दिल्ली के पालम अग्निकांड पर AAP नेता सौरभ भारद्वाज का बड़ा आरोप, बोले- गद्दे बिछाने देते तो 9 लोगों की जान बच सकती थी
नई दिल्ली: राजधानी के पालम इलाके में हुए दर्दनाक अग्निकांड पर सियासत तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा सरकार पर सीधे तौर पर लापरवाही और अपनी नाकामी छिपाने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि फायर ब्रिगेड
नई दिल्ली: राजधानी के पालम इलाके में हुए दर्दनाक अग्निकांड पर सियासत तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा सरकार पर सीधे तौर पर लापरवाही और अपनी नाकामी छिपाने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि फायर ब्रिगेड की खराब हाइड्रोलिक लिफ्ट और अधिकारियों की जिद के कारण नौ लोगों की जान चली गई, जिन्हें बचाया जा सकता था।
सौरभ भारद्वाज ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जिस इमारत में आग लगी, उसके ठीक बगल में गद्दों की एक दुकान थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सैकड़ों स्थानीय लोग पुलिस और फायर ब्रिगेड के अधिकारियों से गुहार लगाते रहे कि वे अपनी खराब गाड़ी को हटा लें ताकि वे नीचे गद्दे बिछा सकें।
‘गद्दे बिछ जाते तो बच जाती जानें’
भारद्वाज ने कहा कि तीसरी मंजिल की बालकनी की ऊंचाई करीब 30-32 फुट होती है। अगर नीचे गद्दे बिछा दिए जाते तो ऊपर फंसे लोग कूदकर अपनी जान बचा सकते थे। उन्होंने कहा, “वहां मौजूद करीब 500 स्थानीय लोग और दुकानदार पुलिस व फायर ब्रिगेड से विनती कर रहे थे कि वे अपनी खराब गाड़ी को वहां से हटाएं और हमें गद्दे बिछाने दें। लेकिन अपनी बदनामी छुपाने के लिए लोगों की जान नहीं बचाई गई।”
भावुक वीडियो दिखाकर उठाए सवाल
इस दौरान सौरभ भारद्वाज ने एक वीडियो भी दिखाया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि नौ लोगों की जगह केवल आठ चिताएं जल रही हैं। उन्होंने भावुक होते हुए बताया, “आठ चिताएं इसलिए हैं क्योंकि एक 70 साल की बुजुर्ग मां अपनी जवान बेटी को बचाने के लिए उसे गले से लगाए रही, ताकि बेटी बच जाए भले ही मां जल जाए। आग में उनकी लाशें आपस में इस कदर चिपक गईं कि मरने के बाद भी अलग नहीं हो सकीं।”
“इस अग्निकांड में भी भाजपा सरकार की पहली जिम्मेदारी लोगों की जान बचाने की थी, लेकिन सरकार केवल खुद को बचाने में लगी हुई है।”- सौरभ भारद्वाज, AAP नेता
उन्होंने जनकपुरी में गड्ढे में गिरकर मारे गए कमल ध्यानी के मामले का भी जिक्र किया और कहा कि उस मामले की तरह ही सरकार अब पालम अग्निकांड में भी सारा दोष मृतकों पर ही डालना चाहती है।
ज्वलनशील पदार्थ के दावे का खंडन
सौरभ भारद्वाज ने भाजपा नेता वीरेंद्र सचदेवा के उस बयान का भी खंडन किया, जिसमें दुकान में ज्वलनशील पदार्थ होने की बात कही गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह कॉस्मेटिक और होजरी की दुकान थी। उन्होंने सवाल किया, “ज्वलनशील पदार्थ से दिल्ली भाजपा अध्यक्ष का क्या यह मायने हैं कि वहां कोई पेट्रोल या बम रखे हुए थे? आखिर वहां ऐसा कौन सा ज्वलनशील पदार्थ था?” उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता असलियत जान चुकी है।
बीजेपी सरकार 9 लोगों की जान बचाना चाहती तो लोगों को गद्दे बिछाने देती, लेकिन सरकार लोगों की नहीं, अपनी जान बचाना चाहती थी।
बीजेपी सरकार की एक दिन की बदनामी ना हो कि इनकी फायर ब्रिगेड ठीक से काम नहीं करती, इसलिए 9 लोगों को मरने दिया गया।
— @Saurabh_MLAgk, दिल्ली प्रदेश संयोजक,… pic.twitter.com/492bc08e0g
— AAP (@AamAadmiParty) March 20, 2026