डिजिटल अरेस्ट स्कैम पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, RBI को दिया 4 सप्ताह के भीतर SOP तैयार करने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने 4 अगस्त को डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी के मामलों को लेकर सख्त कदम उठाया है। जांच और निवारण पत्र को मजबूत करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने तैयार करने को कहा गया है। शिकायत निवारण और धन बहाली तंत्र को
सुप्रीम कोर्ट ने 4 अगस्त को डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी के मामलों को लेकर सख्त कदम उठाया है। जांच और निवारण पत्र को मजबूत करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने तैयार करने को कहा गया है। शिकायत निवारण और धन बहाली तंत्र को क्रियान्वित करने का निर्देश भी दिया गया है।
मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमिल बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ ने भारत के अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरामानी, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और सीनियर एडवोकेट एनएस नप्पिनई की सुनवाई के बाद डिजिटल अरेस्ट से संबंधित स्वतः संज्ञान कार्यवाही में ये निर्देश पारित किए हैं।
आरबीआई को दिए गए ये निर्देश
कोर्ट ने आरबीआई को साइबर आधारित वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े का अकाउंट पर डेबिट रोकने के लिए बैंकों द्वारा की जाने वाली कार्यवाही को निर्धारित करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया को औपचारिक रूप से अपनाने को कहा है। एसओपी तैयार करने के लिए के लिए 4 सप्ताह का दिया गया है। इस एसओपी मनी लांड्रिंग, अवैध खातों और फ्रॉड से जुड़े खातों के रोकथाम को शामिल किया जाएगा। आसान शिकायत निपटान प्रक्रिया और पीड़ितों के पैसे वापस से की कुछ सुविधाजनक बनाने के लिए तंत्र भी शामिल होना चाहिए।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भी निर्देश जारी
कोर्ट ने केंद्र और राज्यों को भी निर्देश जारी किए गए हैं। जिन राज्यों में अभी तक साइबर अपराध समन्वय केंद्र स्थापित नहीं किया गया है, उन्हें चार सप्ताह के भीतर ऐसा करना होगा। ई-जीरो एफआईआर प्रणाली भी लागू करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही राज्यों, केंद्र शासित प्रदेश और पुलिस एजेंसी को जल्द से जल्द शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने और जन जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। अंतर विभागीय समिति बैंकों और अन्य संस्थाओं की जिम्मेदारी की जांच करेगी। यह तय किया जाएगा कि मुआवजा कैसे दिया जा सकता है। साइबर धोखाधड़ी के कारण बैंक अकाउंट फ्रिज से जुड़े मामलों का भी निपटान करने का निर्देश अदालत ने दिया है।