कंगना रनौत ने राहुल गांधी को ‘टपोरी’ बताया, कहा – ‘उन्हें देखकर महिलाएं अनकम्फर्टेबल फील करती हैं’, मचा सियासी बवाल
बीजेपी सांसद कंगना रनौत के एक बयान ने इस समय राजनीति में बड़ी बहस छेड़ दी है। दरअसल संसद के बाहर दिए गए बयान में कंगना रनौत ने राहुल गांधी के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। कंगना रनौत ने कहा है कि राहुल गांधी का तरीका महिलाओं को असहज करता है, जिसके बाद यह मुद्दा
बीजेपी सांसद कंगना रनौत के एक बयान ने इस समय राजनीति में बड़ी बहस छेड़ दी है। दरअसल संसद के बाहर दिए गए बयान में कंगना रनौत ने राहुल गांधी के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। कंगना रनौत ने कहा है कि राहुल गांधी का तरीका महिलाओं को असहज करता है, जिसके बाद यह मुद्दा तेजी से राजनीतिक विवाद बन गया। कंगना रनौत ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद में “टपोरी” अंदाज में आते हैं और बातचीत के दौरान तू-तड़ाक करते हैं।
दरअसल उन्होंने यह भी कहा है कि राहुल गांधी इंटरव्यू देने वाले लोगों को बीच में रोकते हैं और उनका व्यवहार सही नहीं लगता है। वहीं यह बयान उस घटना के बाद आया जब 12 मार्च को संसद परिसर में राहुल गांधी के चाय-नाश्ता करने को लेकर चर्चा और आलोचना हुई थी। इस मुद्दे पर कई पूर्व अधिकारियों और सैन्य अधिकारियों ने भी खुला पत्र लिखकर नाराजगी जताई थी।
कांग्रेस नेताओं का पलटवार
दरअसल कंगना के बयान के बाद कांग्रेस नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बता दें कि कांग्रेस सांसद ज्योतिमणि ने कहा कि कंगना का बयान उनकी सोच को दिखाता है और उन्हें राहुल गांधी पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ सेलिब्रिटी होने से कोई बेहतर नेता नहीं बन जाता है। वहीं पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह ने तंज कसते हुए कहा है कि कंगना संसद को फिल्म स्टूडियो समझती हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी संसद में राजनीति करने आते हैं, न कि अभिनय करने।
प्रियंका चतुर्वेदी ने भी कंगना की टिप्पणी को गलत बताया
वहीं शिवसेना (उद्धव गुट) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी कंगना की टिप्पणी को गलत बताया है। दरअसल उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इस तरह की भाषा ठीक नहीं है। प्रियंका ने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने राहुल गांधी को हमेशा महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार करते देखा है।
पहले भी उठ चुके हैं सवाल
जानकारी दे दें कि राहुल गांधी के संसद में व्यवहार को लेकर यह पहली बार विवाद नहीं हुआ है। हाल ही में पूर्व प्रधानमंत्री देवगौड़ा ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई थी। दरअसल उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर संसद की मर्यादा बनाए रखने की बात कही थी। देवगौड़ा ने अपने पत्र में कहा कि संसद के बजट सत्र के दौरान लगातार नारेबाजी, पोस्टर और प्रदर्शन से लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा प्रभावित होती है। उन्होंने यह भी कहा कि संसद परिसर में बैठकर चाय-नाश्ता करते हुए विरोध करना सही परंपरा नहीं है।
वहीं इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी टिप्पणी की थी। दरअसल उन्होंने कहा था कि संसद देश की सर्वोच्च संस्था है और वहां इस तरह का व्यवहार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है।