हाईवे के पास पहुंचा चीता, दहशत में आए लोग, दो दिन तक ट्रैफिक रहा धीमा
श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क से बाहर निकले चीतों की गतिविधियां अब लोगों के लिए भी चिंता का कारण बनने लगी हैं। ग्वालियर के घाटीगांव इलाके में एक चीता हाईवे के बेहद करीब पहुंच गया, जिसके बाद वन विभाग की टीम तुरंत सतर्क हो गई। बताया जा रहा है कि केएपी-वन नाम का चीता पिछले
श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क से बाहर निकले चीतों की गतिविधियां अब लोगों के लिए भी चिंता का कारण बनने लगी हैं। ग्वालियर के घाटीगांव इलाके में एक चीता हाईवे के बेहद करीब पहुंच गया, जिसके बाद वन विभाग की टीम तुरंत सतर्क हो गई।
बताया जा रहा है कि केएपी-वन नाम का चीता पिछले दो दिनों से हाईवे से करीब 100 से 200 मीटर की दूरी पर बैठा हुआ था। इससे डर था कि कहीं चीता अचानक सड़क पार न कर दे और किसी तेज रफ्तार वाहन की चपेट में न आ जाए।
हाईवे पर बढ़ाई गई निगरानी
चीते की मौजूदगी की सूचना मिलते ही वन विभाग, कूनो की ट्रैकिंग टीम और ट्रैफिक पुलिस ने मिलकर इलाके में निगरानी शुरू कर दी। सिमरिया टांका से लेकर घाटीगांव तक लगातार पेट्रोलिंग की गई।
हाईवे पर कई जगह बेरीकेड लगाए गए ताकि वाहन चालक अपनी रफ्तार कम रखें। रात के समय भी टीम लगातार निगरानी करती रही। अधिकारियों ने खास तौर पर उन जगहों पर बेरीकेड लगाए जहां स्ट्रीट लाइट मौजूद थी, ताकि कोई वाहन चालक अंधेरे में दुर्घटना का शिकार न हो जाए।
सोमवार सुबह हाईवे पार कर गया चीता
लगातार निगरानी के बीच सोमवार सुबह चीते ने हाईवे पार कर लिया। इसके बाद वन विभाग ने राहत की सांस ली। अब चीता हाईवे से करीब डेढ़ किलोमीटर अंदर जंगल वाले क्षेत्र में पहुंच चुका है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि चीते की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। ट्रैकिंग टीम लगातार उसकी लोकेशन मॉनिटर कर रही है ताकि किसी भी तरह का खतरा न बने।
पिछले साल हुआ था दर्दनाक हादसा
वन विभाग इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहता था। इसकी सबसे बड़ी वजह दिसंबर 2025 का वह हादसा है, जब घाटीगांव के पास सड़क पार कर रहे एक चीते के शावक की कार से टक्कर लगने पर मौत हो गई थी।
उस समय गामिनी नाम की मादा चीता का शावक सड़क पार कर रहा था। तभी तेज रफ्तार कार ने उसे टक्कर मार दी। हादसे में केजी-3 नाम के शावक की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उसके साथ मौजूद दूसरा चीता बाल-बाल बच गया था। इस घटना के बाद वन विभाग पर कई सवाल उठे थे। तभी से हाईवे के पास चीते की मौजूदगी होने पर सुरक्षा बढ़ा दी जाती है।
कूनो से बाहर क्यों निकल रहे चीते?
विशेषज्ञों का कहना है कि चीते बड़े क्षेत्र में घूमना पसंद करते हैं। कूनो नेशनल पार्क में कई चीते अब अपनी नई टेरिटरी तलाश रहे हैं। इसी कारण वे पार्क की सीमाओं से बाहर भी निकल आते हैं। वन विभाग का मानना है कि चीते का बाहर निकलना सामान्य व्यवहार है, लेकिन आबादी वाले इलाकों और हाईवे के पास पहुंचना चिंता की बात बन जाता है।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
वन विभाग ने आसपास के गांवों के लोगों और वाहन चालकों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि यदि कहीं चीता दिखाई दे तो उसके पास जाने या वीडियो बनाने की कोशिश न करें। साथ ही वाहन चालकों को हाईवे पर धीमी गति से वाहन चलाने की सलाह दी गई है। खासकर रात के समय अधिक सावधानी बरतने को कहा गया है।