इंदौर में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, 535 किलो घी-पनीर जब्त, सिंध डेयरी में बिना वैध लाइसेंस बन रहा था पनीर-घी

खाद्य पदार्थों की क्वालिटी और साफ-सफाई को लेकर इंदौर में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने सोमवार को अलग-अलग इलाकों में जांच अभियान चलाया। दरअसल टीमों ने डेयरी, खाद्य कारोबार और हॉस्टल समेत कई जगहों का निरीक्षण किया। इस दौरान करीब 535 किलो खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसकी कीमत तीन लाख रुपए से ज्यादा बताई गई

Aug 11, 2026 - 09:30
इंदौर में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, 535 किलो घी-पनीर जब्त, सिंध डेयरी में बिना वैध लाइसेंस बन रहा था पनीर-घी

खाद्य पदार्थों की क्वालिटी और साफ-सफाई को लेकर इंदौर में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने सोमवार को अलग-अलग इलाकों में जांच अभियान चलाया। दरअसल टीमों ने डेयरी, खाद्य कारोबार और हॉस्टल समेत कई जगहों का निरीक्षण किया। इस दौरान करीब 535 किलो खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसकी कीमत तीन लाख रुपए से ज्यादा बताई गई है। अधिकारियों ने घी, पनीर, समोसे, चटनी और दूसरे खाद्य पदार्थों के सैंपल भी लिए हैं।

वहीं इस कार्रवाई का सबसे बड़ा मामला चंदन नगर के मुराई मोहल्ला स्थित सिंध डेयरी फार्म से जुड़ा है। यहां अधिकारियों को पनीर, दही और घी बनाते हुए मिलने के साथ दूध और डेयरी उत्पादों की थोक और रिटेल बिक्री भी मिली। जांच के दौरान निर्माण के लिए अलग से वैध लाइसेंस नहीं मिला। इसके बाद विभाग ने निर्माण का काम लाइसेंस मिलने तक बंद करा दिया।

सिंध डेयरी में बिना वैध निर्माण लाइसेंस बन रहे थे डेयरी प्रोडक्ट

दरअसल खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम जब सिंध डेयरी फार्म पहुंची तो वहां पनीर, दही और घी बनाने का काम किया जा रहा था। इसके साथ ही दूध, दही, पनीर और घी की थोक और रिटेल बिक्री भी चल रही थी। मौके पर प्रतिष्ठान प्रभारी दीपेश गुरनानी मौजूद थे। अधिकारियों की जांच में सामने आया कि डेयरी का लाइसेंस केवल थोक और रिटेल बिक्री के लिए था, जबकि खाद्य पदार्थों के निर्माण के लिए जरूरी वैध लाइसेंस उपलब्ध नहीं था।

जांच के दौरान घी प्लेन टिन में रखा मिला। उस पर खाद्य उत्पाद से जुड़ी जरूरी जानकारी दर्ज नहीं थी। अधिकारियों ने घी की खरीदी से संबंधित बिल भी मांगा, लेकिन मौके पर बिल प्रस्तुत नहीं किया गया। प्रतिष्ठान प्रभारी की ओर से बताया गया कि यहां कभी-कभी घी बनाया जाता है और मौके पर रखा घी बाहर से खरीदकर बिक्री के लिए लाया गया था।

149 किलो घी और 103 किलो पनीर जब्त

हालांकि विभाग ने यहां से घी और पनीर के दो सैंपल लिए। गुणवत्ता को लेकर संदेह के चलते करीब 149 किलो घी और 103 किलो पनीर जब्त कर लिया गया। इनकी जांच रिपोर्ट आने तक सामग्री विभाग की निगरानी में रहेगी। साथ ही बिना वैध निर्माण लाइसेंस के खाद्य पदार्थ बनाने पर निर्माण गतिविधि तत्काल बंद करा दी गई है।

पालदा और सियागंज में भी घी की बड़ी खेप जब्त

वहीं खाद्य सुरक्षा विभाग की दूसरी टीम ने पालदा बारदान मंडी स्थित नारायण इंटरप्राइजेज की जांच की। यहां किंग घी और राधा माधव घी के सैंपल लिए गए। मौके पर 15 किलो क्षमता के 17 डिब्बों में करीब 255 किलो घी रखा मिला। अधिकारियों ने गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर पूरी मात्रा को जांच रिपोर्ट आने तक जब्त कर लिया। जब्त घी की कीमत करीब 1.53 लाख रुपए बताई गई है।

इसके बाद टीम ने सियागंज स्थित मैसर्स कमलेश ट्रेडर्स का भी निरीक्षण किया। यहां महीसागर घी का सैंपल लिया गया, जिसे गुजरात के गांधीनगर स्थित तिरुपति फूड प्रोडक्ट का बताया गया है। जांच के दौरान करीब 28 किलो घी 56 यूनिट में रखा मिला। अधिकारियों ने इसे भी सील कर जब्त कर लिया और सैंपल को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू की।

इसी अभियान के दौरान कैलाश पार्क कॉलोनी, बड़ी ग्वालटोली स्थित आशुतोष बॉयज हॉस्टल की भी जांच की गई। यह निरीक्षण FoSCoS पोर्टल पर मिली शिकायत के आधार पर किया गया था। टीम ने हॉस्टल से कच्चे सामान और तैयार भोजन के कुल तीन सैंपल लिए। संचालक को किचन और परिसर में साफ-सफाई बेहतर रखने के निर्देश भी दिए गए।