भोपाल में धरने पर बैठे कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा हिरासत में, उमंग सिंघार ने लगाया तानाशाही का आरोप
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर धऱने पर बैठे कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। वे भोपाल में मंत्रालय के सामने धरने पर बैठे थे। इस मामले पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार […]
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर धऱने पर बैठे कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। वे भोपाल में मंत्रालय के सामने धरने पर बैठे थे। इस मामले पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर तानाशाही रवैये का आरोप लगाया है।
सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा “न्याय की आवाज दबाने के लिए किस हद तक गिरेगी मोहन सरकार ?” उमंग सिंघार ने सवाल किया कि क्या एक जनप्रतिनिधि का न्याय मांगना भी इस सरकार में अपराध हो गया है। उन्होंने इसे भाजपा सरकार का ‘‘तानाशाही रवैया और दमनचक्र’’ बताते हुए कहा कि जब तक कल्पना मिश्रा को न्याय और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, कांग्रेस इस मुद्दे को उठाती रहेगी।
क्या है मामला
26 अगस्त की रात रीवा के गांधी स्मारक अस्पताल में 25 वर्षीय कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत हो गई। कल्पना को 25 अगस्त को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 26 अगस्त रात महिला का सी-सेक्शन हुआ, जिसके कुछ समय बाद मां-बच्चे दोनों की मौत हो गई। मामले में परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। मौत से पहले का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कल्पना मदद की गुहार लगाती और अस्पताल से ले जाने की मांग करती नजर आईं। परिवार का आरोप है कि रिश्वत की मांग भी की गई थी और पर्याप्त देखभाल नहीं मिली। पिता रामशिरोमणि मिश्रा ने बाद में आरोप लगाया कि मामले को रफादफा करने के लिए पैसे का ऑफर भी आया।
इसके बाद प्रशासनिक कार्रवाई में कुछ नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों को निलंबित किया गया, अस्पताल अधीक्षक को हटाया गया तथा जांच कमेटियां गठित की गईं। मजिस्ट्रियल जांच और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने मामले की जांच शुरू की। परिवार और विपक्ष सीबीआई जांच, दोषियों पर हत्या की एफआईआर तथा स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
रीवा में सिरमौर चौक पर पिता का आमरण अनशन चल रहा था, जिसमें कांग्रेस नेता भी शामिल हुए। भोपाल में भी नागरिक संगठनों ने सीबीआई जांच की मांग को लेकर धरना दिया। कांग्रेस का आरोप है कि स्वास्थ्य मंत्री के अपने जिले में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली साफ दिख रही है और जवाबदेही तय नहीं हो रही।
उमंग सिंघार ने सरकार पर लगाया तानाशाही का आरोप
इसी मुद्दे को लेकर भोपाल में सेमरिया कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा मंत्रालय के सामने धरने पर बैठे थे और पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस घटना पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा सरकार को घेरा है। उन्होंने पूछा कि क्या एक जनप्रतिनिधि का न्याय मांगना भी इस सरकार में अपराध हो गया है? उन्होंने कहा कि भाजपा का यह तानाशाही रवैया और दमनचक्र अब ज्यादा दिन नहीं टिकेगा। कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार और जिला प्रशासन यह अच्छी तरह कान खोलकर सुन ले, जब तक कल्पना मिश्रा जी को न्याय नहीं मिल जाता और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती तब तक कांग्रेस पार्टी इस आवाज को और बुलंद करती रहेगी।
न्याय की आवाज दबाने के लिए किस हद तक गिरेगी मोहन सरकार ?
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में कल्पना मिश्रा जी की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर मंत्रालय के सामने कांग्रेस विधायक श्री अभय मिश्रा जी धरने पर बैठे थे, जिन्हें पुलिस ने जबरन हिरासत में ले लिया। क्या एक जनप्रतिनिधि… pic.twitter.com/y79wrA7YZX
— Umang Singhar (@UmangSinghar) September 9, 2026