भोपाल में सीलिंग कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों का प्रदर्शन, आनंद नगर में निकली रैली, मास्टर प्लान की मांग की
भोपाल के आनंद नगर में सीलिंग के नोटिसों के विरोध में व्यापारियों ने रविवार को विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में व्यापारी चौराहे पर एकत्र हुए और रैली निकालकर अपनी मांगें प्रशासन तक पहुंचाईं। प्रदर्शन के दौरान दो घंटे तक दुकानें बंद रखी गईं और व्यापारियों ने कहा कि स्थायी नीति के बिना कार्रवाई से
भोपाल के आनंद नगर में सीलिंग के नोटिसों के विरोध में व्यापारियों ने रविवार को विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में व्यापारी चौराहे पर एकत्र हुए और रैली निकालकर अपनी मांगें प्रशासन तक पहुंचाईं। प्रदर्शन के दौरान दो घंटे तक दुकानें बंद रखी गईं और व्यापारियों ने कहा कि स्थायी नीति के बिना कार्रवाई से हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित हो रही है।
दरअसल राजधानी भोपाल में आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर नगर निगम की कार्रवाई के बीच व्यापारियों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। आनंद नगर व्यापारी संगठन के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में स्थानीय दुकानदारों ने सीलिंग नोटिसों को लेकर नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वर्षों से संचालित दुकानों पर अचानक कार्रवाई करने के बजाय पहले स्पष्ट नीति बनाई जानी चाहिए। व्यापारियों ने रैली के जरिए प्रशासन से मांग की कि उनकी समस्याओं का व्यावहारिक समाधान निकाला जाए।
मास्टर प्लान और मिक्स्ड लैंड यूज की मांग पर जोर
दरअसल प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने भोपाल का नया मास्टर प्लान जल्द लागू करने की मांग उठाई। उनका कहना है कि शहर के कई हिस्सों में लंबे समय से आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियां साथ-साथ चल रही हैं, इसलिए मिक्स्ड लैंड यूज की व्यवस्था लागू करना जरूरी है। व्यापारियों ने यह भी कहा कि गुजरात की तर्ज पर नियमितीकरण की व्यवस्था बनाई जाए, ताकि पुराने व्यापारिक प्रतिष्ठानों को कानूनी राहत मिल सके।
व्यापारियों के अनुसार कई दुकानों से सिर्फ मालिक ही नहीं, बल्कि कर्मचारी, उनके परिवार और दूसरे लोगों की आजीविका भी जुड़ी हुई है। उनका कहना है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के सीलिंग जैसी कार्रवाई से रोजगार पर सीधा असर पड़ सकता है। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि वे शहर के नियोजित विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन विकास के साथ व्यापारियों के हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। इसी वजह से उन्होंने स्थायी नीति बनाकर पुराने कारोबारों के लिए स्पष्ट नियम तय करने की मांग दोहराई।
दो घंटे बंद रहीं दुकानें
वहीं आनंद नगर में विरोध प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने करीब दो घंटे तक अपनी दुकानें बंद रखीं। इसके बाद उन्होंने रैली निकालकर अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। इस दौरान विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया और भविष्य में भी एकजुट रहने की बात कही। व्यापारियों ने कहा कि प्रशासन को नोटिस जारी करने के साथ-साथ ऐसा समाधान भी देना चाहिए, जिससे शहर का विकास और लोगों का रोजगार दोनों सुरक्षित रह सकें। उनका कहना है कि जिन क्षेत्रों में लंबे समय से व्यापार चल रहा है, वहां स्पष्ट नियमों के आधार पर निर्णय लिया जाना चाहिए।