इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का फोकस, मुख्यमंत्री बोले- खूबसूरत भवनों में दिखती है इंजीनियरों की कला साधना, CSIR-AMPRI भोपाल और PWD के बीच MOU
लोक निर्माण विभाग तकनीक को साथ लेकर नवाचार कर रहा है। विभाग खुद फंड इकट्ठा कर इंफ्रास्ट्रक्चर बना रहा है, यह बड़ी बात है। आज सीएसआईआर, एम्प्री भोपाल और लोक निर्माण विभाग के बीच इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण के लिए MOU किया गया। इसमें फ्लायऐश आधारित सीमेंट से सड़कें बनाई जाएंगी। यह बातें आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन […]
लोक निर्माण विभाग तकनीक को साथ लेकर नवाचार कर रहा है। विभाग खुद फंड इकट्ठा कर इंफ्रास्ट्रक्चर बना रहा है, यह बड़ी बात है। आज सीएसआईआर, एम्प्री भोपाल और लोक निर्माण विभाग के बीच इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण के लिए MOU किया गया। इसमें फ्लायऐश आधारित सीमेंट से सड़कें बनाई जाएंगी। यह बातें आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘राज्य स्तरीय अभियंता दिवस समारोह’ में कहीं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार, भोपाल में आयोजित ‘राज्य स्तरीय अभियंता दिवस समारोह’ का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। दीप प्रज्ज्वलन के बाद कार्यक्रम में वंदे मातरम का गायन हुआ। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समारोह अभियांत्रिकी कार्यों में गुणवत्ता और नवाचार की संस्कृति को और सुदृढ़ करेगा। 19-20वीं शताब्दी के दरम्यान हमारी सारी प्रतिभाएं देश को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग प्रकार की राह बना रही थीं। उनमें एक महान शख्सियत मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया थे। उन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री के साथ शानदार जीवन जीया। उन्होंने कई विख्यात संरचनाएं बनाईं। उनकी एक-एक रचना उनकी सोच को दर्शाती है।
इंजीनियर में इंजन शब्द का आभास होता है
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंजीनियर में मुझे इंजन शब्द का आभास होता है। इंजन का अर्थ ही यही है कि जो सारी ताकत और क्षमता लगाकर संचालन करे। मध्यप्रदेश में स्थापत्य कला के अनेक अद्भुत उदाहरण देखने को मिलते हैं। ऐतिहासिक इमारतें, चट्टानों को काटकर बनाए गए मंदिर और खूबसूरत प्रतिमाएं, यहां की हर रचना बेहतरीन शिल्प और कौशल की पहचान है। पुराने समय में बड़े-बड़े भवन, बड़ी-बड़ी अट्टालिकाएं, बड़ी-बड़ी रचनाएं, अजंता-एलोरा का भगवान कैलाश का मंदिर, मंदसौर का धर्मराजेश्वर, दिव्य प्रतिमाएं हमें प्राचीन की कला और कौशल याद दिलाती हैं। भारत की पहली संसद प्रदेश के मुरैना के पास के स्थान से प्रेरणा लेकर बनाई गई। आजादी के बाद जो दूसरा संसद भवन बना उसकी प्रेरणा भी विदिशा जिले के पास के बिजासन मंदिर से ली गई। हमारी रचनाएं हजारों साल पुरानी हैं। इन रचनाओं में महान विभूतियों की कला साधना छिपी हुई है।
लोक निर्माण विभाग को बधाई, तकनीक के साथ हो रहा नवाचार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं लोक निर्माण विभाग को बधाई देता हूं। विभाग ने उत्कृष्ट कार्य किया है। विभाग ने रानी दुर्गावती को स्मरण किया, वे सुशासन की-वीरता की मिसाल हैं, उन्होंने देश की अस्मिता के लिए बलिदान दिया और नर्मदा के किनारे जबलपुर को बसाया।। लोक निर्माण विभाग ने सम्राट विक्रमादित्य को स्मरण किया, वे सुशासन और टीम भावना का प्रतीक थे। राजा भोज को भी स्मरण किया। ओल्ड इज गोल्ड। विभाग तकनीक को साथ लेकर नवाचार कर रहा है। विभाग खुद फंड इकट्ठा कर इंफ्रास्ट्रक्चर बना रहा है, यह बड़ी बात है।
समस्या का समाधान है इंजीनियरिंग
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सभी विभाग विकास की सीढ़ियां चढ़ रहे हैं, विकास की तस्वीर बदल रही है, इसमें लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर्स का टीम वर्क महत्वपूर्ण स्थान रखता है। सर मोक्षगुंडम विश्वेसरैया ने कहा था कि इंजीनियरिंग केवल एक तकनीक नहीं है,समस्याओं का समाधान निकालने की एक क्षमता है।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इंजीनियर्स देशभर में बेहतर अधोसंरचनाएं तैयार कर रहे हैं। हमें रुकना नहीं है, समाधान का मार्ग तलाशना है। इंजीनियर्स के लिए तीन बातें- खोजी स्वभाव, अनुभव और परफेक्शन सबसे अधिक मायने रखती हैं। इंजीनियर अपने विचारों पर मंथन करें, इन्हीं से नवाचार निकलेगा। इस दिशा में भास्कराचार्य संस्थान की भूमिका भी अहम है। पिछले 9 महीने में प्रदेशभर के 85 प्रतिशत इंजीनियर्स को प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने भोपाल में इंजीनियर्स की ट्रेनिंग के लिए संस्थान प्रारंभ करने का संकल्प लिया है। MP के नवाचारों को देश के अनेक राज्यों ने अपनाया है। विभाग ने अपने कामकाज के तरीके से अपनी छवि बदली है। MPRDC अगले 1 साल में लगभग 2 लाख करोड़ रुपए लागत के कार्य करेगा।
सीएसआईआर-एम्प्री भोपाल-लोक निर्माण विभाग के बीच एमओयू
कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग एवं CSIR-AMPRI, भोपाल के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) का आदान-प्रदान भी हुआ। यह अपनी तरह का पहला प्रयोग है। इसमें फ्लायऐश आधारित सीमेंट से सड़कें बनाई जाएंगी। इस नवाचार से अधोसंरचना विकास को नई दिशा मिलेगी।सीमेंट के बिना कांक्रीट की सड़क बनाने की तकनीक भी मिलेगी। मध्यप्रदेश में बनने वाले सरकारी भवन अब ग्रीन बिल्डिंग टेक्नोलॉजी पर बनेंगे।
इनका हुआ सम्मान
- इस अवसर पर मुख्यमंत्री यादव ने अधोसंरचना निर्माण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अभियंताओं, अधिकारियों, संयुक्त दलों एवं निर्माण एजेंसियों को ‘लोक निर्माण पुरस्कार’ प्रदान कर सम्मानित किया, साथ ही लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार कम्पेंडियम सर्कुलर का विमोचन भी किया।
- कार्यक्रम में ईश्वर सिंह चंदेली, मानवेंद्र सिंह सेंगर, मनीष कुमार शर्मा, अर्चित लाहौटी, अमन अग्रवाल, नितिन अग्रवाल, नितिन बरसैया, राजेश दायमा, शशांक शर्मा, हर्षिता वार्ष्णेय, दीपक नामदेव, साहित्य तिवारी, अनिल श्रीवास्तव, पुष्कल प्रताप, मोहन किशोर, महेंद्र डोलिया, शिवेंद्र सिंह, रामसिंह रघुवंशी, आशीष मंडल का सम्मान किया गया। इस दौरान सेवानिवृत्त सचिव लोक निर्माण विभाग सतीश चंद्र पांडे और सेवानिवृत्त प्रमुख अभियंता जीएस पल्नितकर को विशेष सम्मान दिया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की गरिमामयी उपस्थिति में #भोपाल में आयोजित 'राज्य स्तरीय अभियंता दिवस समारोह' में लोक निर्माण विभाग एवं CSIR-AMPRI, भोपाल के मध्य समझौता ज्ञापन (MoU) का आदान-प्रदान किया गया।@DrMohanYadav51 @CMMadhyaPradesh @pwdminmp #MadhyaPradesh #EngineersDay… pic.twitter.com/nV3GLgs2sY
— Jansampark MP (@JansamparkMP) September 15, 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार, #भोपाल में आयोजित 'राज्य स्तरीय अभियंता दिवस समारोह' का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।
इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री श्री @MPRakeshSingh भी उपस्थित रहे।@DrMohanYadav51 @CMMadhyaPradesh @pwdminmp #MadhyaPradesh #EngineersDay… pic.twitter.com/kOvpAunPLU
— Jansampark MP (@JansamparkMP) September 15, 2026