भोपाल में डॉक्टर का व्हाट्सएप अकाउंट हैक, ठगों ने मैसेज भेजकर परिचितों से मांगे पैसे, जांच में जुटी पुलिस

जहां एक ओर साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, वहीं अब व्हाट्सएप भी अपराधियों का नया हथियार बन गया है। राजधानी के संतनगर क्षेत्र में ऐसे ही एक सनसनीखेज मामले में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. टी.के. ज्ञानचंदानी का व्हाट्सऐप अकाउंट साइबर अपराधियों ने हैक कर लिया। इसके बाद ठगों ने उनके नाम और

Jul 22, 2026 - 18:30
भोपाल में डॉक्टर का व्हाट्सएप अकाउंट हैक, ठगों ने मैसेज भेजकर परिचितों से मांगे पैसे, जांच में जुटी पुलिस

जहां एक ओर साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, वहीं अब व्हाट्सएप भी अपराधियों का नया हथियार बन गया है। राजधानी के संतनगर क्षेत्र में ऐसे ही एक सनसनीखेज मामले में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. टी.के. ज्ञानचंदानी का व्हाट्सऐप अकाउंट साइबर अपराधियों ने हैक कर लिया। इसके बाद ठगों ने उनके नाम और मोबाइल नंबर का बेजा इस्तेमाल करते हुए उनके परिचितों और अन्य लोगों को झांसे में लेने का प्रयास किया। इन शातिर अपराधियों ने डॉक्टर के मोबाइल नंबर से लोगों को संदेश भेजकर ऑनलाइन रुपए मांगने की कोशिश की। हालांकि, लोगों की समय रहते दिखाई गई सतर्कता के चलते एक बड़ी साइबर ठगी होने से बच गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, डॉ. ज्ञानचंदानी के मोबाइल नंबर से अलग-अलग लोगों को भिन्न-भिन्न तरह के संदेश भेजे गए। कुछ संदेशों में पार्सल लेने के बहाने संपर्क साधने का प्रयास किया गया, जबकि कई परिचितों को तत्काल आर्थिक सहायता की आवश्यकता बताकर ऑनलाइन धनराशि हस्तांतरित करने का आग्रह किया गया। संदेशों की भाषा-शैली सामान्य बातचीत से बिल्कुल अलग थी, जिसने कई लोगों के मन में संदेह पैदा कर दिया। संदिग्धता को भांपते हुए, कई जागरूक नागरिकों ने सीधे डॉक्टर ज्ञानचंदानी से संपर्क साधा और संदेशों की सत्यता पर सवाल उठाया। तभी इस पूरे मामले का खुलासा हुआ कि उनका व्हाट्सऐप अकाउंट हैकरों के निशाने पर आ गया था। घटना की गंभीरता को समझते हुए डॉ. ज्ञानचंदानी ने तत्काल बैरागढ़ थाने और साइबर क्राइम शाखा में अपनी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के तुरंत बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। साइबर अपराधी तक पहुंचने के लिए तकनीकी पहलुओं पर काम किया जा रहा है।

डॉ. ज्ञानचंदानी ने आम नागरिकों से की अपील

इस घटना के बाद डॉ. ज्ञानचंदानी ने आम नागरिकों से विशेष अपील की है। उन्होंने कहा है कि यदि उनके नाम से व्हाट्सऐप, फेसबुक या किसी भी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पैसे मांगने, किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, कोई फाइल डाउनलोड करने या किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि से जुड़ा कोई संदेश प्राप्त हो तो उस पर कतई विश्वास न करें। उन्होंने स्पष्ट रूप से आगाह किया कि बिना पुष्टि किए किसी भी स्थिति में धनराशि हस्तांतरित न करें। इसके अतिरिक्त, अज्ञात लिंक या फाइलों को खोलने से बचें, क्योंकि ऐसा करने से मोबाइल या आपकी निजी जानकारी साइबर अपराधियों के हाथों में पड़ सकती है, जिसका वे दुरुपयोग कर सकते हैं।

उधर, बैरागढ़ थाना प्रभारी अशोक गौतम ने भी साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे निरंतर जागरूकता अभियानों का जिक्र किया। उन्होंने जनता से आग्रह किया है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश या ऑनलाइन भुगतान संबंधी अनुरोध की पहले संबंधित व्यक्ति से भलीभांति पुष्टि कर लें। यदि किसी नागरिक के साथ इस प्रकार की कोई भी अप्रिय घटना होती है, तो तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई कर साइबर ठगी को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।

 

भोपाल से रवि कुमार की रिपोर्ट

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