कांग्रेस ने ओरछा रामराजा लोक परियोजना में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, मुकेश नायक ने की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
कांग्रेस ने मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध तीर्थस्थल ओरछा स्थित रामराजा मंदिर के आसपास विकसित की जा रही “रामराजा लोक” परियोजना में भारी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग अध्यक्ष मुकेश नायक ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी सरकार धार्मिक आस्थाओं का राजनीतिक लाभ के लिए
कांग्रेस ने मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध तीर्थस्थल ओरछा स्थित रामराजा मंदिर के आसपास विकसित की जा रही “रामराजा लोक” परियोजना में भारी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग अध्यक्ष मुकेश नायक ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी सरकार धार्मिक आस्थाओं का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग कर रही है और जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने मामले की जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
कांग्रेस नेता ने उज्जैन के महाकाल लोक का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी भ्रष्टाचार के कारण निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठे थे और प्राकृतिक झोंकों में मूर्तियां क्षतिग्रस्त हो गई थीं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के समय में “महालोक” परियोजनाओं की शुरुआत धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी, लेकिन अब यह साफ़ होता जा रहा है कि इन परियोजनाओं का उपयोग सिर्फ पर्यटन नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के माध्यम के रूप में भी किया जा रहा है।
मुकेश नायक ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मुकेश नायक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओरछा स्थित रामराजा मंदिर में प्रस्तावित “रामराजा लोक” परियोजना में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ओरछा का रामराजा मंदिर बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत और आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां भगवान राम को “राजा” के रूप में पूजा जाता है और प्रतिदिन शासकीय सलामी दी जाती है। यहां लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि इस पवित्र स्थल पर विकास के नाम पर लगभग 339 करोड़ रुपए की परियोजना तैयार की गई है। इसमें प्रथम चरण में 153 करोड़, द्वितीय चरण में 125 करोड़ और तृतीय चरण में 74 करोड़ रुपए खर्च करने का प्रावधान है।
बलुआ पत्थर खरीद में अनियमितताओं के आरोप लगाए
मुकेश नायक ने आरोप लगाया कि परियोजना में सबसे गंभीर अनियमितता पत्थरों की खरीद को लेकर सामने आई है। जहां बाजार में बलुआ पत्थर की कीमत लगभग 52 रुपए प्रति वर्गफीट है, वहीं सरकारी दस्तावेजों में इसे 335 रुपए प्रति वर्गफीट पर खरीदा जा रहा है जो असल कीमत से पांच से छह गुना ज्यादा है। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग की मानक शेड्यूल ऑफ रेट (SOR) को दरकिनार करते हुए पर्यटन विभाग ने नया एसओआर तय कर लिया। पीडब्ल्यूडी के अनुसार पत्थर फिटिंग सहित 62.5 रुपए प्रति वर्गफीट में उपलब्ध है, लेकिन इसे 335 रुपए में तय किया गया। नियम के अनुसार अधिकतम 10 प्रतिशत वृद्धि संभव है, जबकि यहां 600 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है।
सरकार से जांच की मांग
उन्होंने वन विभाग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पत्थर माफिया वन भूमि से अवैध उत्खनन कर निजी भूमि बताकर बेच रहा है, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने मांग की है कि ओरछा रामराजा लोक परियोजना की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, ताकि जनता के पैसे और आस्था दोनों की सुरक्षा की जा सके।