तमिलनाडु की सबसे बड़ी पार्टी बनी विजय की TVK, शानदार प्रदर्शन से सभी दलों को चौंकाया, PM मोदी और राहुल गांधी ने दी बधाई

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके ने अपनी पहली ही चुनावी लड़ाई में एक मजबूत राजनीतिक शक्ति के रूप में खुद को स्थापित किया है। पार्टी ने राज्य भर में शानदार प्रदर्शन करते हुए बहुमत के आंकड़े के करीब पहुंच कर सभी को चौंका दिया। खुद विजय ने दो सीटों से जीत

May 5, 2026 - 15:13
तमिलनाडु की सबसे बड़ी पार्टी बनी विजय की TVK, शानदार प्रदर्शन से सभी दलों को चौंकाया, PM मोदी और राहुल गांधी ने दी बधाई

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके ने अपनी पहली ही चुनावी लड़ाई में एक मजबूत राजनीतिक शक्ति के रूप में खुद को स्थापित किया है। पार्टी ने राज्य भर में शानदार प्रदर्शन करते हुए बहुमत के आंकड़े के करीब पहुंच कर सभी को चौंका दिया। खुद विजय ने दो सीटों से जीत दर्ज करते हुए अपनी राजनीतिक यात्रा का दमदार आगाज किया है। चुनाव आयोग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, टीवीके ने 96 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि उसके 11 उम्मीदवार अभी भी आगे चल रहे हैं। इस तरह, टीवीके के खाते में कुल 107 सीटें आती दिख रही हैं, जो उसे राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनाती है।

हालांकि, तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 117 है। इस स्थिति में, टीवीके बहुमत से 10 सीटों से पीछे है, जिससे विजय के लिए सरकार बनाने हेतु किसी न किसी दल के साथ गठबंधन करना अनिवार्य हो गया है। मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में, विजय को कम से कम 10 अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी। राज्य में केवल डीएमके और एआईएडीएमके ही ऐसी पार्टियां हैं जिनके पास 10 से अधिक विधायक हैं। लेकिन, विजय के इन दोनों प्रमुख द्रविड़ पार्टियों के साथ गठबंधन करने की संभावनाएं बेहद कम मानी जा रही हैं, क्योंकि टीवीके ने एक नई राजनीतिक पहचान बनाने का प्रयास किया है। ऐसे में, विजय को सरकार बनाने के लिए एक से अधिक छोटे दलों के साथ मिलकर एक मजबूत गठबंधन तैयार करना पड़ सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने विजय को दी शुभकामनाएं

इस बीच, तमिलनाडु चुनाव में टीवीके के प्रभावशाली प्रदर्शन के लिए अभिनेता विजय को राष्ट्रीय स्तर के नेताओं से बधाई मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी दोनों ने विजय को शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में एनडीए का समर्थन करने वाले मतदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, “हम जनता की समस्याओं के समाधान और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने में हमेशा अग्रणी रहेंगे।” प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु विधानसभा में टीवीके के शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई भी दी और यह दोहराया कि केंद्र सरकार तमिलनाडु की प्रगति और वहां के लोगों के कल्याण के लिए हर संभव प्रयास करती रहेगी।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी दी बधाई

इसी तरह, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने थिरु विजय से बात की और उन्हें टीवीके के शानदार चुनावी परिणामों पर बधाई दी। गांधी ने तमिलनाडु और पुडुचेरी के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उनके कठिन परिश्रम और समर्थन के लिए हार्दिक धन्यवाद दिया। उन्होंने अपने पोस्ट में यह भी दोहराया कि कांग्रेस पार्टी तमिलनाडु और पुडुचेरी के लोगों की रक्षा और सेवा करना जारी रखेगी। इन उच्च-स्तरीय बधाई संदेशों ने टीवीके के उदय को राष्ट्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटना के रूप में रेखांकित किया है।

गठबंधन के विकल्पों पर गौर करें तो, टीवीके ने यह चुनाव अकेले लड़ा था और किसी भी पार्टी के साथ कोई पूर्व-गठबंधन नहीं किया था। चुनाव से पहले, कांग्रेस के कई नेता टीवीके के साथ गठबंधन की इच्छा रखते थे, लेकिन वे डीएमके के साथ बने रहे। अब चुनाव परिणामों के बाद कांग्रेस के भीतर आत्ममंथन का दौर चल रहा है। विजय के पिता ने खुलकर कांग्रेस को आमंत्रण दिया है और सरकार बनाने के लिए समर्थन तथा सत्ता-साझेदारी की पेशकश की है। ऐसी स्थिति में, कांग्रेस टीवीके को बाहर से समर्थन दे सकती है या एक छोटे गठबंधन का हिस्सा बन सकती है, जिससे सरकार बनाने का रास्ता आसान हो सकता है।

दूसरी ओर, टीवीके ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को अपना वैचारिक दुश्मन बताया था और एनडीए के साथ गठबंधन से साफ इनकार कर दिया था। विजय ने सांप्रदायिक ताकतों के साथ किसी भी तरह का गठबंधन न करने की बात स्पष्ट रूप से कही थी। चुनाव से पहले कुछ अफवाहें थीं कि बीजेपी ने विजय को गठबंधन का प्रस्ताव दिया था, लेकिन टीवीके ने उन अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया था। टीवीके की मौजूदा स्थिति और विजय की ‘द्रविड़ियन/सेक्युलर’ छवि को देखते हुए बीजेपी के साथ गठबंधन करना उनके लिए बेहद मुश्किल होगा। इस प्रकार, विजय वामपंथी दलों, अन्य छोटे क्षेत्रीय दलों और कांग्रेस के साथ मिलकर एक वैकल्पिक सरकार बनाने का प्रयास कर सकते हैं, जो उनकी घोषित विचारधारा के अनुरूप होगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि विजय सरकार बनाने के लिए किस राजनीतिक समीकरण को साधते हैं।