इंदौर के नामी शिशुकुंज स्कूल पर कार्रवाई, किचन से मिले एक्सपायर्ड मसाले, 100 से ज्यादा बच्चों के बीमार होने का लगा आरोप
इंदौर के प्रसिद्ध शिशुकुंज स्कूल की किचन पर उस समय ताला लग गया जब खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीम ने जांच में कई गड़बड़ियां पाईं। दरअसल 100 से अधिक बच्चों के बीमार होने के आरोपों के बाद सोमवार को हुई इस कार्रवाई में किचन को सील कर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मामला भी दर्ज
इंदौर के प्रसिद्ध शिशुकुंज स्कूल की किचन पर उस समय ताला लग गया जब खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीम ने जांच में कई गड़बड़ियां पाईं। दरअसल 100 से अधिक बच्चों के बीमार होने के आरोपों के बाद सोमवार को हुई इस कार्रवाई में किचन को सील कर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया है। विभाग की टीम को किचन में 10 पैकेट ऐसे मसाले मिले, जिनकी उपयोग अवधि खत्म हो चुकी थी। इसके साथ ही, नमकीन के दो पैकेट भी एक्सपायरी डेट के निकले। अधिकारियों ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए किचन को सील किया और आगे की कार्रवाई के लिए मामला दर्ज किया गया।
दरअसल यह पूरा मामला स्कूल में लंच के बाद 100 से अधिक बच्चों की तबीयत खराब होने के आरोपों से जुड़ा है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि इंदौर के झलारिया स्थित इस बोर्डिंग स्कूल में शनिवार को दोपहर के भोजन के बाद कई बच्चों को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत हुई। बीमार हुए बच्चों में ज्यादातर चौथी कक्षा के बताए जा रहे हैं। बच्चों की तबीयत खराब होने के बाद कुछ पालक स्कूल पहुंचे और हंगामा किया। इस हंगामे का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, हालांकि इसकी घटना से जुड़ी पुष्टि नहीं हो पाई है। पालकों ने कलेक्टर शिवम वर्मा को भी लिखित शिकायत भेजी थी, जिसमें उन्होंने स्कूल में परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे और कहा था कि इससे बच्चों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। कलेक्टर वर्मा के निर्देश पर ही प्रशासनिक अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने स्कूल का दौरा किया।
कुल 23 नमूने लिए गए
वहीं छापेमारी करने वाली संयुक्त टीम में कनाड़िया एसडीएम दीपक चौहान, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हसानी, फूड सेफ्टी अधिकारी वैशाली सिंह और पुष्पक कुमार द्विवेदी, सीनियर फूड इंस्पेक्टर मनीष स्वामी तथा तहसीलदार नारायणा नांदेडा शामिल थे। टीम ने किचन में खाद्य सामग्री के रखरखाव, साफ-सफाई की स्थिति, खाना बनाने में इस्तेमाल होने वाले बर्तनों और पूरी प्रक्रिया की बारीकी से जांच की। इस दौरान पनीर, आइसक्रीम, अलग-अलग मसाले, शरबत, राजमा, तेल, नमकीन, दालें, दूध, तैयार भोजन, रोटी और पीने के पानी सहित कुल 23 नमूने लिए गए। इन सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
पालकों ने स्कूल परिसर में हंगामा किया
सोमवार को एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इस वीडियो में कुछ पालक स्कूल परिसर में हंगामा करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वे स्कूल स्टाफ से कह रहे हैं कि स्टाफ के कम लोग हैं और पालक अधिक हैं, इसलिए स्थिति को समझना चाहिए। पालक अपनी परेशानी बता रहे थे। हालांकि, यह वीडियो किस तारीख का है, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।
जानिए स्कूल की को-ऑर्डिनेटर रिचा तिवारी ने क्या कहा?
शिशुकुंज स्कूल की को-ऑर्डिनेटर रिचा तिवारी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि स्कूल में गुणवत्ता के सभी नियमों का पालन किया जाता है। उन्होंने बताया कि स्कूल की किचन खुली है और आरओ का पानी ही इस्तेमाल होता है। कोई भी पालक कभी भी आकर किचन की जांच कर सकता है। स्कूल परिसर में हर जगह सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं। रिचा तिवारी ने माना कि कुछ पालकों के ईमेल जरूर आए हैं, लेकिन उनका कहना था कि यदि कोई आरोप लगाता है तो उसे सबूत भी पेश करने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल में तीन हजार से अधिक बच्चों और स्टाफ को मिलाकर कुल 3800 से ज्यादा लोग हैं, और सभी इसी किचन का बना खाना खाते हैं। यदि खाने से कोई बीमार होता तो यह मामला कुछ ही घंटों में सामने आ जाता।