कार बेचने वाला निकला राजकुमार, 26 साल बाद खुला शाही राज; DNA ने बताया कौन है असली पिता!
बेल्जियम में 26 साल से छिपी एक पारिवारिक सच्चाई ने अचानक सबका ध्यान खींच लिया है। एक कार सेल्समैन अब राजकुमार के रूप में पहचाने जाएंगे, लेकिन उनकी कहानी सिर्फ शाही दर्जे तक सीमित नहीं है।
New Delhi: बेल्जियम में एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने आम जिंदगी और शाही परिवार के बीच की दूरी ही मिटा दी। 26 साल तक एक युवक की पहचान एक आम इंसान के तौर पर रही। वह कार बेचता था, ग्राफिक डिजाइन की पढ़ाई कर चुका है और तेज रफ्तार गाड़ियों का शौकीन है। लेकिन अब उसकी जिंदगी में ऐसा बदलाव आया है, जिसकी शायद उसने कभी कल्पना भी नहीं की होगी। DNA जांच ने उसे सीधे बेल्जियम के शाही परिवार से जोड़ दिया।
कार सेल्समैन से राजकुमार बनने तक का सफर
26 वर्षीय क्लेमेंट वैंडेनकेर्कहोव अब प्रिंस लॉरेंट के जैविक और कानूनी बेटे के रूप में पहचाने जाएंगे। प्रिंस लॉरेंट बेल्जियम के राजा फिलिप के छोटे भाई हैं। यानी वैंडेनकेर्कहोव का रिश्ता सीधे बेल्जियम के शाही परिवार से जुड़ गया है।
हालांकि राजकुमार का दर्जा मिलने का मतलब यह नहीं है कि उन्हें शाही परिवार की हर सुविधा या संवैधानिक अधिकार मिल जाएंगे। उन्हें शाही भत्ता नहीं मिलेगा, न ही वह आधिकारिक शाही जिम्मेदारियां निभाएंगे। इसके अलावा बेल्जियम के सिंहासन पर उनका उत्तराधिकार अधिकार भी नहीं होगा। लेकिन प्रिंस लॉरेंट की निजी संपत्ति में उनकी स्थिति अब उनके सौतेले भाई-बहनों के बराबर हो गई है।
छह महीने पहले हुआ बड़ा कानूनी फैसला
रिपोर्टों के मुताबिक, करीब छह महीने पहले एक छोटे टाउन हॉल में बेहद निजी और शांत तरीके से कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। इसी दौरान प्रिंस लॉरेंट ने वैंडेनकेर्कहोव को कानूनी रूप से अपना बेटा स्वीकार किया। इस फैसले के बाद उन्हें लॉरेंट की निजी संपत्ति में प्रिंसेस लुईस और प्रिंस निकोलस व प्रिंस आयमेरिक के बराबर उत्तराधिकार अधिकार मिला है।
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अब सवाल यह भी है कि क्या वह शाही परिवार का उपनाम अपनाएंगे? वैंडेनकेर्कहोव ने इस पर साफ कहा है कि उन्हें अपने मौजूदा पारिवारिक नाम पर गर्व है। उनके लिए यह नाम उनकी मां से जुड़ी पहचान है, इसलिए इसे छोड़ना उनके लिए आसान फैसला नहीं होगा।
16 साल की उम्र में मां ने बताया था बड़ा सच
वैंडेनकेर्कहोव का जन्म अगस्त 2000 में बेल्जियम की गायिका और सोशलाइट वेंडी वैन वांटन के घर हुआ था। उनका जन्म नाम आइरिस वैंडेनकेर्कहोव बताया गया है। उनकी मां और प्रिंस लॉरेंट के बीच 1990 के दशक में रिश्ता चर्चा में रहा था। दोनों की मुलाकात पेरिस में एक फैशन शो के दौरान हुई थी। हालांकि बाद में लॉरेंट ने वर्ष 2003 में प्रिंसेस क्लेयर से शादी कर ली।
वैंडेनकेर्कहोव ने एक डॉक्यूमेंट्री में बताया कि उनकी मां ने उन्हें 16 साल की उम्र में पहली बार बताया था कि प्रिंस लॉरेंट उनके जैविक पिता हैं। यह जानकारी उनके लिए जिंदगी बदल देने वाली थी, लेकिन उस समय यह राज सार्वजनिक नहीं हुआ।
चार साल बाद खुद किया पिता से संपर्क
सच्चाई जानने के करीब चार साल बाद वैंडेनकेर्कहोव ने हिम्मत करके लॉरेंट से फोन पर संपर्क किया। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और फिर DNA जांच कराने का फैसला हुआ। DNA जांच में दोनों के बीच 99.5 प्रतिशत जैविक मेल पाया गया। इसके बाद लॉरेंट ने भी सार्वजनिक रूप से वैंडेनकेर्कहोव को अपना जैविक बेटा स्वीकार किया।
वैंडेनकेर्कहोव ने उस समय का जिक्र करते हुए बताया कि दोनों साथ अस्पताल गए थे। उन्होंने यह भी बताया कि लॉरेंट ने पहले खुद टेस्ट कराने की बात कही, ताकि वह सहज महसूस कर सकें।
एक मुलाकात ऐसी भी
इस कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा यह है कि दोनों 2013 में एक शॉपिंग सेंटर में मिल चुके थे। उस वक्त वैंडेनकेर्कहोव को बिल्कुल पता नहीं था कि उनके सामने खड़ा व्यक्ति भविष्य में उनके पिता के रूप में सामने आएगा। यानी जिस रिश्ते की सच्चाई वर्षों तक पर्दे के पीछे रही, उसकी एक कड़ी दोनों की जिंदगी में पहले ही मौजूद थी।
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शाही परिवार से पहले बिल्कुल आम थी जिंदगी
शाही पहचान सामने आने से पहले वैंडेनकेर्कहोव की जिंदगी किसी आम युवक जैसी थी। रिपोर्टों के अनुसार वह डेनाइज़ स्थित एक ओपल डीलरशिप में कार सेल्समैन के रूप में काम करते थे। उन्होंने ग्राफिक डिजाइन की पढ़ाई की है और उन्हें तेज रफ्तार कारों के साथ-साथ घोड़ों का भी शौक है।
अब उनकी पहचान बदल चुकी है। जिस युवक की रोजमर्रा की जिंदगी कारों की बिक्री और अपने शौक के इर्द-गिर्द थी, वह अब बेल्जियम के शाही परिवार का हिस्सा है। हालांकि उनकी जिंदगी में राजकुमार का दर्जा जुड़ गया है, लेकिन उन्होंने अपनी पुरानी पहचान और मां से मिले नाम को लेकर अपना लगाव साफ रखा है।