इंदौर: मोबाइल पर बात करते बाइक का चालान, 4500 रुपये का जुर्माना

इंदौर की सड़कों पर चल रहे विशेष यातायात अभियान के दौरान एक युवक को मोबाइल पर बात करते हुए बाइक चालान का मामला सामने आया। पुलिस ने उसे बिना लाइसेंस, बिना हेलमेट और फोन पर बात करते हुए रोककर कुल 4500 रुपये का चालान किया। पुलिस टीम ने युवक को सड़क पर फोन का इस्तेमाल […]

Sep 1, 2026 - 15:30
इंदौर: मोबाइल पर बात करते बाइक का चालान, 4500 रुपये का जुर्माना

इंदौर की सड़कों पर चल रहे विशेष यातायात अभियान के दौरान एक युवक को मोबाइल पर बात करते हुए बाइक चालान का मामला सामने आया। पुलिस ने उसे बिना लाइसेंस, बिना हेलमेट और फोन पर बात करते हुए रोककर कुल 4500 रुपये का चालान किया।

पुलिस टीम ने युवक को सड़क पर फोन का इस्तेमाल करते हुए देखा और उसे रोकने की कोशिश की। लेकिन रुकने के बजाय उसने बाइक मोड़कर वहां से निकलने की कोशिश की, जिससे मामला थोड़ा गर्मा गया।

पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर युवक को रोक लिया और उसके साथ-साथ बाइक के दस्तावेजों की भी जांच शुरू की। जांच में फोन पर बात करने के अलावा कई और नियमों का उल्लंघन भी पक्का हुआ।

बिना लाइसेंस और हेलमेट के चला रहा था बाइक

जांच से साफ हुआ कि युवक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। साथ ही उसने हेलमेट भी नहीं पहना था। यानी एक बार में ही उसने कई यातायात नियमों का उल्लंघन किया था।

4500 रुपये का चालान, मोटर व्हीकल एक्ट की कार्रवाई

इन उल्लंघनों को गंभीरता से लेते हुए यातायात पुलिस ने मोटर व्हीकल एक्ट के तहत युवक पर कुल 4500 रुपये का चालान किया।

कार्रवाई के बाद पुलिस ने साफ कहा कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी मुसीबत का कारण बन सकती है, इसलिए नियमों से छोटी-छोटी बातें मत मानिए।

मोबाइल से ध्यान हटते बढ़ा हादसे का खतरा

वाहन चलाते समय फोन का इस्तेमाल सड़क हादसों की बड़ी वजह बनता है। फोन पर बात करते हुए चालक का ध्यान सड़क और आसपास के वाहनों से हट जाता है।

अचानक सामने कोई गाड़ी, पैदल चलता व्यक्ति या रुकावट आ जाए तो बाइक संभालना मुश्किल हो सकता है, जिससे हादसा गंभीर बन सकता है।

डीसीपी ने चालकों से की अपील

डीसीपी (यातायात) राजेश कुमार त्रिपाठी ने वाहन चालकों से अपील की है कि बाइक या कोई भी वाहन चलाते समय फोन का इस्तेमाल न करें।

उन्होंने दोपहिया वाहन चलाने वालों से हेलमेट जरूर पहनने और वाहन के जरूरी दस्तावेज साथ रखने की सलाह दी है।

यह मामला एक बार फिर साफ करता है कि सड़क पर नियम तोड़ना जेब पर भारी पड़ सकता है, और फोन पर बात करते हुए छोटी सी लापरवाही किसी बड़े हादसे में बदल भी सकती है। आगे की नजर इस बात पर है कि इंदौर यातायात पुलिस ऐसे विशेष अभियान जारी रखेगी ताकि चालक खुद ही नियमों का पालन करें और सड़क सुरक्षित बने।