इंदौर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे से 5 घंटे तक हुई पूछताछ, पुलिस पर लगाए कई गंभीर आरोप, कांग्रेस ने बड़े आंदोलन की दी चेतावनी

इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे से गुरुवार को पंढ़रीनाथ थाने में कई घंटों तक पूछताछ की गई। वहीं जैसे ही उनके लंबे समय तक थाने में होने की जानकारी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को मिली, बड़ी संख्या में समर्थक थाने पहुंच गए। दरअसल पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा समेत कई वरिष्ठ नेता भी मौके

Jul 31, 2026 - 10:30
इंदौर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे से 5 घंटे तक हुई पूछताछ, पुलिस पर लगाए कई गंभीर आरोप, कांग्रेस ने बड़े आंदोलन की दी चेतावनी

इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे से गुरुवार को पंढ़रीनाथ थाने में कई घंटों तक पूछताछ की गई। वहीं जैसे ही उनके लंबे समय तक थाने में होने की जानकारी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को मिली, बड़ी संख्या में समर्थक थाने पहुंच गए। दरअसल पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा समेत कई वरिष्ठ नेता भी मौके पर पहुंचे। थाने के बाहर नारेबाजी हुई और राजनीतिक माहौल गर्मा गया। हालांकि बाद में पूछताछ पूरी होने के बाद चौकसे को जाने दिया गया।

वहीं थाने से बाहर आने के बाद चिंटू चौकसे ने मीडिया से बातचीत में कई गंभीर आरोप लगाए है। दरअसल उनका कहना है कि हाल ही में टंट्या भील चौराहे पर आयोजित NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस ने छात्रों का समर्थन किया था। इसी के बाद उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा गया।

बयान कई बार लिखा और बदला गया: चिंटू चौकसे

दरअसल चिंटू चौकसे के मुताबिक थाने में उनका बयान कई बार लिखा और बदला गया। उन्होंने दावा किया कि लगभग दस बार बयान में संशोधन कराया गया और घंटों तक उन्हें वहीं बैठाकर रखा गया। चौकसे ने यह भी आरोप लगाया कि पूरी कार्रवाई उच्च स्तर के निर्देश पर हुई। हालांकि इन आरोपों पर पुलिस की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

राजनीतिक दबाव में कार्रवाई?

दराल कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह कार्रवाई केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं बल्कि राजनीतिक दबाव का हिस्सा है। चौकसे ने आरोप लगाया कि पिछले छह महीने पुराने मामले को अचानक सक्रिय किया गया, जबकि कांग्रेस लगातार छात्रों, किसानों और अन्य जन आंदोलनों का समर्थन कर रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी नेता राहुल गांधी के आह्वान पर कांग्रेस देशभर में छात्रों की आवाज उठा रही है और इंदौर में भी यही किया गया।

आवाज दबाने की कोशिश की जा रही:चिंटू चौकसे

वहीं चिंटू चौकसे ने यह भी कहा है कि पहले कांग्रेस कार्यालय के बाहर हुए विवाद में भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन और पथराव किया था, जिसमें कांग्रेस के लोग घायल हुए। उनका आरोप है कि उस मामले में कांग्रेस नेताओं के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज हुई, जबकि दूसरी ओर कुछ लोगों के खिलाफ अज्ञात मामला दर्ज किया गया। कांग्रेस का कहना है कि विरोध की आवाज उठाने वालों को प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए दबाने की कोशिश की जा रही है। वहीं पुलिस की ओर से फिलहाल केवल पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी सामने आई है।

कांग्रेस ने बड़े आंदोलन की दी चेतावनी

दरअसल पूछताछ के बाद कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर बड़ा राजनीतिक आंदोलन किया जाएगा। चौकसे ने कहा कि पार्टी प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में इंदौर पुलिस के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन करेगी। उनका कहना है कि यदि विपक्ष के नेताओं को इसी तरह लंबे समय तक थाने में बैठाकर पूछताछ की जाएगी, तो कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन मानेगी।