MY चूहाकांड की बरसी पर जयस ने निकाला पैदल मार्च, अस्पताल गेट पर पुलिस ने रोका, नवजातों को श्रद्धांजलि देकर उठाए बड़े सवाल
इंदौर में रविवार को MY अस्पताल चूहाकांड की पहली बरसी पर जयस के कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकालकर स्वास्थ्य व्यवस्था में जवाबदेही का मुद्दा फिर उठाया। दरअसल बड़ी संख्या में कार्यकर्ता टंट्या भील चौराहे से अस्पताल की ओर बढ़े लेकिन मुख्य गेट पर पहले से तैनात पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे जाने से […]
इंदौर में रविवार को MY अस्पताल चूहाकांड की पहली बरसी पर जयस के कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकालकर स्वास्थ्य व्यवस्था में जवाबदेही का मुद्दा फिर उठाया। दरअसल बड़ी संख्या में कार्यकर्ता टंट्या भील चौराहे से अस्पताल की ओर बढ़े लेकिन मुख्य गेट पर पहले से तैनात पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने वहीं श्रद्धांजलि सभा आयोजित की और पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की मांग दोहराई।
वहीं जयस का कहना है कि एक वर्ष बीतने के बावजूद इस मामले में जिम्मेदार लोगों की स्पष्ट जवाबदेही तय नहीं होना गंभीर सवाल खड़े करता है। संगठन ने इसे केवल एक हादसा नहीं बल्कि व्यवस्था की विफलता का प्रतीक बताते हुए सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग की है।
जिम्मेदारी तय होना भी जरूरी: जयस
दरअसल जयस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट लोकेश मुजाल्दा ने कहा कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर हुई घटना को एक साल बीत चुका है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई सामने नहीं आई। उनके मुताबिक, ऐसी घटनाओं में केवल जांच पूरी होना काफी नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी तय होना भी जरूरी है। संगठन ने आरोप लगाया कि यदि गंभीर मामलों में जवाबदेही तय नहीं होती तो इससे लोगों का सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होता है। जयस ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी दोहराई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि चूहाकांड के अलावा बालाघाट कांड, कफ सिरप कांड और इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पानी मामले में जान गंवाने वाले लोगों को भी श्रद्धांजलि दी गई। संगठन के मुताबिक इन सभी घटनाओं में आम लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े सवाल सामने आए हैं।
पुलिस की बैरिकेडिंग के बीच हुआ श्रद्धांजलि कार्यक्रम
वहीं पुलिस ने एमवाय अस्पताल के मुख्य गेट पर पहले से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर रखी थी। जैसे ही पैदल मार्च अस्पताल पहुंचा, बैरिकेडिंग के जरिए कार्यकर्ताओं को गेट पर ही रोक दिया गया। हालांकि मार्च शांतिपूर्ण रहा और किसी तरह की अप्रिय घटना सामने नहीं आई। वहीं श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने मोमबत्तियां जलाकर दिवंगत नवजातों और अन्य पीड़ितों को याद किया। जयस नेताओं ने कहा कि यह केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि न्याय और जवाबदेही की लड़ाई को आगे बढ़ाने का संकल्प है।
दरअसल इससे पहले 6 सितंबर को भील कॉलोनी धर्मशाला, मुसाखेड़ी में जयस और JCS की संगठनात्मक एवं रणनीतिक बैठक हुई थी। इसमें आगामी जनआंदोलन, स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े मुद्दों और संगठन की आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। संगठन ने कहा कि MY अस्पताल से जुड़ी घटना को भुलाया नहीं जाएगा और जब तक जिम्मेदार लोगों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाई जाती रहेगी।