स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना के विरोध में पटवारी लामबंद, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को भू-खण्ड संबंधी अधिकार सुरक्षित कर उन्हें निःशुल्क रजिस्ट्री उपलब्ध कराने वाली मध्यप्रदेश शासन की स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना खटाई में पड़ती नजर आ रही है। शुरू होने से पहले ही प्रदेश के पटवारी खामियों के चलते इसके विरोध में लामबंद हो गए हैं , ग्वालियर में पटवारी […]

Sep 15, 2026 - 19:30
स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना के विरोध में पटवारी लामबंद, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को भू-खण्ड संबंधी अधिकार सुरक्षित कर उन्हें निःशुल्क रजिस्ट्री उपलब्ध कराने वाली मध्यप्रदेश शासन की स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना खटाई में पड़ती नजर आ रही है। शुरू होने से पहले ही प्रदेश के पटवारी खामियों के चलते इसके विरोध में लामबंद हो गए हैं , ग्वालियर में पटवारी संघ ने इसके विरोध में मुख्यमंत्री के  नाम एक ज्ञापन सौंपा है।

ग्वालियर जिले में काम करने वाले करीब 250 पटवारी आज कलेक्ट्रट पहुंचे और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए एक ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम सौंपा, कलेक्टर की गैर मौजूदगी में पटवारियों ने ये ज्ञापन एडीएम को सौंपा , पटवारियों ने मीडिया को बताया कि शुक्रवार को ये आदेश आया है , 17 सितम्बर से ये योजना शुरू हो रही है, 55 जिलों में 16 लाख रजिस्ट्री ग्रामीणों को सौंपी जायेंगी।

जमीन हमारी नहीं तो हम मालिक कैसे ?

मध्य प्रदेश पटवारी संघ के ग्वालियर जिला अध्यक्ष हर्ष श्रीवास्तव का  कहना है कि इस योजना में जो सबसे बड़ी खामी है वो ये कि हमें यानि पटवारी को विक्रेता बनाया गया है अब सवाल ये है कि जिस जमीन के हम मालिक ही नहीं है और जिसके मालिक पहले से ही किसान हैं, खसरे में जिनके पहले से ही नाम चढ़े हुए हैं तो हम विक्रेता कैसे हो सकते हैं ? जब पटवारी उस जमीन का मालिक ही नहीं है तो वो उसे बेच कैसे सकता है?

रिकॉर्ड में बहुत त्रुटियाँ 

पटवारी संघ जिला अध्यक्ष ने कहा कि आदेश आने के बाद जब हमने काम शुरू किया तीन दिने में ही  भू अभिलेख में तमाम ऐसे रिकॉर्ड हैं जो त्रुटिपूर्ण है उसमें अशुद्धियाँ हैं , कई संपत्तियों में जिनके नाम है  वो भू स्वामी नहीं है और जो है उनके नाम नहीं है, मकान किसी और के नाम है तो ऐसे में रजिस्ट्री कैसे हो सकती है।

पटवारी बोले तीन दिन में हुए विवाद  

उन्होंने बताया कि पिछले तीन दिनों में ही इस अशुद्ध रिकॉर्ड के कारण पटवारियों के साथ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से विवाद हो गया है , कुछ पटवारियों के साथ तो झुमा झटकी तक हो गई, अब ऐसे में इस योजना का क्रियान्वयन कैसे संभव हो सकेगा इसलिए हम दो सूत्रीय मांगपत्र के साथ ज्ञापन सौंपने आये हैं।

पटवारियों की दो मांगें 

पटवारी संघ अध्यक्ष ने कहा कि हमारी मांग है कि इसमें से विक्रेता वाले कॉलम से पटवारी का नाम हटाया जाये और अशुद्ध भू अभिलेखों को शुद्ध किया जाये जिससे ग्रामीण के पास जो रजिस्ट्री पहुंचे वो दस्तावेज शुद्ध हो क्योंकि वो उसकी जमीन के मालिकाना हक़ के दस्तावेज हैं।

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।