इंदौर नगर निगम को कांग्रेस ने घेरा, नामांतरण घोटाले और सड़कों की बदहाली पर उठाए सवाल

इंदौर नगर निगम में नामांतरण घोटाले से लेकर सड़कों के गड्ढों तक के मामलों को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। शहर कांग्रेस ने नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट के नेतृत्व में निगम कमिश्नर को एक ज्ञापन सौंपकर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि शहर में आम जनता परेशान है और जिम्मेदार

Aug 14, 2026 - 08:30
इंदौर नगर निगम को कांग्रेस ने घेरा, नामांतरण घोटाले और सड़कों की बदहाली पर उठाए सवाल

इंदौर नगर निगम में नामांतरण घोटाले से लेकर सड़कों के गड्ढों तक के मामलों को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। शहर कांग्रेस ने नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट के नेतृत्व में निगम कमिश्नर को एक ज्ञापन सौंपकर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि शहर में आम जनता परेशान है और जिम्मेदार अधिकारी आंखें बंद करके बैठे हैं। ज्ञापन में नामांतरण घोटाले, सड़कों के गड्ढों, टैक्स भुगतान में चेक पर रोक, नगर निगम के बगीचे में अंतिम संस्कार और कर्मचारियों के नियमितीकरण सहित पांच प्रमुख मुद्दों पर कार्रवाई की मांग की गई है।

नगर निगम के राजस्व विभाग में सामने आया नामांतरण घोटाला बेहद गंभीर है। इस घोटाले का खुलासा हुए दो महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पहले निगम की ओर से एक जांच कमेटी बनाई गई थी, जिसे 15 दिनों में अपनी रिपोर्ट देनी थी। दो महीने बीत जाने के बाद भी न तो रिपोर्ट का पता है और न ही दोषियों पर कोई कार्रवाई हुई है। जिन अधिकारियों की आईडी का इस्तेमाल करके यह पूरा मामला किया गया, उनकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। अधिकारी यह कहकर अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते कि उन्हें अपनी आईडी के इस्तेमाल की जानकारी नहीं थी। कांग्रेस ने मांग की है कि जांच रिपोर्ट का इंतजार किए बिना ही इन लापरवाह अधिकारियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए।

सड़कों के गड्ढों और पेंचवर्क पर भी सवाल

स्वच्छता में नंबर वन रहने वाला इंदौर शहर अब गड्ढों वाले शहर के रूप में पहचाना जा रहा है। बारिश से पहले लाखों रुपये खर्च करके सड़कों का पेंचवर्क कराया गया था, लेकिन पहली बारिश के बाद ही सड़कों पर दोबारा बड़े-बड़े गड्ढे हो गए। कांग्रेस का कहना है कि यह पेंचवर्क के घटिया काम को दिखाता है। कांग्रेस ने मांग की है कि जिन ठेकेदारों ने पहले यह घटिया काम किया था, उन्हीं से बिना किसी अतिरिक्त भुगतान के दोबारा सड़कों के गड्ढे भरवाए जाएं। इसके साथ ही इन लापरवाह ठेकेदारों पर भारी जुर्माना भी लगाया जाना चाहिए, क्योंकि इन गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं और वाहन चालक परेशान हैं।

राजस्व विभाग के अपर आयुक्त आकाश सिंह ने एक लाख रुपये से कम के टैक्स भुगतान के लिए चेक स्वीकार नहीं करने का आदेश जारी किया है। कांग्रेस ने इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस का आरोप है कि यह एक नीतिगत फैसला है और अपर आयुक्त अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर ऐसा निर्णय नहीं ले सकते। यह महापौर परिषद के अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। इस आदेश को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए और मनमाने तरीके से आदेश जारी करने वाले अपर आयुक्त आकाश सिंह के खिलाफ सिविल सेवा नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही इस मामले की पूरी जानकारी राज्य सरकार को भेजकर इसे उनकी गोपनीय चरित्रावली में दर्ज किया जाना चाहिए।

बगीचे में अंतिम संस्कार और कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा

नेमी नगर स्थित नगर निगम के सार्वजनिक बगीचे में अंतिम संस्कार किए जाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सार्वजनिक उद्यान में इस तरह की घटना होना बेहद गंभीर लापरवाही है। कांग्रेस ने इस मामले में संबंधित उपयंत्री, उद्यान दरोगा और जोनल अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर उन पर कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही रहवासी संघ के पदाधिकारियों और अंतिम संस्कार करने वाले लोगों के खिलाफ जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने के आरोप में आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाना चाहिए।

नगर निगम में कर्मचारियों की भारी कमी है, इसके बावजूद करीब 2 हजार मस्टर कर्मचारियों के विनियमितीकरण का मामला अटका हुआ है। लंबे समय से काम कर रहे इन कर्मचारियों के हित में जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए। कांग्रेस ने सभी पात्र मस्टर कर्मचारियों की वरीयता सूची जारी कर उन्हें जल्द नियमित करने की मांग की है। इसके साथ ही पहले विनियमित किए जा चुके 3709 कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के अनुसार महंगाई भत्ते का लाभ भी तुरंत देने की मांग की गई है।