इंदौर के स्कूल में मिड-डे मील से 38 बच्चे बीमार, कढ़ी खाने के बाद बिगड़ी तबीयत, दही-छाछ के सैंपल जांच में

इंदौर के सांवेर तहसील के सिंहासा गांव स्थित शासकीय माध्यमिक स्कूल में शनिवार को मिड-डे मील खाने के बाद अचानक कई बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। दोपहर में बच्चों को कढ़ी-चावल परोसा गया था। खाना खाने के कुछ देर बाद बच्चों ने पेट दर्द, चक्कर और सिरदर्द की शिकायत की। देखते ही देखते 38 बच्चों

Aug 23, 2026 - 09:30
इंदौर के स्कूल में मिड-डे मील से 38 बच्चे बीमार, कढ़ी खाने के बाद बिगड़ी तबीयत, दही-छाछ के सैंपल जांच में

इंदौर के सांवेर तहसील के सिंहासा गांव स्थित शासकीय माध्यमिक स्कूल में शनिवार को मिड-डे मील खाने के बाद अचानक कई बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। दोपहर में बच्चों को कढ़ी-चावल परोसा गया था।

खाना खाने के कुछ देर बाद बच्चों ने पेट दर्द, चक्कर और सिरदर्द की शिकायत की। देखते ही देखते 38 बच्चों की तबीयत खराब होने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद स्कूल और गांव में हड़कंप मच गया।

 38 बच्चों की तबीयत बिगड़ी

सिंहासा गांव के शासकीय माध्यमिक स्कूल में शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे बच्चों को मिड-डे मील में कढ़ी-चावल परोसा गया था। बच्चों ने खाना खाया और कुछ देर बाद कई बच्चों ने पेट दर्द की शिकायत करना शुरू कर दिया।

इसके साथ ही कुछ बच्चों को चक्कर और सिरदर्द की परेशानी भी हुई। बच्चों की संख्या बढ़ने पर स्कूल में मौजूद शिक्षक और ग्रामीणों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। निजी वाहनों की मदद से बच्चों को इंदौर के अरविंदो अस्पताल ले जाया गया।

कुल 38 बच्चों की तबीयत खराब होने की जानकारी सामने आई। अस्पताल में बच्चों का इलाज किया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि फिलहाल किसी भी बच्चे की हालत गंभीर नहीं है।

बच्चों ने बताया- कढ़ी का स्वाद सामान्य नहीं था

अस्पताल में भर्ती बच्चों से बातचीत के दौरान मिड-डे मील को लेकर एक अहम बात सामने आई। आठवीं कक्षा की छात्राओं काजल और खुशी ने बताया कि स्कूल में आमतौर पर खाना अच्छा मिलता है, लेकिन शनिवार को कढ़ी का स्वाद अलग था।

बच्चियों के अनुसार, कढ़ी खाने के बाद कुछ ही समय में पेट दर्द और दूसरी परेशानियां शुरू हुईं। बच्चों के इस बयान के बाद कढ़ी की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे।

खाद्य विभाग ने कढ़ी-चावल के सैंपल लिए

बच्चों की तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिलने के बाद खाद्य विभाग की टीम स्कूल पहुंची। टीम ने स्कूल में बनाए गए भोजन की जांच की और कढ़ी तथा चावल के सैंपल लिए। अब इन सैंपल की जांच के जरिए भोजन की गुणवत्ता पता लगाने की कोशिश होगी। कढ़ी में इस्तेमाल किए गए दही और छाछ को भी जांच के दायरे में रखा गया है।

इस जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि भोजन में किसी तरह की खराबी तो नहीं थी। इसके साथ ही यह भी देखा जा सकता है कि खाने में इस्तेमाल की गई सामग्री सुरक्षित थी या नहीं और उसे सही तरीके से रखा गया था या नहीं।

पालक ने जताई एक्सपायरी खाद्य सामग्री की आशंका

बच्चों के बीमार होने के बाद पालकों में भी नाराजगी देखने को मिली। एक बच्ची के पालक ने दावा किया कि स्कूल के मिड-डे मील को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। पालक के मुताबिक, पहले एक घटना में नमक की जगह चारे में इस्तेमाल होने वाली दवा का पाउडर खाने में मिल जाने की बात सामने आई थी। हालांकि उस समय शिक्षकों ने भोजन परोसने से पहले स्थिति देख ली थी और बच्चों को वह खाना खाने से रोक दिया गया था।

स्कूल में RO का पानी नहीं

मिड-डे मील के अलावा स्कूल में बच्चों को मिलने वाले पानी की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। जानकारी के अनुसार, स्कूल में RO वाटर कूलर की व्यवस्था नहीं है।

स्कूल में बोरिंग का पानी टंकी में पहुंचता है और फिर नलों के जरिए बच्चों को पीने के लिए दिया जाता है। ऐसे में बच्चों और पालकों की मांग है कि स्कूल में RO वाटर कूलर की व्यवस्था की जाए।

स्वास्थ्य विभाग दो दिन तक घर-घर करेगा बच्चों की निगरानी

बच्चों के इलाज के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उनकी निगरानी जारी रखने का फैसला किया है। सीएमएचओ डॉ. माधव हासानी के मुताबिक, बच्चों को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम अगले दो दिन तक बच्चों के घर जाकर उनकी जांच करेगी। टीम बच्चों के स्वास्थ्य पर नजर रखेगी और यह देखेगी कि उन्हें दोबारा पेट दर्द, उल्टी, बुखार, चक्कर या कोई दूसरी परेशानी तो नहीं हो रही।

बच्चों के बीमार होने के बाद अस्पताल में कराया गया इलाज

शनिवार दोपहर खाना खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी थी। स्कूल के शिक्षकों और ग्रामीणों ने बच्चों को निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाया। इंदौर के अरविंदो अस्पताल में बच्चों का इलाज किया गया। अस्पताल में बच्चों से बातचीत के दौरान कढ़ी के स्वाद को लेकर जानकारी मिली। बच्चों ने बताया कि उन्हें शनिवार की कढ़ी सामान्य नहीं लगी थी।

रीना बौरासी ने सरकार पर उठाए सवाल

बच्चों से मिलने महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी भी अरविंदो अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने बच्चों से बातचीत के बाद स्कूल के मिड-डे मील की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। रीना बौरासी ने कहा कि बच्चों ने उन्हें बताया कि खाना खराब था और इसे खाने के बाद उल्टी और बुखार जैसी शिकायतें हुईं। उन्होंने स्कूल में मिलने वाले पानी की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाया।