महू में गोदाम की ग्रिल तोड़कर 300 किलो जिलेटिन और फ्यूज ले उड़े बदमाश, 15 सदस्यीय SIT जांच में जुटी
महू के बडगोंदा थाना क्षेत्र में विस्फोटक सामग्री चोरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दरअसल ग्राम सितापाट स्थित एक लाइसेंसी मैगजीन को निशाना बनाकर बदमाश बड़ी मात्रा में जिलेटिन और फ्यूज चोरी कर ले गए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक घटना 6 सितंबर की रात से 7 सितंबर की सुबह के बीच हुई। पुलिस ने […]
महू के बडगोंदा थाना क्षेत्र में विस्फोटक सामग्री चोरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दरअसल ग्राम सितापाट स्थित एक लाइसेंसी मैगजीन को निशाना बनाकर बदमाश बड़ी मात्रा में जिलेटिन और फ्यूज चोरी कर ले गए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक घटना 6 सितंबर की रात से 7 सितंबर की सुबह के बीच हुई। पुलिस ने इसे सामान्य चोरी नहीं बल्कि संवेदनशील मामला मानते हुए तुरंत विशेष जांच शुरू कर दी है।
वहीं गोदाम संचालक सूरज पाटीदार ने घटना की जानकारी पुलिस को दी जिसके बाद बडगोंदा थाने में मामला दर्ज किया गया। चोरी की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी गई।
महू विस्फोटक चोरी में कैसे हुई वारदात?
पुलिस के अनुसार बदमाश पहले गोदाम की लोहे की ग्रिल तोड़कर अंदर घुसे। इसके बाद वहां रखी करीब 300 किलो जिलेटिन और फ्यूज अपने साथ लेकर फरार हो गए। यह सामग्री आमतौर पर कुएं खोदने, खनन और निर्माण कार्यों में नियंत्रित तरीके से इस्तेमाल की जाती है। डीसीपी ग्रामीण उमाकांत चौधरी ने बताया कि चोरी गई सामग्री विस्फोटक श्रेणी में आती है इसलिए इसकी बरामदगी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
क्या बदमाशों को सामग्री की पहले से जानकारी थी?
दरअसल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बदमाशों को गोदाम और उसमें रखी सामग्री की पहले से जानकारी थी या उन्होंने मौके पर पहुंचकर वारदात को अंजाम दिया। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया है। पुलिस टीम ने गोदाम के आसपास के रास्तों, खेतों और संभावित भागने के मार्गों की भी जांच की है। साथ ही इलाके में आने-जाने वाले वाहनों और संदिग्ध लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
चोरी के बाद 15 सदस्यीय SIT सक्रिय
वहीं घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने 15 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इस टीम में अलग-अलग शाखाओं के अधिकारी और पुलिसकर्मी शामिल किए गए हैं जो तकनीकी और मैदानी दोनों स्तर पर जांच कर रहे हैं। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है ताकि संदिग्ध वाहनों और लोगों की पहचान की जा सके। इसके अलावा मोबाइल लोकेशन, स्थानीय सूचना तंत्र और अन्य तकनीकी साधनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि विस्फोटक सामग्री की चोरी को हल्के में नहीं लिया जा सकता। इसलिए पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि चोरी की गई सामग्री को कहीं अवैध इस्तेमाल के लिए तो नहीं ले जाया गया। फिलहाल पुलिस ने आसपास के थानों और संबंधित एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया है।
शकील अंसारी, इंदौर