इंदौर शिशुकुंज स्कूल फूड पॉइजनिंग मामले में घर-घर पहुंचकर बच्चों की जांच कर रहे डॉक्टर, 23 खाद्य नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार

इंदौर के शिशुकुंज स्कूल में बच्चों की तबीयत बिगड़ने का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। दरअसल स्कूल में परोसे गए लंच के बाद 150 से अधिक बच्चों को पेट संबंधी परेशानी होने की शिकायत मिली थी। घटना के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मंगलवार को स्कूल में

Jun 24, 2026 - 11:30
इंदौर शिशुकुंज स्कूल फूड पॉइजनिंग मामले में घर-घर पहुंचकर बच्चों की जांच कर रहे डॉक्टर, 23 खाद्य नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार

इंदौर के शिशुकुंज स्कूल में बच्चों की तबीयत बिगड़ने का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। दरअसल स्कूल में परोसे गए लंच के बाद 150 से अधिक बच्चों को पेट संबंधी परेशानी होने की शिकायत मिली थी। घटना के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मंगलवार को स्कूल में सामान्य दिनों की तुलना में कम छात्र पहुंचे, जबकि अधिकांश बच्चे घर से टिफिन लेकर आए।

दरअसल घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों को ई-मेल भेजकर फिलहाल बच्चों को घर से भोजन भेजने की सलाह दी थी। प्रशासन की कार्रवाई के बाद स्कूल परिसर में मौजूद किचन को सील कर दिया गया है। इस बीच स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रभावित विद्यार्थियों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि सभी बच्चों की हालत फिलहाल स्थिर है और किसी भी छात्र को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी है।

शिशुकुंज स्कूल के बच्चों की स्वास्थ्य जांच जारी

वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित बच्चों की मॉनिटरिंग शुरू कर दी है। दरअसल मंगलवार को डॉक्टरों की टीम कई बच्चों के घर पहुंची और उनकी जांच की। डॉक्टरों ने बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के साथ यह भी देखा कि कहीं किसी की स्थिति चिंताजनक तो नहीं है। विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में बाकी बच्चों के घर भी टीम भेजी जाएगी।

कई बच्चों में गैस्ट्रोएंटेराइटिस और डिहाइड्रेशन जैसे लक्षण पाए गए

दरअसल स्वास्थ्य विभाग की शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि कई बच्चों में गैस्ट्रोएंटेराइटिस और डिहाइड्रेशन जैसे लक्षण पाए गए हैं। शनिवार को लंच के बाद बच्चों ने पेट दर्द, उल्टी, घबराहट और कमजोरी की शिकायत की थी। प्रभावित विद्यार्थियों में बड़ी संख्या चौथी कक्षा तक के बच्चों की बताई जा रही है। घटना के बाद अभिभावकों में भी चिंता बढ़ गई थी और उन्होंने स्कूल पहुंचकर जवाब मांगा था। प्रशासन का कहना है कि हर बच्चे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जा सके।

23 खाद्य नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार

वहीं घटना के बाद जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने स्कूल में विस्तृत जांच की। निरीक्षण के दौरान कुछ खाद्य सामग्री की एक्सपायरी डेट खत्म होने की बात सामने आई, जिसके बाद किचन को सील कर दिया गया। जांच के दौरान टीम ने पनीर, दूध, दाल, मसाले, तैयार भोजन, आइसक्रीम और पानी समेत कुल 23 नमूने एकत्र किए हैं।

इन सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने की असली वजह क्या थी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हसानी के अनुसार, स्कूल प्रशासन ने एहतियातन 85 विद्यार्थियों को घर भेजा था, जबकि कई अभिभावकों ने ई-मेल के जरिए भी बच्चों की तबीयत खराब होने की जानकारी दी थी।