भीषण तबाही के बीच भारत बना नेपाल का सहारा, भेजी 5वीं मदद; बचाव दल और दवाएं रवाना
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बीच भारत ने राहत अभियान और तेज कर दिया है। भारत का पांचवां विमान 11 सदस्यीय बचाव दल, विशेष उपकरण और 5.5 टन जरूरी दवाओं के साथ नेपाल रवाना हुआ है। जानिए नेपाल बाढ़ त्रासदी, भारत की मदद और राहत बचाव अभियान की पूरी जानकारी।
New Delhi: नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद भारत ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। त्रासदी के 8वें दिन भारत का पांचवां विमान नेपाल के लिए रवाना हुआ है। इस विमान में 11 सदस्यीय विशेष बचाव दल के साथ राहत और बचाव उपकरण भेजे गए हैं। इसके अलावा प्रभावित लोगों की मदद के लिए 5.5 टन जरूरी दवाओं की खेप भी नेपाल पहुंचाई जा रही है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत लगातार नेपाल के साथ खड़ा है और आपदा की इस घड़ी में हर संभव सहायता पहुंचाई जा रही है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी सोशल मीडिया के जरिए भारत की मदद की जानकारी साझा की।
मलबे में फंसे लोगों की तलाश करेगा भारतीय दल
भारत से भेजी गई 11 सदस्यीय टीम के पास अत्याधुनिक राहत और बचाव उपकरण हैं। इनकी मदद से मलबे में दबे लोगों की तलाश की जाएगी और मुश्किल इलाकों में राहत कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। कई इलाकों में सड़कें और मकान मलबे में दब गए हैं। इस आपदा में अब तक 1093 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4 हजार से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं।
बीमारियों के खतरे के बीच भेजी गईं जरूरी दवाएं
बाढ़ के बाद प्रभावित इलाकों में संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए भारत ने राहत सामग्री के साथ 5.5 टन आवश्यक दवाएं भी भेजी हैं। इन दवाओं का इस्तेमाल प्रभावित लोगों के इलाज में किया जाएगा।
भारत इससे पहले भी नेपाल को राहत सामग्री, बचाव दल और जरूरी सहायता भेज चुका है। पांचवें विमान के रवाना होने के साथ भारत ने एक बार फिर पड़ोसी देश के साथ अपनी मजबूत दोस्ती और सहयोग का संदेश दिया है।
भारत-नेपाल के रिश्तों की मजबूती दिखी
भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से गहरे संबंध रहे हैं। दोनों देशों के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव भी मजबूत है। प्राकृतिक आपदा के समय भारत लगातार नेपाल की मदद करता रहा है और इस बार भी राहत अभियान में अहम भूमिका निभा रहा है।