कांग्रेस ने MP सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, जीतू पटवारी ने प्रशासनिक लापरवाही और जनहित की अनदेखी का आरोप लगाया
कांग्रेस ने मध्यप्रदेश में प्रशासनिक कार्यशैली और हाल में हुई कई घटनाओं को लेकर सरकार को घेरा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि सरकार विभागों में गुणवत्ता और उत्कृष्टता को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा हाल
कांग्रेस ने मध्यप्रदेश में प्रशासनिक कार्यशैली और हाल में हुई कई घटनाओं को लेकर सरकार को घेरा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि सरकार विभागों में गुणवत्ता और उत्कृष्टता को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा हाल के दिनों में एक-एक घंटे में कई महत्वपूर्ण विभागों की समीक्षा करना यह दर्शाता है कि सरकार के लिए जनता का हित प्राथमिकता में नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह की जल्दबाजी वाली समीक्षा से न तो समस्याओं का वास्तविक समाधान निकल रहा है और न ही प्रशासनिक सुधार दिख रहा है।
कांग्रेस ने सरकार को घेरा
जीतू पटवारी ने कई हालिया घटनाओं का उल्लेख करते हुए बीजेपी सरकार की जवाबदेही पर प्रश्न उठाए हैं। इनमें इंदौर के भागीरथपुरा की जल त्रासदी, भोपाल स्लॉटर हाउस में गोमांस मिलने का मामला, छिंदवाड़ा का कफ सिरप प्रकरण और बरगी में हुए क्रूज़ हादसे के दौरान कथित लापरवाही जैसी बातें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि सरकार सुरक्षा और प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाने में विफल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश की आम जनता के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता भी अपने ही मंत्रियों से मुलाकात नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने इसे सरकार की असंवेदनशीलता और जनता से दूरी का संकेत बताया।
मुख्यमंत्री से जवाबदेही की मांग
कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग की है कि शिक्षा, जल संसाधन, कृषि, तकनीकी शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विभागों में सामने आए भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि कई हालिया घटनाओं में हुई लापरवाही की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश की जनता पारदर्शिता और जवाबदेही चाहती है, लेकिन वर्तमान सरकार इन अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर रही है। उन्होंने कहा है कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार किया जाए और जनता का भरोसा पुनः स्थापित किया जाए।