मनोज तिवारी का ममता बनर्जी पर बड़ा हमला, TMC में टिकट के लिए 5 करोड़ की मांग का लगाया गंभीर आरोप
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व धुरंधर खिलाड़ी मनोज तिवारी ने बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हालिया हार के बाद अब ममता बनर्जी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। दरअसल उन्होंने न केवल पार्टी के साथ अपने अध्याय के समाप्त होने की घोषणा की है, बल्कि तृणमूल
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व धुरंधर खिलाड़ी मनोज तिवारी ने बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हालिया हार के बाद अब ममता बनर्जी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। दरअसल उन्होंने न केवल पार्टी के साथ अपने अध्याय के समाप्त होने की घोषणा की है, बल्कि तृणमूल कांग्रेस को भ्रष्टाचार में पूरी तरह लिप्त बताते हुए कई चौंकाने वाले खुलासे भी किए हैं, जिससे पार्टी की अंदरूनी कलह और भी मुखर होकर सामने आ गई है।
दरअसल ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस को बंगाल चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद मनोज तिवारी का यह बयान काफी मायने रखता है, क्योंकि उन्होंने बताया कि आखिर क्यों उन्होंने टीएमसी का दामन छोड़ दिया और किस तरह पार्टी के भीतर भ्रष्टाचार चरम पर है। तिवारी ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी की इस हार से उन्हें बिल्कुल भी हैरानी नहीं हुई, क्योंकि उनके अनुसार, पूरी पार्टी भ्रष्टाचार के दलदल में धंसी हुई है और किसी भी क्षेत्र में विकास का कोई नामोनिशान नहीं है, जिसके चलते जनता ने उन्हें सिरे से नकार दिया।
जानिए मनोज तिवारी ने क्या कहा?
पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने एक समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें हावड़ा की शिबपुर सीट से विधानसभा चुनाव का टिकट देने से सिर्फ इसलिए इनकार कर दिया था, क्योंकि उन्होंने 5 करोड़ रुपये की मोटी रकम देने से साफ मना कर दिया था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अब उनका पार्टी के साथ संबंध पूरी तरह से खत्म हो चुका है और वे आगे टीएमसी के साथ किसी भी तरह से जुड़े नहीं रहेंगे, क्योंकि इस तरह के भ्रष्टाचार का हिस्सा बनना उन्हें स्वीकार्य नहीं था। उल्लेखनीय है कि मनोज तिवारी ममता बनर्जी की पिछली सरकार में खेल मंत्री का पद संभाल चुके थे, जिससे उनके इन आरोपों की गंभीरता और भी बढ़ जाती है और ये सीधे तौर पर पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाते हैं।
लगाए ये गंभीर आरोप
मनोज तिवारी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए बताया कि केवल वे ही नहीं, बल्कि इस बार लगभग 70 से 72 ऐसे उम्मीदवार थे, जिन्होंने टिकट हासिल करने के लिए 5-5 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम पार्टी को दी थी और इसी आधार पर उन्हें चुनाव लड़ने का मौका मिला। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “वे लोग ही टिकट खरीद पाए, जो इतनी बड़ी रकम का भुगतान कर सकते थे। मुझसे भी पैसे मांगे गए थे, लेकिन मैंने भ्रष्टाचार के इस दलदल में शामिल होने से इनकार कर दिया था, क्योंकि मैं इस तरह की सौदेबाजी का हिस्सा नहीं बनना चाहता था।”
करारी हार से जरा भी आश्चर्य नहीं हुआ
अपनी बात दोहराते हुए मनोज तिवारी ने कहा कि उन्हें तृणमूल कांग्रेस की इस करारी हार से जरा भी आश्चर्य नहीं हुआ। उन्होंने इस स्थिति का कारण बताते हुए कहा, “जब एक पूरी पार्टी भ्रष्टाचार में लिप्त हो, जब विकास के नाम पर किसी भी क्षेत्र में कोई काम न हुआ हो, तो परिणाम ऐसे ही होने थे। जनता ने अपनी नाराजगी मतदान के माध्यम से स्पष्ट रूप से व्यक्त कर दी है, और यह हार पार्टी के कुशासन का सीधा परिणाम है।”
मनोज तिवारी ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत के बारे में भी विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि उनका शुरू में राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं था, क्योंकि वे अपने क्रिकेट करियर पर ध्यान केंद्रित करना चाहते थे। उस समय वे इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में पंजाब किंग्स के लिए खेल रहे थे और रणजी ट्रॉफी में अपने खेल पर गंभीरता से ध्यान केंद्रित कर रहे थे, जहां उनका प्रदर्शन काफी अच्छा चल रहा था। उन्होंने खुलासा किया कि दीदी यानी ममता बनर्जी ने उस वक्त उनसे लोकसभा चुनाव लड़ने का आग्रह किया था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया था, क्योंकि वे खेल को अपनी प्राथमिकता मानते थे।