आर्थिक तंगी से बेहाल पाकिस्तान: शहबाज सरकार ने मंत्रियों की नई गाड़ियों और विदेश यात्राओं पर लगाया बैन
पाकिस्तान गंभीर आर्थिक तंगी और ईंधन संकट से जूझ रहा है। इससे निपटने के लिए शहबाज सरकार ने 17 सितंबर 2026 को आपातकालीन मितव्ययिता अभियान शुरू किया है, जिसके तहत मंत्रियों की गाड़ी-विदेश यात्रा पर रोक और बाजारों के समय सीमित किए गए हैं।
Islamabad: पाकिस्तान इस समय गंभीर आर्थिक तंगी और ईंधन संकट के दौर से गुजर रहा है। खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव और महंगे तेल के कारण देश की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव है। इस स्थिति से निपटने के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार ने 17 सितंबर 2026 को देश में आपातकालीन ‘मितव्ययिता और संरक्षण अभियान’ को मंजूरी दे दी है। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य बढ़ते खर्चों को नियंत्रित करना है।
मंत्रियों और अधिकारियों के खर्चों पर कड़े प्रतिबंध
आगामी तीन महीनों के लिए मंत्रियों और सरकारी अधिकारियों के विशेषाधिकारों पर सख्त पाबंदियां लागू की गई हैं-
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वाहन खरीद बंद: सरकार ने किसी भी नई गाड़ी की खरीद पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
विदेश यात्राओं पर बैन: मंत्रियों और सलाहकारों की गैर-जरूरी विदेश यात्राओं को तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। अति आवश्यक स्थिति में केवल इकोनॉमी क्लास में ही यात्रा की अनुमति होगी। इसके अलावा, विदेशों के कार्यक्रमों में अब देश के स्थानीय राजदूत या हाई कमिश्नर ही हिस्सा लेंगे।
ईंधन कोटे में कटौती: सभी सरकारी गाड़ियों के ईंधन कोटे को 50 प्रतिशत तक घटा दिया गया है। हालांकि, सेना, कानून-व्यवस्था और एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को इस कटौती से छूट दी गई है।
बिजली और ऊर्जा बचाने के लिए नए समय नियम
ऊर्जा संकट से उबरने के लिए व्यापारिक प्रतिष्ठानों और आयोजनों के समय को भी सीमित कर दिया गया है-
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बाजार और दुकानें: रात 9 बजे तक ही खुली रहेंगी।
शादी हॉल: रात 10 बजे तक बंद करने होंगे।
रेस्टोरेंट: रात 11 बजे तक ही संचालित हो सकेंगे।
सादा भोजन नियम: शादियों और अन्य सार्वजनिक समारोहों में मेहमानों को परोसे जाने वाले भोजन को घटाकर केवल एक डिश तक सीमित कर दिया गया है।
इस वित्तीय आपातकाल के जरिए सरकार देश के घटते संसाधनों को बचाने और फिजूलखर्ची पर लगाम कसने का प्रयास कर रही है।