तीन इमली बस स्टैंड पर अचानक लगी आग, तीन बसें जलकर खाक
इंदौर में शनिवार रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। शहर के व्यस्त इलाके तीन इमली बस स्टैंड के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बस पार्किंग में खड़ी गाड़ियों में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि उसकी लपटें दूर से दिखाई देने लगीं और आसपास मौजूद लोगों में दहशत
इंदौर में शनिवार रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। शहर के व्यस्त इलाके तीन इमली बस स्टैंड के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बस पार्किंग में खड़ी गाड़ियों में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि उसकी लपटें दूर से दिखाई देने लगीं और आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।
सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तुरंत राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। हालांकि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन तीन प्राइवेट बसें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। अब पुलिस आग लगने की असली वजह का पता लगाने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
तीन इमली बस स्टैंड पर अचानक भड़की आग
जानकारी के अनुसार यह घटना शनिवार रात की है, जब तीन इमली चौराहे के पास बस पार्किंग में खड़ी कुछ गाड़ियों में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग तेजी से फैलने लगी और कुछ ही मिनटों में उसने विकराल रूप ले लिया।
बस पार्किंग में खड़ी तीन प्राइवेट बसें आग की चपेट में आ गईं। बताया जा रहा है कि इनमें श्रीनाथ ट्रेवल्स, निधि ट्रेवल्स और देवा ट्रेवल्स की बसें शामिल थीं। आग इतनी तेज थी कि बसों को बचाने का मौका ही नहीं मिला और देखते ही देखते तीनों बसें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं।
आसपास मौजूद लोगों के बीच मची अफरा-तफरी
आग लगते ही इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। आग की लपटें और धुआं इतनी तेजी से फैल रहा था कि कुछ समय के लिए पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि जिस समय यह घटना हुई, उस समय बसें खाली थीं। अगर बसों में यात्री मौजूद होते तो यह हादसा और भी गंभीर हो सकता था।
दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं
आग की सूचना मिलते ही भंवरकुआं पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। गांधी हॉल और मोती तबेला फायर स्टेशन से दमकल की गाड़ियां घटनास्थल के लिए रवाना की गईं।
दमकलकर्मियों को आग पर काबू पाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। आग बुझाने में करीब 30 हजार लीटर पानी का इस्तेमाल किया गया। फायर ब्रिगेड की पांच से ज्यादा गाड़ियां और पानी के टैंकर मौके पर मौजूद रहे और करीब आधे घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सका।
अन्य बसों को समय रहते हटाया गया
दमकल विभाग और पुलिस ने मौके पर पहुंचते ही सबसे पहले आसपास खड़ी अन्य बसों को हटाने का काम शुरू किया। अगर यह कदम समय रहते नहीं उठाया जाता तो आग और भी ज्यादा बसों तक फैल सकती थी। बचाव दल ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कई बसों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी फुटेज
फिलहाल आग लगने की असली वजह अभी तक सामने नहीं आ सकी है। इस वजह से कई तरह की आशंकाएं भी जताई जा रही हैं। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसके अलावा स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आग कैसे लगी। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने के सही कारणों का पता चल पाएगा।
नुकसान का किया जा रहा आकलन
इस घटना में तीन प्राइवेट बसें पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई हैं। प्रशासन अब इस आग से हुए नुकसान का आकलन कर रहा है। बस मालिकों को इस घटना से काफी आर्थिक नुकसान हुआ है। वहीं प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि कहीं यह घटना किसी तकनीकी खराबी या शरारत का नतीजा तो नहीं है।