Iran Israel US War: कुवैत में ड्रोन हमले से मीना अल-अहमदी रिफाइनरी में आग लगी, ट्रंप ने दी ये चेतावनी
मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। कुवैत के मीना अल-अहमदी इलाके में स्थित प्रमुख ऑयल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला हुआ, जिसके बाद वहां भीषण आग लग गई। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले के बाद रिफाइनरी के कई हिस्सों में नुकसान हुआ है।
New Delhi: मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। कुवैत के मीना अल-अहमदी इलाके में स्थित प्रमुख ऑयल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला हुआ, जिसके बाद वहां भीषण आग लग गई। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले के बाद रिफाइनरी के कई हिस्सों में नुकसान हुआ है, हालांकि अभी तक किसी बड़े जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है।
मीना अल-अहमदी रिफाइनरी देश की सबसे बड़ी और रणनीतिक रूप से अहम रिफाइनरियों में से एक मानी जाती है। इस हमले ने वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं।
इसी बीच, ईरान और इजराइल के बीच चल रहे टकराव ने और गंभीर रूप ले लिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने कतर के सबसे बड़े LNG प्लांट पर मिसाइल हमला किया है। यह हमला क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि कतर वैश्विक गैस सप्लाई का प्रमुख केंद्र है।
इजरायल का अटैक
बुधवार को ईरान के प्रमुख साउथ पार्स गैस फील्ड पर इजरायल ने अटैक किया। ये ईरान की सबसे बड़ी गैस फील्ड है। इस हमले के जवाब में ईरान ने कतर की एलएनजी प्लांट को निशाना बनाया है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आश्वासन दिया है कि इजरायल, अब ईरान के प्रमुख साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर कोई और हमला नहीं करेगा, लेकिन अगर ईरान ने कतर पर फिर से हमला किया, तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा और पूरे क्षेत्र को उड़ा देगा।
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इस पूरे घटनाक्रम पर अमेरिका ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। अमेरिका ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि इस तरह के हमलों का जवाब दिया जाएगा।
ट्रंप की चेतावनी
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बयान जारी कर ईरान पर दबाव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि ईरान को बिना शर्त आत्मसमर्पण करना होगा, अन्यथा किसी भी तरह की बातचीत संभव नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन घटनाओं के बाद पश्चिम एशिया में व्यापक संघर्ष का खतरा और बढ़ गया है, जिसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है।