भोपाल में नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप का आगाज, 12 राज्यों के 100 खिलाड़ी ले रहे हिस्सा
भोपाल के बड़े तालाब की लहरों पर देश के बेहतरीन सेलर्स के बीच मुकाबला शुरू हो गया है। दरअसल मंगलवार से बोट क्लब पर राजा भोज नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप (रैंकिंग) 2026 का आगाज हुआ। सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ किया। 11 से 16 अगस्त तक चलने
भोपाल के बड़े तालाब की लहरों पर देश के बेहतरीन सेलर्स के बीच मुकाबला शुरू हो गया है। दरअसल मंगलवार से बोट क्लब पर राजा भोज नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप (रैंकिंग) 2026 का आगाज हुआ। सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ किया। 11 से 16 अगस्त तक चलने वाली इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के 12 राज्यों से आए करीब 100 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के सेलर्स हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता में खिलाड़ी अपनी गति, संतुलन, तकनीक और रणनीति के दम पर बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे।
दरअसल यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों के लिए सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण मंच भी है। छह दिनों तक चलने वाले मुकाबलों में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर उनकी राष्ट्रीय रैंकिंग तय की जाएगी। यही रैंकिंग आगे चलकर खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने की राह आसान करेगी। मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों की तकनीकी क्षमता, शारीरिक संतुलन और बदलती परिस्थितियों के अनुसार रणनीति बनाने की क्षमता की परीक्षा होगी।
YAI और SAI की निगरानी में प्रतियोगिता
दरअसल प्रतियोगिता के तकनीकी स्तर और सुचारू संचालन के लिए याचिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया (YAI) का तकनीकी सहयोग मिल रहा है। YAI के 12 अनुभवी ज्यूरी मेंबर्स और वरिष्ठ पदाधिकारी भोपाल में मौजूद हैं, जो प्रतियोगिता की तकनीकी व्यवस्था और निर्णयन प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं।
इसके साथ ही भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के वरिष्ठ अधिकारी भी आयोजन से जुड़े हुए हैं। मध्यप्रदेश याटिंग एसोसिएशन स्थानीय स्तर पर प्रतियोगिता के संचालन और व्यवस्थाओं में सहयोग कर रहा है। इस आयोजन से मध्यप्रदेश के स्थानीय खिलाड़ियों को देश के अनुभवी सेलर्स के साथ मुकाबला करने और उनसे सीखने का मौका भी मिल रहा है।
खेल मंत्री ने गिनाईं भोपाल की उपलब्धियां
वहीं खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि भोपाल का बड़ा तालाब और यहां की झीलें सेलिंग, रोइंग, कयाकिंग और केनोइंग जैसे वाटर स्पोर्ट्स के लिए प्राकृतिक रूप से अनुकूल हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश राज्य जल क्रीड़ा अकादमी वर्ष 2007 से खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराकर तैयार कर रही है। अकादमी में सेलिंग, रोइंग, कयाकिंग, केनोइंग और स्लालम की सुविधाएं मौजूद हैं। अकादमी के खिलाड़ियों ने अब तक 28 अंतरराष्ट्रीय और 69 राष्ट्रीय पदक जीते हैं। इसके अलावा खिलाड़ी 37 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
वर्ष 2025 की राजा भोज मल्टीक्लास सेलिंग चैंपियनशिप में भी मध्यप्रदेश की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया था। टीम ने 8 स्वर्ण, 5 रजत और 3 कांस्य समेत कुल 16 पदक अपने नाम किए थे।
विदेशी प्रशिक्षकों से तैयार हो रहे खिलाड़ी
दरअसल वाटर स्पोर्ट्स में भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाने के लिए खेल विभाग विदेशी प्रशिक्षकों की सेवाएं भी ले रहा है। इन विशेषज्ञों की देखरेख में खिलाड़ियों की तकनीक, फिटनेस, मानसिक मजबूती और दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता पर काम किया जा रहा है। खेल मंत्री ने कहा कि भोपाल में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन से स्थानीय खिलाड़ियों को बड़े स्तर पर एक्सपोजर मिलता है। देश के शीर्ष खिलाड़ियों के साथ मुकाबला करने से स्थानीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होने में मदद मिलती है।
1000 करोड़ की लागत से बन रहा अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर
भोपाल को बड़े खेल हब के रूप में विकसित करने के लिए सरकार कई स्तरों पर काम कर रही है। शहर में करीब 1000 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर विकसित किया जा रहा है। इस परिसर के पहले चरण का काम लगभग पूरा हो चुका है और जल्द ही इसका लोकार्पण किया जाएगा। नवंबर में इसी परिसर में अंतरराष्ट्रीय महिला हॉकी एशियन चैंपियनशिप का आयोजन प्रस्तावित है।