नहीं कराया गया। ईवीएम और वीवीपैट बैटरियों की तकनीकी जानकारी भी निर्माता कंपनी ने “अत्यधिक गोपनीय” बताते हुए देने से इंकार कर दिया।
लोकतंत्र और पारदर्शिता पर सवाल उठाए
पीसी शर्मा ने कहा कि इस प्रकार की गोपनीयता और जानकारी छुपाना चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है और इससे निष्पक्ष चुनाव की अवधारणा को ठेस पहुंची है। उन्होंने विश्वास जताया है कि सुप्रीम कोर्ट मामले की निष्पक्ष जांच कर सत्य सामने लाएगा और लोकतंत्र की रक्षा करेगा।