संसद में कांग्रेस के हंगामे पर पूर्व PM देवगौड़ा ने व्यक्त की चिंता, सोनिया गांधी को लिखा पत्र, जानें क्या कहा

नई दिल्ली: संसद के कामकाज और उसकी गरिमा को लेकर दो वरिष्ठ नेताओं ने अपनी चिंता और विचार व्यक्त किए हैं। एक ओर जहां पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवगौड़ा ने हालिया संसदीय सत्र में हुए व्यवधानों पर गहरी चिंता जताते हुए कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को पत्र लिखा है, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

Mar 16, 2026 - 16:30
संसद में कांग्रेस के हंगामे पर पूर्व PM देवगौड़ा ने व्यक्त की चिंता, सोनिया गांधी को लिखा पत्र, जानें क्या कहा

नई दिल्ली: संसद के कामकाज और उसकी गरिमा को लेकर दो वरिष्ठ नेताओं ने अपनी चिंता और विचार व्यक्त किए हैं। एक ओर जहां पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवगौड़ा ने हालिया संसदीय सत्र में हुए व्यवधानों पर गहरी चिंता जताते हुए कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को पत्र लिखा है, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की निष्पक्षता और नेतृत्व की सराहना की है।

देवगौड़ा ने अपने पत्र में विशेष रूप से विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस सांसदों द्वारा किए गए हंगामे का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संसद और उसके परिसर में नारेबाजी, तख्तियां दिखाना और धरना जैसी घटनाएं अभूतपूर्व हैं, जो भारत की संसदीय लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव को कमजोर कर सकती हैं।

देवगौड़ा ने याद दिलाया पुराना दौर

अपने 65 साल के लंबे सार्वजनिक जीवन का अनुभव साझा करते हुए देवगौड़ा ने कहा कि उन्होंने विपक्ष में लंबा समय बिताया है, लेकिन उस दौर में भी विरोध के बावजूद संसद की गरिमा और परंपराओं का सम्मान हमेशा बनाए रखा जाता था। उनका यह पत्र संसदीय आचरण पर चल रही बहस को एक नया आयाम देता है।

पीएम मोदी ने की स्पीकर बिरला की तारीफ

इसी बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र लिखकर उनके खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के खारिज होने के बाद उनके नेतृत्व की प्रशंसा की। पीएम मोदी ने संसदीय मर्यादा बनाए रखने और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा सुनिश्चित करने के लिए स्पीकर के प्रयासों की सराहना की।

“लोकसभा में आपके खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को सदन ने खारिज कर दिया है। जिस तरह सदन ने इस राजनीतिक कदम को स्पष्ट रूप से खारिज किया उसके लिए मैं सदन के सदस्यों को भी बधाई देता हूं।”- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि सदन में कोई भी नियमों से ऊपर नहीं है और लोकतांत्रिक मानदंडों की रक्षा करना स्पीकर की एक अहम जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि स्पीकर का काम केवल सदन का संचालन करना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक परंपराओं और संस्थागत गरिमा की रक्षा करना भी है।

ओम बिरला ने जताया आभार

प्रधानमंत्री मोदी के पत्र के जवाब में, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी लाइन से ऊपर उठकर कहे गए प्रधानमंत्री के प्रेरणादायक शब्द देश भर के सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों को प्रेरित करेंगे। बिरला ने लिखा, “पार्टी की सीमाओं से परे आपका यह संदेश संसद, राज्य विधानसभाओं और स्थानीय निकायों के सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों को प्रेरित करेगा। यह हमारे स्वतंत्रता सेनानियों तथा संविधान सभा के सदस्यों द्वारा स्थापित लोकतंत्र की मजबूत नैतिक नींव को और अधिक सुदृढ़ बनाएगा।”