पश्चिम बंगाल: LPG महंगाई पर सियासत तेज, ममता बनर्जी ने किया विरोध प्रदर्शन का ऐलान, कहा- नारी विरोधी है BJP

घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की वृद्धि हुई है। जिसे लेकर देशभर में राजनीतिक हलचल देखने को मिल रही है। 7 मार्च को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। उन्होंने बंगाल की महिलाओं से महिला दिवस यानी 8 मार्च को विशाल विरोध

Mar 8, 2026 - 10:43
पश्चिम बंगाल: LPG महंगाई पर सियासत तेज, ममता बनर्जी ने किया विरोध प्रदर्शन का ऐलान, कहा- नारी विरोधी है BJP

घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की वृद्धि हुई है। जिसे लेकर देशभर में राजनीतिक हलचल देखने को मिल रही है। 7 मार्च को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। उन्होंने बंगाल की महिलाओं से महिला दिवस यानी 8 मार्च को विशाल विरोध रैली में भाग लेने की अपील की है। इसके अलावा भाजपा पर कई गंभीर आरोपों भी लगाए हैं।

सीएम ने भाजपा सरकार की नीतियों को महिलाओं की हितों के खिलाफ होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि, “केंद्र सरकार ने एलपीजी के दाम बढ़ा दिए हैं। जिसका सीधा घर के बजट पर पड़ेगा। अब नागरिकों को 21 दिन ही दिन पहले गैस बुकिंग करनी होगी। अगर घर का एलपीजी खत्म जाता है, तो 21 दिन तक क्या करेंगे और क्या खाएंगे?

ईंधन के कीमतों को बीजेपी ने बोला हमला

बीजेपी नेता मिथुन चक्रवर्ती ने की टीएमसी सरकार ईंधन पर अधिक टैक्स लगाने का आरोप लगाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि, “देश के कई अन्य राज्यों की तुलना में पश्चिम बंगाल में पेट्रोल और डीजल महंगे क्यों है?” इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि बंगाल में बीजेपी की सत्ता आने पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

SIR को लेकर चुनाव आयोग और BJP पर साधा निशान 

एसआईआर प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर बंगाल मुख्यमंत्री ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने, कहा कि, “साइलेंट इनविजिबल रिगिंग के जरिए महिला वोटर के नाम लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। लाखों असली महिला वोटर के नाम से मतदाता सूची से इसलिए हटाए जा रहे हैं, क्योंकि शादी के बाद उनके सरनेम या एड्रेस बदल गए।”

बीजेपी कर रही बंगाल को तोड़ने की कोशिश- ममता बनर्जी 

ममता बनर्जी ने बीजेपी पर “देश में फूट डालो और राज करो” की राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने एसआईआर, एनआरसी और सीएए पर लोकतंत्र की बुनियाद पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि, “इन नीतियों के जरिए समुदाय को एक दूसरे के खिलाफ खड़ा करने की कोशिश की जा रही है।  जिससे सांप्रदायिक तनाव बढ़ सकता है। एसआईआर से लोगों को वोट देने से रोकने की साजिश कर रहे हैं। लेकिन अब न बंटवारा होगा, न नाम डिलीट होंगे।”

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।