“अव्यवस्था के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार नहीं..” राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रोटोकॉल उल्लंघन मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दी सफाई

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे को लेकर उठे प्रोटोकॉल विवाद पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सीधे तौर पर राज्य सरकार का बचाव किया है। कोलकाता में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि दार्जिलिंग से जुड़े जिस कार्यक्रम पर सवाल उठ रहे हैं, उसका आयोजन राज्य सरकार के नियंत्रण में नहीं था। मुख्यमंत्री

Mar 8, 2026 - 18:42
“अव्यवस्था के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार नहीं..” राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रोटोकॉल उल्लंघन मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दी सफाई

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे को लेकर उठे प्रोटोकॉल विवाद पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सीधे तौर पर राज्य सरकार का बचाव किया है। कोलकाता में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि दार्जिलिंग से जुड़े जिस कार्यक्रम पर सवाल उठ रहे हैं, उसका आयोजन राज्य सरकार के नियंत्रण में नहीं था।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, कार्यक्रम की जिम्मेदारी निजी आयोजकों और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के पास थी। इसलिए अगर गंदगी, ग्रीन रूम की स्थिति या महिलाओं के लिए टॉयलेट जैसी शिकायतें सामने आई हैं, तो जवाबदेही उन्हीं एजेंसियों की बनती है।

ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार को शनिवार को आयोजित कार्यक्रम की पूरी और विस्तृत जानकारी नहीं दी गई थी। उनका तर्क था कि जब प्रशासन को योजना के हर चरण में शामिल ही नहीं किया गया, तब प्रोटोकॉल उल्लंघन का आरोप सीधे राज्य सरकार पर लगाना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं माना जा सकता।

प्रधानमंत्री के आरोपों पर ममता का जवाब

इस विवाद में राजनीतिक तापमान तब और बढ़ा जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने TMC सरकार पर राष्ट्रपति के सम्मान से जुड़ा आरोप लगाया। ममता बनर्जी ने कोलकाता के केंद्रीय धरना स्थल से इस पर पलटवार किया और कहा कि घटनाक्रम को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है।

“हम राष्ट्रपति और संविधान का पूरा सम्मान करते हैं। जानबूझकर राज्य सरकार पर आरोप लगाना सही नहीं है।”- ममता बनर्जी

मुख्यमंत्री ने एक तस्वीर का जिक्र करते हुए कहा कि उसमें प्रधानमंत्री बैठे दिख रहे हैं और राष्ट्रपति खड़ी हैं। उन्होंने इसे BJP की राजनीतिक शैली बताते हुए कहा कि उनकी सरकार ऐसा व्यवहार नहीं करती और राष्ट्रपति के पद की गरिमा बनाए रखना राज्य की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

सरकार को निशाना बनाने का आरोप

ममता बनर्जी ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल को राजनीतिक तौर पर निशाना बनाया जा रहा है। उनके शब्दों में, कुछ पक्ष इस मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत कर रहे हैं ताकि राज्य सरकार की छवि को नुकसान पहुंचे।

उन्होंने यह भी दोहराया कि राष्ट्रपति के दौरे के दौरान राज्य सरकार ने अपनी ओर से आवश्यक सहयोग दिया था। उनका कहना था कि राष्ट्रपति और संविधान का सम्मान केवल किसी एक दल की नहीं, बल्कि हर सरकार और हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सिलीगुड़ी के महापौर गौतम देब ने बैगडोगरा हवाई अड्डे पर प्रोटोकॉल के अनुरूप राष्ट्रपति का स्वागत किया। इसी के साथ उन्होंने अपने धरना कार्यक्रम का संदर्भ देते हुए कहा कि वह लोगों के अधिकारों के मुद्दे पर बैठी हैं और उसे बीच में छोड़ना संभव नहीं था।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई

मौजूदा विवाद की पृष्ठभूमि दार्जिलिंग में आयोजित 9वें अंतरराष्ट्रीय संताल सम्मेलन से जुड़ी है। राष्ट्रपति मुर्मू ने शनिवार को कार्यक्रम की व्यवस्थाओं पर असंतोष जताया था और मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति पर भी टिप्पणी की थी। इसके बाद BJP ने राज्य सरकार पर प्रोटोकॉल उल्लंघन का आरोप लगाते हुए राजनीतिक हमला तेज किया।

दूसरी तरफ, TMC लगातार कह रही है कि प्रोटोकॉल तोड़ा नहीं गया और जिन पहलुओं पर प्रश्न उठे हैं, वे आयोजन प्रबंधन से जुड़े हैं। राज्य सरकार का दावा है कि उसे कार्यक्रम की विस्तृत प्रशासनिक रूपरेखा नहीं दी गई थी, इसलिए पूरे मामले की जिम्मेदारी तय करते समय आयोजन संरचना और अधिकार क्षेत्र को ध्यान में रखना चाहिए।

फिलहाल यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के केंद्र में है। एक ओर BJP राष्ट्रपति के सम्मान का मुद्दा उठाकर राज्य सरकार को कटघरे में रख रही है, दूसरी ओर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कहना है कि तथ्य सामने रखे जाएं और जिम्मेदारी वहीं तय हो जहां वास्तविक संचालन था।

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।