इंदौर: डिस्ट्रीब्यूटरशिप का लालच देकर गुजरात के व्यापारी से ऐंठे 1 करोड़ रुपये, रकम मांगने पर दी धमकी, डायरेक्टर गिरफ्तार

इंदौर: इंदौर क्राइम ब्रांच ने डिस्ट्रीब्यूटरशिप और बिजनेस मार्जिन का झांसा देकर करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। क्राइम ब्रांच ने गुजरात के एक व्यापारी से मेडिकेयर कंपनी की डिस्ट्रीब्यूटरशिप दिलाने के नाम पर 1 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में कंपनी के 74 वर्षीय डायरेक्टर को गिरफ्तार

Aug 8, 2026 - 21:30
इंदौर: डिस्ट्रीब्यूटरशिप का लालच देकर गुजरात के व्यापारी से ऐंठे 1 करोड़ रुपये, रकम मांगने पर दी धमकी, डायरेक्टर गिरफ्तार

इंदौर: इंदौर क्राइम ब्रांच ने डिस्ट्रीब्यूटरशिप और बिजनेस मार्जिन का झांसा देकर करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। क्राइम ब्रांच ने गुजरात के एक व्यापारी से मेडिकेयर कंपनी की डिस्ट्रीब्यूटरशिप दिलाने के नाम पर 1 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में कंपनी के 74 वर्षीय डायरेक्टर को गिरफ्तार किया है।

बता दें कि आरोपियों ने पीड़ित व्यापारी से 1 करोड़ रुपये लेने के बाद न तो उसे व्यापार का माल उपलब्ध कराया और न ही जमा की गई मूल राशि वापस लौटाई। जब पीड़ित द्वारा अपने रुपये वापस मांगे गए तो आरोपी कथित तौर पर गाली-गलौज करने लगे और धमकियां देने लगे। पीड़ित की शिकायत और वित्तीय लेनदेन से जुड़े साक्ष्यों की जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि यह पूरा मामला गुजरात के दाहोद झालोद निवासी पीड़ित व्यापारी कमलेश अग्रवाल से जुड़ा है। इन्होंने क्राइम ब्रांच डीसीपी कार्यालय में धोखाधड़ी की एक शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, इंदौर स्थित मेसर्स आई.एच.एल. मेडिकेयर प्राइवेट लिमिटेड और इन्फुटेक हेल्थकेयर लिमिटेड के डायरेक्टरों ने उन्हें गुजरात क्षेत्र की डीलरशिप और डिस्ट्रीब्यूटरशिप देने का बड़ा लालच दिया था।

आरोपियों के झांसे में आकर पीड़ित कमलेश अग्रवाल ने 50-50 लाख रुपये की दो किस्तों में कुल 1 करोड़ रुपये कंपनी में जमा करा दिए थे। आरोपियों ने जुलाई 2022 तक मार्जिन मनी के रूप में 28.50 लाख तो दिए, लेकिन इसके बाद न तो कोई माल सप्लाई किया और न ही बाकी के पैसे लौटाए।

आरोपियों ने फरियादी को दी धमकी

इतना ही नहीं जब ​फरियादी अपने रुपये वापस मांगने पहुंचा तो आरोपियों ने रुपये तो वापस नहीं किए बल्कि धमकी देकर वहां से भगा दिया। जिसके बाद पीड़ित ने सीधे पुलिस प्रशासन का दरवाजा खटखटाया और विस्तार से पूरे मामले की जानकारी देते हुए शिकायत दर्ज कराई।

क्राइम ब्रांच ने 74 वर्षीय डायरेक्टर को किया गिरफ्तार

क्राइम ब्रांच ने बैंक स्टेटमेंट, लेजर और कानूनी राय के आधार पर मामले की जांच की। जांच में धोखाधड़ी और अमानत में खयानत के आरोप सामने आए। इसके बाद पुलिस ने 74 वर्षीय डायरेक्टर मनोहरलाल गुप्ता और उनके सहयोगी आदित्य गुप्ता के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस ने मनोहरलाल गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मामले में आगे की जांच जारी है।