मोहन कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों पर लगी मुहर, 5 जुलाई तक तैयार होगा UCC का ड्राफ्ट, किसानों को भी बड़ी राहत
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार (23 जून 2026) को मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक सम्पन्न हुई। इस बैठक में सरकारी योजनाओं, किसानों और यूसीसी समेत कई विषयों पर चर्चा की गई और महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक के बाद एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्याप ने फैसलों की
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार (23 जून 2026) को मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक सम्पन्न हुई। इस बैठक में सरकारी योजनाओं, किसानों और यूसीसी समेत कई विषयों पर चर्चा की गई और महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक के बाद एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्याप ने फैसलों की जानकारी मीडिया को दी।
एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्याप ने बताया कि कैबिनेट में 5365 करोड़ के योजनाओं की निरंतरता की स्वीकृति दी गई। अगले पांच सालों के लिए मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के लिए 1740 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। खाद्यान्न वितरण के लिए भी 3580 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा अगले तीन साल में 100 प्रतिशत प्रवेश के लिए 315 स्कूलों का हाईस्कूल और 214 स्कूलों का हायर सेकंडरी में अपग्रेड किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार 635 करोड़ रुपए खर्च करेगी। श्यामा प्रसाद मुखर्जी बलिदान दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा मनाया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने 0 प्रतिशत ब्याज पर मिलने वाले लोन को चुकाने की अवधि को 365 दिन कर दिया है। इससे लोन चुकाने की ड्यू डेट अलग-अलग नहीं होगी। जो किसान जिस तारीख पर लोन लेगा, उसे अगले साल उसी तारीख पर चुकाना होगा। बता दें कि हर साल रबी और खरीफ सीजन के लिए प्रदेश में किसानों को करीब 25 हजार करोड़ रुपए लोन दिया जाता है जिसे 31 मार्च तक चुकाना पड़ता था, लेकिन अब इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। अब जिस तारीख को लोन लेंगे अगले साल उसी तारीख को चुका होगा। निर्धारित तारीख के बाद कर्ज चुकाने पर ही उनसे ब्याज वसूला जाएगा। हर साल केंद्र और प्रदेश सरकार मिलकर वार्षिक 880 करोड़ ब्याज वहन करता है।
5 जुलाई तक तैयार होगा यूसीसी का ड्रॉफ्ट
मंत्री कश्याप ने बताया समान नागरिक संहिता (UCC) ड्राफ्ट के लिए 9 लाख से अधिक सुझाव भेजे गए हैं। 90 प्रतिशत सुझावों में समान नागरिकता के प्रति समर्थन किया गया है। इनमें अल्पसंख्यक महिला और धर्मगुरुओं का बड़ा समर्थन है। 30 जून तक ड्राफ्ट का समावेश कर 5 जुलाई तक प्रारूप तैयार किया जाएगा, जिसे जुलाई में होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में लाने का प्रयास किया जाएगा।
बता दें कि सोमवार को समान नागरिक संहिता के अध्ययन एवं परीक्षण के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति के सदस्यों ने एक अहम बैठक की। इसमें शासकीय विभागों, राजनैतिक दल, धर्म गुरुओं सहित विभिन्न आयोगों और वर्गों के प्रतिनिधियों की राय जानी। सुझावों में प्रमुख रूप से विवाह, विवाह विच्छेद, संतान, दत्तक नियम जैसे विभिन्न विषयों पर राय दी गई। शासन की ओर से सभी मौखिक और लिखित सुझावों को दर्ज किया गया।