चीनी की कीमतों में उछाल पर मल्लिकार्जुन खरगे का केंद्र सरकार पर हमला, पूछे 3 सवाल, कहा- ये कैसा आत्मनिर्भर भारत?

चीनी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। महज एक हफ्ते में शक्कर के दाम करीब 55 रुपये से बढ़कर 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं और कीमतों में तेजी का सिलसिला जारी है। बढ़ती कीमतों को लेकर अब सियासत भी गरमा गई है और

Aug 22, 2026 - 17:30
चीनी की कीमतों में उछाल पर मल्लिकार्जुन खरगे का केंद्र सरकार पर हमला, पूछे 3 सवाल, कहा- ये कैसा आत्मनिर्भर भारत?

चीनी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। महज एक हफ्ते में शक्कर के दाम करीब 55 रुपये से बढ़कर 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं और कीमतों में तेजी का सिलसिला जारी है। बढ़ती कीमतों को लेकर अब सियासत भी गरमा गई है और विपक्ष केंद्र सरकार पर सवाल खड़े करते हुए उसे घेर रहा है।

चीनी की कीमत में बढ़ोतरी और देश में चीनी भंडार कम होने को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। खरगे ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट शेयर कर कहा कि ऐसी स्थिति में भी पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण (E20) की नीति की समीक्षा क्यों नहीं की जा रही? खरगे ने दावा किया है कि देश में चीनी का भंडार नौ साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है।

मल्लिकार्जुन खरगे ने मोदी सरकार से पूछे तीन सवाल

मल्लिकार्जुन खरगे ने त्योहारों से पहले चीनी की मिठास में मोदी सरकार की नीतियों की कड़वाहट घुल गई है। इस दौरान उन्होंने मोदी सरकार से तीन सवाल भी पूछे। खरगे ने पूछा कि दुनिया के बड़े चीनी उत्पादक और निर्यातक भारत में आज चीनी का स्टॉक 9 साल के निचले स्तर पर क्यों है? नौबत निर्यात रोकने और 10 लाख टन चीनी ड्यूटी फ्री आयात करने तक कैसे पहुँच गई?

वहीं, खरगे ने सरकार से दूसरा सवाल पूछा कि तीन महीने में चीनी करीब 40% महँगी हो गई। त्योहारों से पहले जनता पर पड़ी इस महंगाई की मार का जिम्मेदार कौन है? वहीं तीसरा सवाल पूछा कि जब देश में चीनी की कमी है और सरकार विदेश से चीनी मंगा रही है, तो गन्ने और अनाज को E20 के लिए इथेनॉल बनाने में झोंकने की नीति की समीक्षा क्यों नहीं हो रही?

9 साल के निचले स्तर पर चीनी का स्टॉक, खरगे ने उठाए सवाल

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि ये कैसा ‘आत्मनिर्भर भारत’ है? उन्होंने कहा कि पहले देश में चीनी का उत्पादन घटा, फिर चीनी का स्टॉक 9 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया और अब विदेशों से चीनी का आयात करना पड़ रहा है। खरगे ने आरोप लगाया कि दूसरी ओर गन्ने का इस्तेमाल पेट्रोल में मिलाने के लिए एथेनॉल बनाने में किया जा रहा है।